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एक रेप पीड़िता की आपबीती

दुष्कर्म या बलात्कार के ज्यादातर मामले लोकलाज के भय से या तो दबा दिए जाते हैं या उन की रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, लेकिन दुष्कर्म के बाद जो मानसिक पीड़ा या त्रासदी महिला को झेलनी पड़ती है वह अकल्पनीय है. सब से बड़ा सवाल यह है कि एक बलात्कारी किन मानसिक परिस्थितियों में इस तरह के कुकृत्य को अंजाम देता है? क्या वह उस के बाद होने वाले परिणामों को भूल जाता है या फिर उन के बारे में सोचता ही नहीं.

देश के सुदूर ग्रामीण आदिवासी इलाकों में उच्चजाति के लोगों द्वारा दलित आदिवासी महिलाओं की अस्मत लूटने और उन्हें जिंदा जलाए जाने की खबरें सुर्खियां बनती रहती हैं पर पीड़ाजनक स्थिति तब होती है जब ऐसे लोग अपने कुकृत्यों का सरेआम ढिंढोरा पीटते हैं.

आप भी पढ़िए कि एक रेप पीड़िता को कितनी मुश्किल मानसिक हालात का सामना करना पड़ता है…

 

ज्यादातर रेप पीड़ितों की तरह मुझ पर भी जिसने यौन हमला किया था, उससे मेरे पहले ही अंतरंग रिश्ते थे. उस आदमी के साथ मैं एक रात रुकी थी. महीनों बाद वह कोकीन के नशे में मेरे घर पर शाम में पांच बजे आया. उसने कुंडी से दरवाजा खटखटाया. अंदर घुसते ही उसने मुझे बिस्तर पर खींच लिया. उसने धमकी दी कि मैं चिल्लाई तो वह मुझे मार देगा.

रेप पीड़ितों से अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि तुमने प्रतिकार क्यों नहीं किया. इस सवाल के अंतहीन जवाब हो सकते हैं. मेरे लिए पहला सामान्य जवाब यह था: प्रतिकार करना जोखिम से भरा था. मैंने अपने गुल्लक से उसके सिर पर मारने के बारे में सोचा था, लेकिन वह डील-डौल में मुझसे दोगुना था. अगर वह काम नहीं करता हो क्या होता? आप उससे भिड़ते या हार मान लेते. क्या उसके बाद और बुरा नहीं होता?

मैं दो घंटों तक फंसी रही. आखिर में मैंने नाटक किया, मैंने उसे खुद के पहनने के लिए अंडरवियर लाने को कहा. उसका ध्यान बंटा तो मैं बच निकली. मैं डर के कारण इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर अनिच्छुक थी, लेकिन मैं अन्य महिलाओं की रक्षा के लिए आगे आई. दुर्भाग्य से मुझे उस भय का अहसास हुआ. इस मामले की जांच हमले की तरह प्रताड़नापूर्ण थी.

मैं ट्रांसजेंडर हूं और उस वक्त बदलाव के शुरुआती दौर में थी. मेरे स्तन छोटे थे. मैंने अपने पैरों से बाल हटाना शुरू ही किया था. इसलिए मेरी त्वचा रुखी थी. किसी ने बताया था कि मुझे स्किन की परत हटानी चाहिए. अगली सुबह मैंने महसूस किया कि वे मुझे लेकर धारणा बना रहे हैं. मुझे लग रहा था कि मैं सचमुच हठी हूं. मैं इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी कि पूरी रात बाहर नहीं रह सकती. यहां तक कि मैं घर से बाहर भी नहीं जा सकती. मेरा हठ इसलिए भी था क्योंकि मैं दोषी नहीं थी.

जब तक मुझसे पूछताछ हुई थी तब लगा कि मैं पूरी तरह से खुल नहीं सकती. मैं नहीं चाहती थी कि यह बात किसी को बताऊं कि हमलावर के साथ एक रात रुक चुकी थी. ये 2010 की बात थी. मैं इस केस में जितना कर सकती थी उतना किया, लेकिन पुलिस उसे खोज नहीं पाई.

मैंने इस बारे में अपने फ्लैटमेट्स और दोस्तों के सिवा किसी को नहीं बताया. डीएनए के लिए मेरे घर की तलाशी ली गई थी. मैं ढोंग करना चाहती थी कि ऐसा हुआ ही नहीं है. मैं खुद को समझा रही थी कि उस स्थिति के लिए मैं ज़िम्मेदार हूं. मैं इस शर्मिंदगी के साथ लंबे समय तक रही.

सारी गड़बड़ी इसी से हुई. एक वक्त मुझे लगा कि मेरे उस अनुभव के कारण सबकुछ प्रभावित हो रहा है. मैं खुद को कैसे देखूं, लोगों पर भरोसा कैसे करूं, मैं अपने पार्टनर के साथ यौन संबंधों में किस कदर सक्षम होऊंगी और सेक्स में मेरे लिए इंजॉय क्या होगा? मुझे पता था कि अपने जख्मों के साथ जीने के मुकाबले उसका सामना करने की जरूरत है.

मैंने अपने दोस्तों पर भरोसा करना शुरू किया. ये ऐसे लोग थे जिन्हें समान अनुभवों को झेलना पड़ा था. यहां मुझे काफी सांत्वना मिली. हमने इससे मुकाबला करने के लिए रणनीतियों को साझा किया.

यहां से मुझे हिम्मत मिली. उन्होंने कहा कि जो हुआ उसका सामने करने के बजाय मैं भाग रही हूं और इससे मुश्किल कम नहीं होगी. लेकिन मैं तब भी लोगों को बताने में शर्मिंदगी महसूस कर रही थी. मैं नहीं चाहती थी कि कोई मुझे पीड़ित, अश्लील और लापरवाह के रूप में देखे.

हाल ही में मैंने अपने अनुभवों को साझा करना शुरू किया. जब मैंने लोगों से कहना शुरू किया तो और लोगों ने अपने इसी तरह के अनुभवों को साझा किया. मुझे लगा कि यह केवल मेरी समस्या नहीं है. लेकिन ऐसा करने के बाद मुझे थोड़ी राहत भी मिली क्योंकि मैं अकेली नहीं थी.

मुझे लगा कि यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के प्रति समाज का व्यवहार बिल्कुल ठीक नहीं है. हमलोग सामाजिक कलंक के कारण खामोश रहते हैं. हमें इस मामले में खुलकर सामने आना चाहिए और एक-दूसरे को मदद करनी चाहिए.

एक समाज के रूप में इन सब चीज़ों पर खुलकर बात करनी चाहिए ताकि सभी को समझ में आए कि आप कामुक हो सकते हैं और आप बिना शर्म और डर के सेक्स कर सकती हैं, लेकिन रेप सेक्स नहीं है. यह ताकत का गलत इस्तेमाल है. कोई चाहे बुर्का, मिनीस्कर्ट, सूट या पायाजमा पहने, ये रेप की वजह नहीं हो सकते.

मैं अब भी इसके समाधान पर काम कर रही हूं. अब भी वह समय है जब मैं लोगों को अपने कदम के बारे में बताऊं. एक वह वक़्त था जब मैं ख़ुद को ही दोषी ठहरा रही थी. मैं अब खुद को दोषी नहीं ठहराती.

 

तो ये थी एक रेप पीड़िता की आपबीती.

हमें चाहिए कि इन दुराचारियों को किसी भी स्तर पर बिलकुल न सराहें और न सहें. इन्हें बढ़ावा तभी मिलता है जब हम मौन साध लेते हैं. हमारी दहाड़ इन के हौसले पस्त करेगी. सामाजिक और पारिवारिक बहिष्कार से ये अलगथलग पडे़ंगे और इन का वहशीपन कमजोर पड़ेगा. ऐसे प्रयास सिर्फ अपराधियों की तरफ से ही नहीं करने होंगे बल्कि हमें महिलाओं का पक्ष भी मजबूत करना होगा. दुष्कर्म की शिकार पीडि़ताओं के लिए स्वाभिमान कार्यक्रम चलाने होंगे. उन के भीतर के ग्लानि और कुंठा के भाव को स्नेह व प्रेम से निकाल ना होगा. उन्हें समाज व परिवार में दोबारा उचित स्थान दिलाने के लिए उन का मनोबल बढ़ाना होगा. तभी हम इन बलात्कारियों को मजबूत इरादों वाली महिलाओं से टक्कर दे सकेंगे. बलात्कारियों का बहिष्कार और पीडि़ताओं की सम्मानजनक वापसी उन के होश ठिकाने लगाने का सब से बड़ा मूलमंत्र है.

एकता के ऐप में धमाकेदार शो

छोटे परदे की दुनिया में सास-बहू के ड्रामे और अलग तरह की प्यार-मोहब्बत की कहानियों के जरिए अपना अलग मुकाम हासिल करने वाली प्रड्यूसर एकता कपूर ने अपने प्रॉडक्शन में कई बेहतरीन फिल्मों का भी निर्माण किया है. बदलते समय के साथ एकता की बालाजी टेलिफिल्म्स लिमिटेड अब डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में भी अपने ऐप ऑल्ट बालाजी के साथ कदम रखने जा रही हैं.

अलग-अलग कहानियों के साथ भारतीय दर्शकों तक आसानी से पहुंचने के उद्देश्य से एकता अब ऑल्ट बालाजी नाम का एक डिजिटल ऐप लेकर आ रही हैं. बालाजी टेलीफिल्म्स के इस ऐप पर राम कपूर और साक्षी तनवर स्टारर वेब सीरीज 'करले तू भी मोहब्बत', निम्रत कौर और जूही चावला स्टारर 'द टेस्ट केस', सहित कई और शो जैसे 'वंस अपॉन ए नाइट', 'देव डीडी', 'रोमिल एंड जुगल' और 'बॉयगिरी' जैसे वेब सीरीज देखने को मिलेंगे.

'ऑल्ट बालाजी देश और दुनियाभर के डिजिटल मनोरंजन क्षेत्र में नेतृत्व हासिल करना चाहता है. औपचारिक रूप से ऐप को अप्रैल 2017 में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में लॉच कर दिया गया है. अन्य किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इससे पहले ऐसी कोई पहल नहीं की है. रिपोर्ट के मुताबिक एकता कपूर ने ऐप के कन्टेट को भारतीय दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर बनाया हैं.'

टी20 में 10 हजार रन बनाने वाले गेल की 5 आतिशी पारियां

आईपीएल 10 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेलते हुए क्रिस गेल टी-20 में 10 हजार रन पूरा करने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बन गए हैं. क्रिकेट की दुनिया में क्रिस गेल अपनी धुंआधार बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. टी20 में उनका स्ट्राइक रेट 149 का है.

अगर डॉन ब्रेडमैन, सुनील गावस्कर, विवियन रिचर्ड्स, सिचन तेंदुलकर, रिकी पोंटिंग और ब्रायन लारा ने टेस्ट तथा वनडे क्रिकेट में खेलने का एक नया अंदाज विकसित किया तो क्रिस गेल ने वही काम टी20 क्रिकेट में किया है.

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेलने वाले क्रिस गेल टी20 में एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है. टी20 क्रिकेट में एक बल्लेबाज के नाम जितने बड़े रिकॉर्ड होने चाहिए वो सब इस जमैकन बल्लेबाज के नाम दर्ज हैं. वह 290 टी20 मैच खेल कर सबसे ज्यादा शतक (18) और 60 अर्धशतक के साथ 10,000 रन बना चुके हैं.

दुनिया भर में होने वाले टी20 लीग में खेलने वाले क्रिस गेल से जब आईपीएल के बारे में पूछा गया कि वो इस टूर्नामेंट को वह किस नंबर पर रखना चाहेंगे? तो क्रिस गेल का जवाब था, ‘आईपीएल पहले नंबर पर है. इसमें कोई मतभेद नहीं है. मुझे लगता है कि आईपीएल ही दुनिया का नंबर एक क्रिकेट लीग है. बाकि सब दूसरे और तीसरे स्थान पर आते हैं.’

इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे खास बात ये है कि इसमें दुनिया भर के टैलेंटेड खिलाड़ी एकसाथ खेलते हैं. भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी खिलाड़ियों ने भी आईपीएल में अपनी छाप छोड़ी है. कई विदेशी खिलाड़ियों ने भारतीयों के दिल में जगह बनाई है. लेकिन इन सबमें क्रिस गेल एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जो अपनी लोकप्रियता को अलग लेवल तक लेकर गए. अपनी तूफानी पारियों और लंबे-लंबे छक्कों की वजह से उनके भारत में करोड़ों फैन हो गए हैं.

आईपीएल में भी गेल खासे सफल रहे हैं. आईपीएल के दसवें सीजन तो उनके लिए खास साबित हो ही रहा है लेकिन अब तक के 9 सीजन में भी उन्होंने अपने नाम का परचम लहराया है. अब तक 9 सीजन में वो 5 शतक लगा चुके हैं.

गेल ने तो वैसे आईपीएल में कई बेहतरीन पारियां खेली हैं लेकिन उनकी कुछ पारियां ऐसी रही हैं जो कि लोगों के जेहन में आज भी ताजा हैं. तो आइए जानते हैं गेल के उन 5 तूफानी पारियों के बारे में.

66 गेंदों पर 175 रन की पारी

2013 के आईपीएल सीजन में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ मैच में गेल ने तूफानी पारी खेली. बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में उन्होंने पुणे के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए 66 गेंदों पर 175 रन बना डाले.

गेल की तूफानी पारी का आलम ये था कि मात्र 30 गेंदो पर ही उन्होंने शतक जड़ दिया जो कि आईपीएल का अब तक का सबसे तेज शतक है. गेल ने यूसुफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 2010 के सीजन में 37 गेंदों पर शतक बनाया था. गेल ने अपनी 175 रनों की पारी में 13 चौके और 17 लंबे-लंबे छक्के लगाए.

62 गेंद पर 128 रन की पारी

2012 के सीजन के बारे में कहा जा सकता है कि ये सीजन बल्लेबाजों के नाम रहा. कई बल्लेबाजों ने रन बनाए. गेल भी इसमें पीछे नहीं रहे. दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ आतिशी पारी खेली.

क्रिस गेल ने मैच में 62 गेंदों पर 13 शानदार छक्कों की मदद से 128 रन बनाए. गेल अगर अपनी लय मे हों तो कोई भी बाउंड्री उनके लिए बड़ी नहीं है, कोटला की बाउंड्री फिर भी छोटी थी. इसलिए गेल को छक्के लगाने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

49 गेंदो पर 107 रनों की पारी

2011 के सीजन में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ क्रिस गेल ने अपना दूसरा शतक लगाया. किंग्स इलेवन के गेंदबाजों के पास गेल की बल्लेबाजी का कोई तोड़ नहीं था. विस्फोटक पारी खेलते हुए गेल ने 49 गेंदो पर 107 रन बनाए. उनकी इस पारी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने निर्धारित 20 ओवर में 205 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. गेल ने अपनी 107 रनों की पारी के दौरान 9 छक्के और 10 चौके जड़े.

47 गेंदो पर 89 रन की पारी

2011 के आईपीएल सीजन में दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में क्रिस गेल की बल्लेबाजी ने मुंबई इंडियंस की टीम को संभलने का मौका ही नहीं दिया. मुंबई इंडियंस ने अनुभवी लसिथ मलिंगा की जगह अबू नचीम से गेंदबाजी की शुरुआत कराई. यही पर मुंबई इंडियंस से बड़ी चूक हो गई और गेल ने ताबड़तोड़ पारी खेलकर मुंबई की टीम को मैच में आने का मौका ही नहीं दिया.

पहले ही ओवर से क्रिस गेल ने अपने शॉट खेलने शुरु कर दिए. गेल ने 9 चौके और 5 छक्कों की मदद से 47 गेंद पर 89 रन बनाए. गेल की विस्फोटक पारी की बदौलत आरसीबी ने 20 ओवर में 185 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया जिसे मुंबई की टीम हासिल नहीं कर सकी.

48 गेंदो पर 81 रन की पारी

183 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए गेल की पारी ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को मैच में बनाए रखा. गेल ने 48 गेंदों पर 81 रनों की शानदार पारी खेली. राहुल शर्मा के एक ओवर में गेल ने 5 छक्के जड़कर मैच का रुख पूरी तरह से पलट दिया.

हालांकि गेल आरसीबी के मैच जीतने के काफी पहले आउट हो गए लेकिन अपनी तूफानी पारी से उन्होंने टीम के लिए मोमेंट्म सेट कर दिया.

अब देखना यह होगा की आईपीएल के इस दसवें सीजन में गेल का बल्ला ऐर क्या क्या कमाल दिखाता है.

फेलोशिप के द्वारा आप पा सकते हैं रोजगार

अगर आप समाज की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं या गांवों की सूरत बदलने में मदद करना चाहते हैं, तो अब आप आसानी से ये काम कर सकते हैं. इस काम को करने के लिए आपको न सिर्फ ट्रेनिंग दी जाएगी है, बल्कि आप हर महीने 28 से 30 हजार रुपए तक की कमाई भी कर सकते हैं.

कुछ ऐसी फेलोशिप, जिनके जरिए आप गरीब, पिछड़े और आम लोगों की जिंदगी बदलने में मदद कर सकते हैं. आप बच्‍चों को पढ़ाने में माहिर हैं या ग्रामीण भागों में काम करने की इच्‍छा रखते हैं, तो ये फेलोशिप लेने पर आप विचार कर सकते हैं. इन फेलोशिप में जहां कुछ सरकार की तरफ से शुरू किए गए प्रोग्राम हैं, तो कुछ एनजीओ और प्रतिष्ठित बिजनेस हाउसेज की तरफ से शुरू की गई हैं.

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन फेलोशिप

अलाउंस : 28 हजार रुपए महीना

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन फेलोशिप के तहत आपको ग्रामीण क्षेत्र में काम करने का मौका मिलता है. यह दो साल का फेलोशिप प्रोग्राम है.

इस दौरान पहले साल आपको ग्रामीण भाग में काम करने के लिए तैयार किया जाता है. दूसरे साल आपको फील्‍ड में काम करना होता है. दूसरे साल में आपको बच्‍चों को पढ़ाने की जिम्‍मेदारी भी सौंपी जा सकती है. इसके अलावा ग्रामीण विकास के अन्‍य कई काम में भी आपकी मदद ली जा सकती है.

इस फेलोशिप का फायदा ये भी है कि अगर दो साल के दौरान आपका प्रदर्शन अच्‍छा रहा, तो आपको फाउंडेशन के साथ नौकरी करने का मौका भी मिल सकता है.

टीच फॉर इंडिया फेलोशिप

सैलरी : 17,500 रुपए महीना

भारत में गरीब और पिछड़े परिवार के बच्‍चों की शिक्षा के लिए काम करने वाली टीच फॉर इंडिया संस्‍था यह फेलोशिप देती है.

दो साल की इस फेलोशिप के तहत आपको मुंबई, दिल्‍ली, चेन्‍नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में पढ़ाना होता है.

इस दौरान आपको वहीं रहने की जरूरत पढ़ेगी. संस्‍था की तरफ से सैलरी के अलावा 5500 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक रेंट अलाउंस भी मिलता है.

गांधी फेलोशिप

अलाउंस : 14000 रुपए महीना

गांधी फेलोशिप का भी दो साल का फेलोशिप प्रोग्राम है. इसके तहत आपको ग्रामीण भागों में हेडमास्‍टर के साथ मिलकर स्‍कूलों की सूरत बदलने में मदद करनी होती है.

दो साल के दौरान हर फेलो के हिस्‍से 5 स्‍कूल रहते हैं. जहां उसे स्‍कूल के हेडमास्‍टर के साथ मिलकर उसकी स्थिति सुधारने के साथ ही बच्‍चों को पढ़ाने में मदद करनी होती है.

इस फेलोशिप में हर महीने 14 हजार रुपए का ग्रांट मिलने के अलावा 600 रुपए का फोन अलाउंस के साथ ही ट्रांसपोर्ट और रेंट अलाउंस भी दिया जाता है.

एसबीआई यूथ फेलोशिप

अलाउंस : 15000 रुपए महीना

एसबीआई यूथ फेलोशिप एक 13 महीने का प्रोग्राम है. इसके तहत ग्रेजुएट और यंग प्रोफेशनल्‍स को अनुभवी एनजीओ के साथ मिलकर गांवों में काम करने का मौका दिया जाता है.

इसके जरिए युवा न सिर्फ एंटरप्रेन्‍योरशिप की कला सीखते हैं, बल्कि उन्‍हें कई प्रोजेक्‍ट्स को लीड करने का भी मौका मिलता है. इन प्रोजेक्‍ट्स से आप गांवों की स्थिति बदलने में मदद कर सकते हैं.

इसके तहत आपको न सिर्फ 15000 रुपए का हर महीने अलाउंस मिलता है. इसके अलावा फेलोशिप खत्‍म होने पर 30 हजार का रीएडजस्‍टमेंट अलाउंस भी दिया जाता है.

विलियम जे. क्लिंटन फेलोशिप

अलाउंस : स्‍टाइपेंड के साथ ही रेंट व ट्रैविलंग अलाउंस

अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन (एआईएफ) की तरफ से दी जाने वाली विलियम जे. क्लिंटन फेलोशिप भारतीयों और अमेरिकी नागरिकों के लिए खुली है.

इसके तहत भारत के अलग-अलग गांवों में फेलोशिप लेने वालों को काम करना पड़ता है. इसमें बच्‍चों को पढ़ाने से लेकर ग्रामीण विकास से जुड़े कामों में आपको हाथ बंटाना होता है.

एआईएफ की वेबसाइट के मुताबिक हर महीने फेलोशिप लेने वाले को स्‍टाइपेंड दिया जाता है. इसके साथ ही ट्रैवलिंग और रेंट अलाउंस भी संस्‍था की तरफ से दिया जाएगा.

आपके इन लेन-देन पर है आयकर विभाग की नजर

क्या आप जानते हैं कि अगर अब आप बैंक में ज्यादा पैसा ट्रांसफर करते हैं, या फिर आप अपने खाते में एक निश्चित राशि से अधिक रकम जमा करते हैं तो इसकी सूचना, अपने आप ही आयकर विभाग को चली जाती है. इसमें शेयर की खरीद, मकान खरीदी, म्यूचुअल फंड डिपॉजिट्स, क्रेडिट कार्ड से तय सीमा से अधिक की खरीददारी आदि शामिल हैं. ज्यादा का ट्रांजैक्शन होने पर इनकी रसीद आयकर विभाग के पास चली जाती है और यह सूचना आपके बैंक द्वारा आयकर विभाग को दी जाती है.

इसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं है, हम .हां आपको बताएंगे कि वो कौन से ऐसे ट्रांजेक्शन्स हैं जो सीमा से अधिक होने पर, ये सूचना आयकर विभाग को दी जाती है…

1. अचल संपत्ति

अगर आप 30 लाख रुपए से अधिक की राशि से अचल संपत्ति की खरीददारी करते हैं या फिर इसे बेचते हैं तो इस खरीददारी की जानकारी आयकर विभाग को बैंक द्वारा दे दी जाती है.

2. कैश डिपॉजिट

अगर आपके सेविंग्स अकाउंट (बचत खाता) में 10 लाख रुपए से अधिक की राशि एक साथ जमा होती है तो इसकी सूचना बैंक द्वारा इनकम टैक्स विभाग को दे दी जाती है.

3. करंट अकाउंट में कैश डिपॉजिट

अगर किसी व्यक्ति के करंट अकाउंट में 50 लाख या उससे ज्यादा की रकम निकाली जाती है या फिर जमा की जाती है तो इसकी सूचना आयकर विभाग के अधिकारियों तक भेजी जाती है.

4. बैंक ड्राफ्ट

अगर आप किसी तरह की खरीदारी या फिर भुगतान, बैंक ड्राफ्ट द्वारा करते हैं और ये राशि यदि 2 लाख रुपए या उससे अधिक है तो इसकी जानकारी बैंक द्वारा इनकम टैक्स अधिकारियों को दे दी जाती है.

5. फाइनेंशियल सुरक्षा

अगर कोई व्यक्ति शेयर बाजार, म्युचूअल फंड, शेयर बॉन्ड आदि में निवेश करता है और वह राशि एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक होती है तो इसके ट्रांजेक्शन की सूचना आयकर विभाग को दी जाती है.

6. क्रेडिट कार्ड

अगर आप एक वित्तीय वर्ष में अपने क्रेडिट कार्ड से 2 लाख रुपए से अधिक की खरीदारी या फिर भुगतान कर लेते हैं तो इसकी सूचना आयकर विभाग तक पहुंचायी जाती है.

7. गोल्ड ईटीएफ

अगर कोई व्यक्ति गोल्ड ईटीएफ में एक लाख रुपए से अधिक का निवेश करता है तो इस निवेश की जानकारी तुरंत आयकर विभाग को दी जाती है.

8. म्युचूअल फंड

अगर आप एक निवेशक के तौर पर म्यूचुअल फंड में 2 लाख रुपए से अधिक का निवेश करते हैं तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दे दी जाती है.

9. शेयर बाजार में निवेश

अगर कोई निवेशक शेयर बाजार में 1 लाख रुपए से अधिक का निवेश करता है तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाती है.

सावधान इंडिया : इस वीडियो से आप भी लें सबक

सावधान इंडिया भारत में होने वाली सच्ची आपराधिक घटनाओं पर आधारित एक कार्यक्रम है. जिसे लोगों ने काफी पसंद किया है. शुरू में इस कार्यक्रम को स्टार प्लस पर प्रसारित किया जाने वाला था. लेकिन बाद में इसे लाइफ ओके पर प्रसारित किया गया. सावधान इंडिया की सबसे खास बात यह है कि ये देश में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर आधारित कार्यक्रम है जो लोगों को हमेशा सावधान और सुरक्षित रहने की सीख देता है. इस कार्यक्रम के जरिये महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और समाज में मौजूद खतरों के प्रति लोगों को सचेत और सावधान रहने का संदेश दिया जाता है.

सावधान इंडिया देश में बलात्कार के बढ़ते मामलों पर लोगों को सोचने और इसके प्रति सावधान रहने का संदेश देता हैं. यह भारत में सच्ची आपराधिक घटनाओं और पीड़ितों के संघर्ष की कहानी को दिखता है, ताकि उनके द्वारा झेले गए कष्टों के एवज में उन्हें न्याय मिल सके.

लाइफ ओके पर आने वाले इस प्रोग्राम को शुरु से ही काफी पसंद किया गया है. इसका हर एपिसोड हमारे आस-पास होने वाली वास्तविक घटनाओं पर आधारित होता है. आपको बता दें कि सावधान इंडिया ने दिल्ली के चर्चित गैंग रेप कांड निर्भया पर भी एक ऐपिसोड बनाकर महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचार पर लोगों का ध्यान खींचा था.

टीवी के सबसे फेमस क्राइम शो ‘सावधान इंडिया’ के लिए लाइफ ओके के निर्माताओं ने एक नया ऐंथम रिलीज किया है. जिसे लोगों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है. ‘सावधान इंडिया’ के इस नए ऐंथम के जरिए लोगों को जागरूक रहने की सीख दी जा रही है. सुशांत सिंह द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस शो में सुरक्षा और सतर्कता के मुद्दों को उठाया गया है. शो में खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जाता है.

शो ने अपना एक नया ऐंथम रिलीज किया है जिसका वीडियो देखकर आप भी अपनी और अपनों की सुरक्षा के प्रति सचेत हो जाएंगे. गौरतलब है कि लाइफ ओके पर प्रसारित होने वाले इस शो में अपराधों की सच्ची घटनाओं को दिखाये जाने के साथ साथ इसमें यह भी दिखाया जाता है कि कैसे पीडि़त ने खुद को बचाया और अपने हक और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ी.

आप भी देखिए, ‘सावधान इंडिया’ का ये ऐंथम…

1 गेंद पर 20 रन ! यकीन नहीं आता तो देखिए वीडियो

क्रिकेट अनिश्चिताओं और रोमांच का खेल है. इस खेल में कब क्या हो जाए ये कहा नहीं जा सकता. क्रिकेट के खेल में अंतिम समय तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता, कभी जीतने वाली टीम हार जाती है तो कभी हारने वाली टीम भी जीत जाती है. क्रिकेट की दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है.

ऐसा कई बार देखा भी गया है जब टीम ने अंतिम समय में जीत अपने नाम किया है. जी हां लेकिन आपने कभी 1 गेंद पर 20 रन बनते हुए नहीं सुना और देखा होगा. ऐसा ही कुछ हुआ जब जीत के लिए अंतिम गेंद पर 20 रनों की जरुरत थी और बल्लेबाज ने ये असंभव लगने वाले इस काम को भी अपने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से दम पर पूरा कर दिखाया.

जी हां, बिग बैश लीग में ट्रेविस बर्ट नाम के बल्लेबाज ने नामुमकिन से लगने वाले इस काम को पूरा कर दिखाया. उन्होंने एक गेंद पर अपनी टीम के लिए 20 रन बना डाला. दरअसल बर्ट ने बिग बैश लीग में एक गेंद पर छक्का जड़ा उसके बाद गेंदबाज क्लिंट मैकाय ने दो बार नो बॉल गेंद फेंक डाली और उन दोनों ही गेंदों पर बल्लेबाज बर्ट ने दो लगातार छक्के जड़ दिए.

दरअसल यह मैच बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स और होबार्ट हरिकेंस के बीच खेला जा रहा था. कई अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके क्लिंट मैकॉय ने बर्ट के पैरों के पास एक लो फुल टॉस फेंकी और बर्ट ने उस गेंद को स्टेडियम के पार पहुंचा दिया. इस छक्के के बाद वो इतना घबरा गए कि अगली दो गेंद भी नो बॉल फेंक डाली और उन दो गेंदों पर भी ट्रेविस ने दो छक्के जड़ दिए और इसके बाद उनके खिलाफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया.

आलू की सरकारी खरीद से कितने खुशहाल होंगे किसान

गेहूं और धान की सरकारी खरीद के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार आलू की सरकारी खरीद करने की घोषणा कर चुकी है. उत्तर प्रदेश सरकार किसानों से 4 रुपये 87 पैसे प्रति किलो की दर से आलू खरीदेगी. इस आलू का साइज तय है. जिससे किसानों का आधा आलू तो इस साइज के मापदंड पर ही खरा नहीं उतर पायेगा. सरकार की घोषणा के 10 दिन बाद तक सरकारी अमला इस खरीद को अमली जामा नहीं पहना सका है. किसानों के पास रखा आलू उमस से सड़ने लगा है. शासन स्तर पर अभी तक न तो कोई क्रय एजेंसी तय हो पाई है और न ही यह पता चला है कि सरकारी खरीदे गये आलू का कहीं भंडारण करेगी या उसे सीधे बाजार में बेच देगी. किसानों में इस योजना को लेकर भ्रम के हालात है.

उत्तर प्रदेश में इसके पहले भी धान और गेहूं की सरकारी खरीद बड़े पैमाने पर होती है. इसका समर्थन मूल्य भी बढ़ता रहता है. इसके बाद भी धान और गेहूं के किसानों का न तो मुनाफा बढ़ा है और न ही किसान पूरी तरह से सरकारी खरीद से खुश हो सका है. सरकारी क्रय केन्द्र में तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. गेहूं क्रय केन्द्र बहुत ही धीमी गति से खरीद करते हैं. किसानों के बजाय अपने आंकड़ों को पूरा करने के लिये बिचौलियों से भी खरीद की जाती है. उत्तर प्रदेश में आज के समय में गन्ना ही सबसे बड़ी कैश क्राप्स के रूप में किसानों की पसंद है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि किसान को चीनी मिलों से गन्ना क्रय का मूल्य मिल जाता है.

गन्ना से चीनी बनाने के लिये कारखाने खुले हुये हैं. जिससे किसान को गन्ने की फसल का पूरा पैसा मिल जाता है. अगर आलू और टमाटर को खराब होने से बचाना है तो केवल सरकारी खरीद से काम नहीं चलेगा. सरकार के पास भंडारण का कोई इंतजाम नहीं है. ऐसे में वह आलू खरीद कर कहां रखेगी? खरीदे गये आलू का वह क्या करेगी? आलू गरमी में सड़ने लगेगा, इससे उसको कैसे रोका जा सकेगा.

जरूरत इस बात की है कि आलू किसानों को लाभ देने के लिये अलग अलग जिलों में आलू से तैयार होने वाले फूड प्रोडक्टस तैयार करने के लिये यूनिट लगाई जाये. वह लोग सीधे किसानों से आलू की खरीद करे. तब किसान को गन्ने के जैसा लाभ आलू की खेती में मिलने लगेगा. जब तक इस तरह की व्यवस्था नहीं होगी केवल सरकारी खरीद से किसानों को लाभ नहीं होने वाला. जानकारी के अनुसार सरकार हर तरह का आलू 487 रूपये कुंतल में नहीं लेगी. इसके लिये आलू का साइज 33 एमएस से 55 एमसएम के बीच होना चाहिये. इस मानक को पूरा करने में ही 30 से 40 फीसदी आलू छंट जायेगा. ऐसे में किसानों का मुनाफा फिर घट जायेगा.          

अजब है मगर सच है!

बॉलीवुड के सितारों की लाइफस्टाइल और निजी जीवन से जुड़ी बातों को लेकर उनके प्रशंसक हमेशा ही उत्सुक रहते हैं. ये सितारे दुनिया भर में अपने प्रशंसकों के लिए रोल मॉडल तो हैं, पर अब सेलेब्रिटीज भी होते तो इंसान ही हैं और सामान्य इंसानों की तरह ही ये सितारे भी कई चीजों को लेकर पैशेनेट होते हैं. क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजो को लेकर स्टार्स की आदतें भी बड़ी अजीबोगरीब होती हैं.

1. सनी लियॉन

अभिनेत्री सनी लियॉन सफाई को लेकर बहुत पागल हैं. उन्हें हर 15 मिनट में अपने पैर धोने की आदत है. वो कई बार अपनी इस आदत के चलते अपने शूट्स के लिए भी लेट हो जाती हैं.

2. करीना कपूर

करीना कपूर की इस आदत से शायद कई लोग खुद को जोड़ कर देख पाएंगे. करीना को अपने नाखूनों को बड़ा करने में बड़ा संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि उन्हें नाखून चबाने की पुरानी आदत है और इस वजह से वे उन्हें कभी बड़ा ही नहीं होने देती.

3. दीपिका पादुकोण

दीपिका की ये आदत बेहद अजीबोगरीब कही जा सकती है. दरअसल खाली समय में दीपिका कई बार लोगों को देखते हुए उनके बारे में मन ही मन कहानियां गढ़ने लगती हैं और ऐसा अक्सर वे फ्लाइट लेने के दौरान करती हैं.

4. प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा अपनी निजी जिंदगी में काफी अनुशासित रहती हैं और वे कभी नियमों का उल्लंघन करना पसंद नहीं करती हैं. उनके बारे में ये बात खास है कि उन्हें जूतों से बेहद लगाव है. उनके पास 80 से ज्यादा डिजाइनर शूज हैं, जो अलग-अलग ब्रांड्स और अलग अलग रंगो के हैं.

5. सैफ अली खान

बॉलीवुड के नवाब सैफ अली खान के शौक भी नवाबी हैं. उनके बाथरूम में एक लाइब्रेरी और फोन एक्सटेंशन भी मौजूद है. दरअसल सैफ के लिए उनका बाथरूम एक घर की तरह ही है. वे यहां घंटो बिता सकते हैं.

6. अमिताभ बच्चन

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन दो घड़ियां पहनते हैं. वे ऐसा खास कर तब करते हैं, जब अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय विदेश में यात्रा कर रहे होते हैं और उन्हें अलग-अलग टाइम जोन का ध्यान रखना पड़ता है.

7. विद्या बालन

सोशल मीडिया और स्मार्टफोन के युग में विद्या बालन एक अपवाद हैं. उन्हें अपना फोन इस्तेमाल करना पसंद नहीं है. वे इसे कई-कई दिनों तक चेक नहीं करती हैं और इस वजह से उनके कई इवेंट्स भी मिस हुए हैं.

8. सलमान खान

दबंग सलमान खान के पास साबुनों का एक बड़ा कलेक्शन है. उनके पास डिजाइनर साबुनों से लेकर हर्बल, एरोमैटिक जैसे अलग-अलग प्रकार के साबुन मिल जाएंगे. भई, अजब है पर शौक है.

9. शाहरुख खान

शाहरुख खान को जींस और फुटवियर बेहद पसंद आते हैं. वे खुद कह चुके हैं कि वे कई बार अपने जूतों को पहने हुए ही सो जाते हैं. क्या आप जानकते हैं कि उनके पास 1500 से ज्यादा जींस का भी कलेक्शन है.

योगी सरकार : चुनावी वादों का बोझ

यूपी में प्रचंड जीत के बाद योगी आदित्यनाथ को बीजेपी ने सीएम की कुर्सी सौंपी. पहले दिन से ही सीएम योगी एक्शन मोड में आ गए थे. यूपी को बदलने और विकास का वनवास दूर करने के वादे के साथ सत्ता में आई योगी सरकार के एक महीने पूरे हो गए हैं. इस दौरान पांच बड़े चुनावी वादों पर क्या प्रगति हुई आइए डालते हैं इसपर नजर.

पहला बड़ा वादा- कर्ज माफी

क्या हुआ- बीजेपी ने बल्कि खुद पीएम मोदी ने चुनावी सभा के दौरान वादा किया था कि यूपी में अगर हमारी सरकार बनी तो पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों का कर्जमाफ किया जाएगा. सरकार बनने के बाद योगी कैबिनेट की पहली बैठक 19 दिन बाद हुई. इस बैठक में किसानों का एक लाख तक का फसली कर्ज सरकार ने माफ कर दिया. कहा गया कि पहले कैबिनेट बैठक में फैसले की शर्त के कारण ही कैबिनेट बैठक में देरी हुई. योगी सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया. इसके अलावा गेंहू और आलू की खरीद को लेकर बड़े फैसले किए गए. साथ ही गन्ना किसानों का बकाया 14 दिन में लेने का फैसला दूसरी कैबिनेट बैठक में लिया गया.

दूसरा बड़ा वादा- महिला सुरक्षा का

क्या हुआ- सपा राज में महिलाओं के असुरक्षित होने और यूपी के क्राइम कैपिटल बनने की बात पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ लगातार करते रहे और सत्ता में आने पर एंटी रोमियो दस्ते समेत कई वादे पूरे करने का भरोसा दिलाते रहे. योगी सरकार ने 19 मार्च को राज्य की सत्ता संभाली. सत्ता बदलते ही यूपी पुलिस ने हर जिले में एंटी रोमियो स्कवॉड गठित कर दिया. मनचलों के खिलाफ दस्ते की कार्रवाई शुरू हो गई और पूरे राज्य में एंटी रोमियो दस्ते का एक्शन चर्चा में आ गया. स्कूल-कॉलेजों के बाहर, पार्कों में मनचले पकड़े जाने लगे. हालांकि, कई जगहों पर साथ जा रहे छात्र-छात्राओं, भाई-बहनों पर भी कार्ऱवाई हुई जिससे ये मुद्दा विवादों में आ गया. सीएम योगी खुद सामने आए. उन्होंने एंटी रोमियो दस्ते के काम की सराहना की लेकिन साथ ही नसीहत दी कि साथ मर्जी से जा रहे कपल पर कार्रवाई न की जाए. इसके अलावा ट्रिपल तलाक का मुद्दा भी योगी सरकार के सामने महिला अधिकारों के लिए उठाया गया. सीएम योगी ने इसकी तुलना चीरहरण से की और कहा कि जो लोग ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर चुप हैं वे अपराधियों की तरह हैं.

तीसरा बड़ा वादा- 24 घंटे बिजली

क्या हुआ- बीजेपी के चुनावी वादे में 24 घंटे बिजली देने का वादा भी सबसे अहम है. सत्ता में आते ही योगी सरकार ने इसके लिए तेजी से कदम उठाया. योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में फैसला किया कि शहरों में 24 घंटे और गांवों में 18 घंटे बिजली दी जाएगी और दिसंबर 2018 तक सभी घरों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इसके अलावा ट्रांसफर्मर खराब होने पर शहरों में 24 घंटे और गांवों में 48 घंटे में बदलना होगा ये फैसला भी किया गया. बिजली बिल पर सरचार्ज भी योगी सरकार ने माफ कर दिया. इसके अलावा केंद्र के बिजली मंत्रालय के साथ बैठक कर दीर्घकालीन ऊर्जा योजना पर भी योगी सरकार काम कर रही है.

चौथा बड़ा वादा- अवैध बूचड़खानों पर ताला

क्या हुआ- बीजेपी का एक बड़ा चुनावी वादा था यूपी में अवैध बूचड़खानों पर ताला लगाने का. सरकार बदलते ही आगरा, मेरठ, इलाहाबाद, लखनऊ समेत तमाम जगहों पर बूचड़खानों पर छापे पड़े. इसके बाद मीट कारोबारियों की हड़ताल भी हुई. लेकिन सीएम योगी ने साफ कर दिया कि अवैध बूचड़खानों को नहीं चलने देंगे. सीएम योगी ने कहा कि बूचड़खानों पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के फैसलों को लागू किया जाएगा.

पांचवां बड़ा वादा- बुंदलेखंड पर विशेष ध्यान और नई उद्योग नीति

क्या हुआ- पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा था कि अगर यूपी में बीजेपी की सरकार बनती है तो विकास का 14 साल का वनवास खत्म होगा और यूपी को देश के विकास का इंजन बनाया जाएगा. योगी सरकार ने बुंदेलखंड के लिए पेयजल परियोजना का ऐलान किया है. पहली कैबिनेट बैठक में ही योगी सरकार ने नई उद्योग नीति लाने का ऐलान किया. इसके लिए पांच मंत्रियों का समूह बनाया गया और मंत्रियों को दूसरे राज्यों की उद्योग नीति का अध्ययन करने के लिए दौरे पर भी भेजा गया. उत्तर प्रदेश की आबादी 22 करोड़ है यानी देश की आबादी की 16 फीसदी, लेकिन जीडीपी में यूपी का हिस्सा सिर्फ 12 फीसदी है. प्रति व्यक्ति आय में यूपी 31वें नंबर पर हैं. यूपी में 30 फीसदी गरीब हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर ये आंकड़ा 22 फीसदी है. जानकारों के मुताबिक अगर यूपी में विकास होता है, तो देश की विकास दर एक फीसदी बढ़ जाएगी.

योगी सरकार के लिए वक्त कम हैं और चुनौतियां हजार हैं. योगी सरकार इसी लिए पहले दिन से ही एक्शन मोड में नजर आ रही है. 2019 में आम चुनाव होने हैं और मोदी की दूसरी पारी के लिए देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में बीजेपी सरकार का प्रदर्शन भी काफई मायने रखता है. इस लिहाज से देखा जाए तो न सिर्फ मोदी बल्कि योगी के लिए परफॉर्म करने के लिए अब बस दो साल ही बाकी हैं.

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