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टी20 के बाद अब टी10 लीग मचाएगा क्रिकेट में धमाल

क्रिकेट जगत में टी20 क्रिकेट पहले से ही अपनी धाक जमा चुका है, खासतौर पर फैंस तो इस फार्मेट के दीवाने हैं. लेकिन क्रिकेट को और बेहतर बनाने की कवायद हर दिन की जा रही है. अब जल्दी ही क्रिकेट में टी10 लीग का भी आयोजन किया जाएगा. इस लीग का आयोजन जल्द ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में किया जाएगा.

इस लीग में स्टार खिलाड़ी, सेलिब्रिटी, भी शामिल होंगे. इसी बीच इस लीग में शामिल होने के लिए बड़े खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग, शाहिद अफरीदी, क्रिस गेल और कुमार संगकारा ने अपनी पुष्टि कर दी है.

भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग एक बार फिर अपने रंग में दिखेंगे. फैंस के पास सहवाग को एक अनोखे टूर्नामेंट में खेलते हुए देखने का मौका मिलेगा. जहां क्रिस गेल, कुमार संगकारा और शाहिद अफरीदी भी अपने बल्ले से धमाका करेंगे.

10-10 ओवरों की इस लीग में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी. आपको बता दें कि इस लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी यूएई में होगी. इस लीग में टीम पंजाबीज, टीम पख्तून, टीम मराठा, टीम बांग्ला, टीम लंकन्स, टीम सिंधींज और टीम केरलाइट्स के साथ कुछ अन्य टीमें होंगी. इस टूर्नामेंट के सभी मैच शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे.

विस्फोटक बल्लेबाज शाहिद अफरीदी पख्तून टीम के कप्तान होंगे. पख्तून टीम के मालिक हबीब खान ने कहा, ‘‘मैं काफी उत्सुक हूं कि महानतम खिलाड़ियों में शामिल अफरीदी हमारी टीम के कप्तान होंगे. आप पख्तून्स को पूरी ताकत के साथ खेलते हुए देखेंगे.’’

टीसीएल के अध्यक्ष शाजी उल मुल्क ने 10-10 ओवरों की इस लीग के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘‘हम टी10 क्रिकेट कराने को लेकर बेकरार हैं क्योंकि ये क्रिकेट को 90 मिनट में खत्म होने वाले खेलों की बराबरी पर ले आएगा. 90 मिनट में खत्म होने वाले खेल बहुत तेज होते हैं और टी10 में भी काफी तेज और आक्रामक क्रिकेट देखने को मिलेगी.”

मलाइका ने ऐसा क्यों कहा, इस तारीख को कैलेंडर पर नोट कर लें

बौलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा के फैन्स उन्हें बुधवार सुबह से ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर जन्मदिन की बधाई दे रहे थे. सुबह से लगी बधाईयों की लड़ी और ढेर सारे मैसेज को देखकर मलाइका को थोड़ा आश्चर्य हुआ, क्योंकि उनका बर्थडे आज नहीं बल्कि दो महीने बाद है.

एक्ट्रेस मलाइका ने इंस्टाग्राम पर अपने फैन्स को बताया कि उनका जन्मदिन 23 अगस्त नहीं बल्कि 23 अक्टूबर को है. मलाइका ने अपनी एक तस्वीर को इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए लिखा, “आप सभी लोगों को हैलो… जन्मदिन से पहले मुझे बधाई देने के लिए आप सभी का शुक्रिया. मैं बस यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि आज मेरा जन्मदिन नहीं है.” विकिपीडिया पर गलत जानकारी दी गई है इसलिए मुझे आज नहीं बल्कि 23 अक्टूबर को बधाई दें, इस तारीख को आप कैलेंडर पर नोट कर लिजिये.”

आपको बता दें कि 23 अक्टूबर, 1973 को मलाइका का जन्म हुआ था. मलाइका ने अपने करियर की शुरुआत एमटीवी वीजे के तौर पर की थी. 1998 में अरबाज खान से शादी की, लेकिन 2016 में दोनों एक दूसरे से अलग हो गए. 1998 में आई फिल्म ‘दिल से’ के गाने ‘छैंया छैंया’ के साथ वो हजारों दिलों की धड़कन बन गईं.  दबंग फिल्म में ‘मुन्नी बदनाम हुई आइटम सांग’ करने वाली मलाइका को मुन्नी के नाम से एक नई पहचान मिली.

खराब फौर्म में चल रहे धोनी पर विराट ने कही ये बड़ी बात

पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनकी फौर्म और भविष्य को लेकर लगातार चर्चा होती रही हैं. लेकिन कप्तान विराट कोहली का कहना है कि अगले तीन महीनों में सीमित ओवरों के कई मैच होंगे, जिससे इस पूर्व कप्तान को अपनी लय हासिल करने में मदद मिलेगी. धोनी अभी अच्छे फार्म में नहीं हैं, लेकिन कोहली को उम्मीद है कि इस सत्र में सीमित ओवरों के 24 मैचों से धोनी फिर से अपनी असली फौर्म में लोट सकते है.

कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘इस सत्र में हमें खिलाड़ियों की भूमिका परिभाषित करने में मदद मिलेगी. इससे हम विश्व कप से पहले उन्हें अपनी भूमिका में खरा उतरने के लिए समय दे पाएंगे. इससे हमें पता चलेगा कि कुछ खास परिस्थितियों में एक खिलाड़ी को क्या करने की जरूरते होती है.’’

कोहली ने कहा इससे पहले धोनी जैसे खिलाड़ियों को भी मदद मिलेगी क्योंकि अब वह टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं. लगातार मैचों से उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों में लय हासिल करने और उसे बरकरार रखने में मदद मिलेगी. कोहली का मानना है कि यह अपने अंदर अच्छी आदतों को विकसित करना और उन्हें विश्व कप तक बनाए रखने से जुड़ा है.

मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार संभव, सुरेश प्रभु की हो सकती है छुट्टी

नरेंद्र मोदी सरकार का कैबिनेट विस्तार इस हफ्ते के अंत में होने की उम्मीद है. सूत्रों ने बताया कि 27 या 28 अगस्त को कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि इस कड़ी में बीजेपी के कुछ मंत्रियों को अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता है. साथ ही रेल मंत्री सुरेश प्रभु की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है.

बुधवार को ही रेलमंत्री ने खुद ही इस्तीफे की पेशकश का इशारा किया है. सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा है कि रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी मेरी है. मैंने पीएम से मिलकर जिम्मेदारी ली है. पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा है. कैबिनेट विस्तार में JDU कोटे से मंत्री बनाए जाएंगे, लेकिन AIADMK के मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना नहीं है.

वहीं बैठक में नए रक्षामंत्री पर भी फैसला होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि कैबिनेट विस्तार में देश को नया रक्षा मंत्री भी मिल सकता है. मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास ही रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है.

गौरतलब है कि चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच यह मांग भी उठी है कि देश में एक फुल टाइम डिफेंस मिनिस्टर होना जरूरी है. इसके साथ ही बैठक में जो मंत्रालय के पद खाली हैं या उस पर भी नियुक्तियां संभव है.

गौरतलब है कि हाल ही में नीतीश कुमार की JDU से बीजेपी के साथ नाता जोड़ते हुए बीजेपी के नेतृत्‍व वाले एनडीए में शामिल होने की घोषणा की थी. सूत्रों का कहना है कि विस्तार में जेडीयू के दो मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.

गौरतलब है कि 19 अगस्‍त को जदयू की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बीजपी के नेतृत्‍व वाले एनडीए में शामिल के प्रस्‍ताव पर औपचारिक मुहर लगाई गई थी. इसके साथ ही नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में जदयू के केंद्र में बीजेपी के नेतृत्‍व वाले राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्‍सा बनने का रास्‍ता साफ हो गया.

दरअसल हाल में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया था. यह आमंत्रण नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बाद दिया गया था.

सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 लौंच, जानिए क्या है इस फोन की खासियत

सैमसंग ने स्मार्टफोन गैलेक्सी नोट 8 को लौन्च कर दिया है. गैलैक्सी नोट 8 कंपनी की नोट सीरीज का पहला डुअल रियर कैमरा हैंडसेट है. गैलैक्सी नोट 7 के विवाद के बाद कंपनी पर लगे धब्बे को धोने का जिम्मा अब इस हैंडसेट के ऊपर है. हैंडसेट लौन्च के दौरान सैमसंग के बिजनेस अधिकारी डीजे कोह ने नोट सीरीज के साथ बने रहने के लिए ग्राहकों का धन्यवाद किया. गैलेक्सी नोट 7 की असफलता के बाद ये फोन कंपनी के लिए बेहद अहम है.

फोन में डुअल रियर कैमरा है, फोन में 6.3 इंच की इनफिनिटी डिस्प्ले, फोन की स्क्रीन की डेनसिटी 521 पिक्सल प्रति इंच है, गैलेक्सी नोट 8 में क्वालकौम स्नैपड्रैगन 835 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है. इसमें 6 जीबी रैम है, आपको माइक्रोएसडी कार्ड का सपोर्ट भी मिलेगा. वहीं इनबिल्ट स्टोरेज के तीन आप्शन मौजूद है, 64, 128 और 256 जीबी . हैडसेट में ब्लूटूथ 5.0 का सपोर्ट मौजूद है.

सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 में 6.3 इंच का क्वाड एचडी+ सुपर एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है. इसमें गैलेक्सी एस 8 और गैलेक्सी एस 8 प्लस की तरह इनफिनिटी डिस्प्ले है.

इसमें क्वालकौम स्नैपड्रैगन 835 प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है. बता दें कि भारतीय मार्केट में सैमसंग के अपने एक्सीनौस प्रोसेसर का इस्तेमाल होगा. आपको इसमें 6 जीबी रैम मिलेगा. गैलेक्सी नोट 8 उन चुनिंदा हैंडसेट में से है जो ब्लूटूथ 5.0 सपोर्ट के साथ आता है.

अब बात सबसे अहम डुअल रियर कैमरा सेटअप की. पिछले हिस्से पर 12 मेगापिक्सल के दो सेंसर दिये गए हैं, जो औप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन को सपोर्ट करते हैं. फ्रंट पैनल पर सेल्फी के लिए एफ/1.7 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. डिवाइस की बैटरी 3,300 एमएएच की है.

रैग्युलर स्टाइल को कहें अलविदा, ये हैं 7 लेटैस्ट आईलाइनर स्टाइल

अगर आप भी फैशन के साथ कदम से कदम मिला कर चलना पसंद करती हैं, तो रैग्युलर आईलाइनर स्टाइल को अलविदा कह कर आजमाएं आईलाइनर के लेटैस्ट स्टाइल्स और कहलाएं फैशन आईकोन. इन दिनों आईलाइनर के कौन से स्टाइल ट्रैंड में हैं, जानते हैं मेकअप आर्टिस्ट मनीष केरकर से:

फ्लोरल आईलाइनर

आई मेकअप को सुपर कूल लुक देने के लिए फ्लोरल आईलाइनर अच्छा औप्शन है. आई मेकअप के लिए ज्यादातर ब्लैक या ब्राउन शेड का आईलाइनर इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन फ्लोरल आईलाइनर स्टाइल में व्हाइट से ले कर यलो, पिंक, रैड, पर्पल जैसे बोल्ड शेड्स का जम कर इस्तेमाल होता है.

इन कलरफुल आईलाइनर्स से पलकों पर अलगअलग फ्लौवर्स की डिजाइन बनाई जाती है. इसलिए इसे फ्लोरल आईलाइनर स्टाइल कहते हैं. पूरी पलकों पर या फिर दोनों पलकों के अगले और पिछले छोर पर फ्लौवर्स की डिजाइन बना सकती हैं. आईलाइनर का यह स्टाइल डे पार्टी के लिए बिलकुल परफैक्ट है. फ्लोरल डिजाइन को सही शेप देने के लिए पैन और लिक्विड आईलाइनर का इस्तेमाल करें.

क्रिस्टल आईलाइनर

आप के डिजाइनर आउटफिट को टक्कर देने के लिए क्रिस्टल आईलाइनर हाल ही में फैशन में इन हुआ है. इस के लिए सब से पहले ब्लैक, ब्राउन, ब्लू या आउटफिट से मैच करता किसी भी एक शेड का आईलाइनर ऊपरनीचे दोनों तरफ पलकों पर लगाएं. अच्छे रिजल्ट के लिए लिक्विड आईलाइनर का इस्तेमाल करें.

जब यह सूख कर अच्छी तरह सैट हो जाए तो आईलाइनर के ठीक आसपास या ऊपर गोल्डन या सिल्वर शेड की छोटी बिंदियां कतार में चिपकाती जाएं. इस से आप के आईलाइनर को क्रिस्टल इफैक्ट मिलेगा और लाइट पड़ते ही आप का आई मेकअप चमकने लगेगा. शादीब्याह जैसे मौके के साथसाथ नाइट पार्टी, फंक्शन के लिए भी क्रिस्टल आईलाइनर स्टाइल बैस्ट है.

स्टिक औन आईलाइनर

अगर आप भी आईलाइनर के अलगअलग शेड्स और शेप्स ट्राई करना चाहती हैं, लेकिन बिना किसी प्रोफैशनल की सहायता से खुद अलग स्टाइल में आई मेकअप लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं या फिर आईलाइनर को सही शेप नहीं दे पातीं, तो समझ लीजिए कि स्टिक औन आईलाइनर खास आप के लिए ही है.

बाजार में उपलब्ध अलगअलग शेड्स, शेप्स और डिजाइन के स्टिक औन आईलाइनर्स लगा कर आप अपने आई मेकअप को आकर्षक लुक दे सकती हैं. इस के लिए आप को ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. सिर्फ आईलाइनर स्टिकर को पलकों पर सही जगह अच्छी तरह चिपकाना होता है. स्टिक औन आईलाइनर डे के बजाय नाइट पार्टी में ज्यादा अट्रैक्टिव नजर आता है.

कैंडी केन आईलाइनर

अगर आप मस्ती या हौलिडे मूड में हैं और अपने आई मेकअप को जरा अलग लुक देना चाहती हैं तो कैंडी केन आईलाइनर से अपने आई मेकअप को कैंडी लुक दे सकती हैं. इस आईलाइनर स्टाइल के लिए आप को बहुत कुछ नहीं करना है. बस व्हाइट और रैड शेड का पैंसिल, लिक्विड, पैन आईलाइनर, जो मन करे खरीदें. अब ऊपर की पलकों पर पहले व्हाइट शेड का आईलाइनर लगाएं, उस पर रैड शेड के आईलाइनर से थोड़ीथोड़ी दूरी पर क्रौस लाइन बनाती जाएं.

डे पार्टी या गैटटुगैदर में फंकी लुक के लिए कैंडी केन आईलाइनर लगा सकती हैं. ब्यूटीफुल लुक के कैंडी केन आईलाइनर तभी लगाएं जब आप के आउटफिट का कलर व्हाइट या रैड अथवा व्हाइट ऐंड रैड हो.

बबल आईलाइनर

अगर आप रोजरोज स्ट्रेट आईलाइनर लगा कर ऊब गई हैं तो अब ट्राई करें बबल आईलाइनर. स्ट्रेट की तरह बबल आईलाइनर भी आप रोजाना लगा सकती हैं. इस के लिए आप को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है. रोजाना इस्तेमाल करने वाले ब्लैक जैल या लिक्विड आईलाइनर को स्ट्रेट न लगा कर डौटडौट लगा कर बबल की तरह बनाएं ताकि वह सीधी लाइन न लग कर बबल की तरह ऊपरनीचे नजर आए.

आप चाहें तो बबल के ठीक बीच में व्हाइट पैन आईलाइनर से डौट बना कर उसे और भी आकर्षक लुक दे सकती हैं. बबल आईलाइनर स्टाइल डेली लगा सकती हैं और ये रैग्युलर आउटफिट पर भी मैच करता है.

रिबन आईलाइनर

स्ट्रेट, राउंड और फिश कट के अलावा कोई और आईलाइनर स्टाइल ट्राई करना चाहती हैं, तो आजमाइए रिबन आईलाइनर स्टाइल. इस के लिए ऊपर की पलकों पर ब्लैक लिक्विड या जैल आईलाइनर लगाएं. आकर्षक लुक के लिए लाइनर थोड़ा चौड़ा रखें. अब निचली पलकों पर ब्लैक और ब्राउन के अलावा किसी भी शेड का पैन आईलाइनर लगाएं और पिछले छोर पर पहुंचते ही उसे रिबन की तरह ऊपर लगे ब्लैक आईलाइनर पर लपेटते हुए घुमाएं.

रिबन आईलाइनर स्टाइल को आप किसी खास मौके के अलावा रैग्युलर डेज में भी लगा सकती हैं. इंडियन के मुकाबले यह वैस्टर्न वियर के साथ ज्यादा स्टाइलिश नजर आता है.

ग्लिटर आईलाइनर

ग्लिटर लिपस्टिक, ग्लिटर आईशैडो और ग्लिटर हेयर हाईलाइटर के साथ ही ग्लिटर आईलाइनर भी इन दिनों डिमांड में है. यह इंडियन और वैस्टर्न दोनों ही आउटफिट पर सूट करता है. इसे सिर्फ ऊपर या ऊपरनीचे दोनों पलकों पर लगाया जा सकता है. सिर्फ ग्लिटर आईलाइनर या फिर ब्लैक, ब्राउन, ब्लू जैसे दूसरे शेड का आईलाइनर लगा कर उस के ऊपर भी ग्लिटर आईलाइनर लगा सकती हैं.

सिल्वर, गोल्डन के साथसाथ पिंक, ब्लू, पर्पल, रैड, यलो जैसे शेड्स में भी ग्लिटर आईलाइनर उपलब्ध हैं. अट्रैक्टिव इफैक्ट के लिए जैल आईलाइनर यूज करें. नाइट पार्टी या फंक्शन में आई मेकअप को हाईलाइट करने के लिए ग्लिटर आईलाइनर स्टाइल से बढि़या औप्शन और कोई नहीं है.

समाज में टूटते जाति बंधन और थानों में होती शादियां

प्यार तमाम बंदिशों से आजाद होता है. न वह हैसियत देखता है, न जातिधर्म. जमाने से बेखबर सनी व रानी प्यार की डगर पर चल रहे थे, बिना यह सोचे कि उन के प्यार को कोई मानेगा भी या नहीं. वे मंजिल तक पहुंचना चाहते थे. लिहाजा, दोनों ने साथ जीनेमरने की कसमें भी लीं. लेकिन उन का पहला सपना तब टूटा, जब सनी के घर वाले ही इस प्यार के दुश्मन बन गए.

वजह बनी रानी की जाति, क्योंकि वह दलित थी, इसलिए सनी के घर वाले उसे बहू बनाने को राजी नहीं थे, जबकि सनी रानी को ही अपना जीवनसाथी बनाना चाहता था. वह शायद जुदा ही हो गए होते, अगर रानी ने पुलिस से फरियाद न की होती.

पुलिस ने न केवल सनी की कहीं दूसरी जगह होने जा रही शादी को रुकवा दिया, बल्कि रानी के साथ उस की शादी थाने में ही करा दी. इस शादी में कोई बैंडबाजा या शहनाई नहीं थी, लेकिन पुलिस वाले बराती थे. शादी पर कानूनी मुहर तो लग ही गई और प्यार के दुश्मन बनने वालों के हौसले भी पस्त हो गए.

थाने में 2 प्रेमियों की हुई शादी का यह वाकिआ उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के महिला थाने का है. दरअसल, सनी मेरठ जिले के ही एक गांव का रहने वाला था. एक साल पहले उस की मुलाकात रानी से हुई, तो दोनों एकदूसरे के दिलों में उतर गए. उन के बीच पहले दोस्ती और फिर प्यार हो गया. सनी ऊंची जाति का था, जबकि रानी दलित थी. दोनों जाति की दीवार गिरा कर अपनी दुनिया बसाना चाहते थे. उन के घर वालों को भी इस बात का पता चल गया था.

रानी की जाति का पता चलते ही उन के सारे सपने टूट गए. सनी के घर वालों ने साफ मना कर दिया कि वह किसी दलित लड़की को अपने घर की बहू नहीं बनाएंगे. सनी रानी के साथ शादी की जिद पर अड़ा रहा, लेकिन उस की एक नहीं सुनी गई और उस का रिश्ता हाथरस जिले की एक लड़की के साथ कर दिया.

28 अप्रैल, 2017 को बरात का जाना भी तय हो गया. बरात वहां जा पाती, उस से पहले ही रानी को इस की जानकारी हुई, तो उस ने अपने प्यार को हासिल करने की ठान ली. बरात की तैयारियां चल ही रही थीं कि तभी सनी के घर महिला थाना प्रभारी कंचन चौधरी पुलिस बल के साथ जा धमकीं और सनी व उस के घर वालों को थाने ले आईं. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बात चली. कानूनी पचड़े से बचने के लिए आपस में रजामंदी बनी, तो सनी व रानी को वरमाला पहना कर उन की शादी करा दी गई. मिठाइयां बांटीं गईं और पुलिस वाले गवाह बन गए. दोनों प्रेमी एकदूसरे को पा कर बेहद खुश थे.

उधर हाथरस चूंकि बरात जानी थी, वहां लड़की पक्ष से बात कर के सनी के छोटे भाई को दूल्हा बना कर ले जाया गया. 5 मई, 2017 का वाकिआ भी कुछ ऐसा ही रहा. कैराना रोड, शामली के रहने वाले जाट बिरादरी के मोनू का कंडेला गांव की एक दलित लड़की सोनिया के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. वे दोनों शादी करना चाहते थे.

मोनू के घर वालों को यह रिश्ता कतई मंजूर नहीं था. जब मोनू अपनी जिद से बाज नहीं आया, तो उन्होंने उसे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया. सोनिया के घर वाले भी इस विवाद से बचना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उस की शादी दूसरी जगह तय कर दी.

सोनिया ससुराल तो चली गई, लेकिन खुश नहीं रही. मोनू ने उस के पति को अपनी प्रेम कहानी बता दी. कुछ महीने पहले पति ने सोनिया को तलाक दे दिया. सोनिया मायके आ कर रहने लगी. अप्रैल के आखिर में मोनू व सोनिया घर से भाग गए. 5 मई को गांव वालों ने उन्हें पकड़ कर पीट दिया. दोनों शहर कोतवाली पहुंच गए. पुलिस ने पहल करते हुए थाने में दोनों की शादी करा दी. इतना ही नहीं, पुलिस ने ही दावत का इंतजाम भी किया.

जाति बंधनों को तोड़ती थानों में होती इस तरह की शादियां अनोखी जरूर हैं, लेकिन इसे नई पहल के रूप में देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश के कई इलाके प्यार करने वालों के एक जमाने से दुश्मन रहे हैं. इस के बावजूद नौजवानों में प्यार का जुनून है. तमाम बंदिशों के बावजूद वे प्यार का तराना गुनगुनाते हैं.

ऐसे मामले सामने आने के बाद नौजवानों के अपने ही कभी जातिधर्म, कभी सामाजिक इज्जत, तो कभी बदनामी के नाम पर उन के खून से अपने हाथ रंगने से भी नहीं चूकते हैं. औनर किलिंग की घटनाएं आएदिन होती रहती हैं. जान बचाने के लिए प्रेमी या तो घर छोड़ कर भाग जाते हैं या फिर वह बंदिशों से हार कर मौत को गले लगा लेते हैं. लेकिन ऐसे भी जोड़े होते हैं, जो पुलिस से सिक्योरिटी मांगते हैं, इस के बावजूद उन की जान बच जाए, इस बात की गारंटी नहीं होती. देरसवेर उन्हें अपनों की नाराजगी का सामना किसी न किसी रूप में करना पड़ता है.

अब प्रेमी जोड़े सीधे थाने पहुंच कर पुलिस से ही अपनी शादी कराने की गुहार लगाते हैं. इस का फायदा यह होता है कि उन की शादी कानूनन प्रमाणित तो होती ही है, बल्कि पुलिस वाले गवाह बन जाते हैं. प्यार का विरोध करने वाले मांबाप के दिलोदिमाग पर भी पुलिस का डर बन जाता है.

इलाहाबाद के मांडा थाने का ही वाकिआ लें. इंद्रजीत और माया का मामला पुलिस के सामने आया. दोनों बालिग थे, लेकिन उन के घर वाले नाखुश थे. आहत प्रेमी जोड़े ने मौत को गले लगाने का ऐलान कर दिया. इंसाफ पाने के लिए थाने पहुंच गए. पुलिस ने उन की बात सुन कर दोनों की शादी अपने ही सामने करा दी. इस से दोनों बहुत खुश हुए.

थाने में प्रेमी जोड़े की शादी की खबर शंकरगढ़ के रहने वाले प्रेमी जोड़े अमित व रंजना को मिली, तो अपने घर से फरार चल रहे अमित व रंजना थाने पहुंच गए. पुलिस ने उन के घर वालों को खबर भेजी, लेकिन रंजना के मातापिता इतने ज्यादा नाराज थे कि वे थाने में नहीं आए.

पुलिस ने उन दोनों की न सिर्फ शादी कराई, बल्कि पुलिस वालों ने दावत का इंतजाम भी कर दिया. थाने की कमान संभालने वाले राजीव तिवारी ने उन्हें कानूनी सिक्योरिटी का भरोसा दिया. शादी को कानूनी मंजूरी मिले, इसलिए उसे रजिस्टर में भी दर्ज करा दिया.

राजीव बताते हैं कि वे खुद भी अंतर्जातीय शादी कर चुके हैं. बालिग पे्रमियों की खुशियों के लिए उन की बात मान लेनी चाहिए. एक दूसरे प्रेमी जोड़े कांति व सचिन की शादी का भी गवाह सदर थाना बना. वैशाली के औद्योगिक इलाके के अंजलि व अंकित एकदूसरे से प्यार करते थे. 13 अप्रैल, 2017 को वे दोनों गुपचुप मिल रहे थे, तो अंजलि के घर वालों ने अंकित को पकड़ कर पीट दिया.

अंजलि पुलिस स्टेशन पहुंच गई और बताया कि अंकित और वह शादी करना चाहते हैं, जो उन के घर वाले नहीं चाहते. पुलिस ने उन के गहरे प्यार को समझा और दोनों की शादी थाने में ही करा दी. लखीमपुर खीरी में एक लड़का और एक लड़की प्यार करते थे. उन के परिवार वाले खुश नहीं थे. उन्होंने दोनों को अलग होने का फरमान सुना दिया. नाराज प्रेमी जोड़ा थाने पहुंच गया. पुलिस ने दोनों के परिवार वालों को बुलवाया. कोई खुश हुआ, कोई नाखुश. इस बात की परवाह किए बगैर पुलिस ने दोनों की शादी करा दी.

इस मसले पर सामाजिक कार्यकर्ता अतुल शर्मा का कहना है, ‘‘ऐसे मामले चूंकि सामाजिक होते हैं, इसलिए पुलिस भी सीधे तौर पर दखल देने से कतराती है. प्रेमियों के दिलों में हमारा समाज डर पैदा करता है. ज्यादातर जगहों पर ऐसे मामले मौजूद हैं, जब प्रेमी जोड़े अपने घरों से भाग गए और उन का आज तक कुछ पता नहीं चल सका है. वह जमाने के डर से गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं.

‘‘अब प्रेमी जोड़े पुलिस को जा कर ही सीधे समस्या बता रहे हैं. कोई भी बालिग मनमरजी से शादी कर सकता है, इस की इजाजत उन्हें कानून भी देता है.’’ पुलिस का सहारा ले कर शादी करने वाली रानी कहती है कि पुलिस ने ही उस के प्यार को मंजिल दिलाई है और वह अब खुश है.

चीन की पैतरेबाजी और भारत के साथ खराब होते संबंध

चीन अब पैतरे दिखाने पर उतारू नजर आ रहा है. उस को चकाचौंध कर देने वाली अमीरी का गुमान ज्यादा हो गया है. चीन में अपना राज मजबूत बनाए रखने के लिए वहां की कम्यूनिस्ट पार्टी अब ऐसे शत्रु को ढूंढ़ रही है, जिसे कालिख से पोत कर वह अपनी जनता को भटकाव में रख सके.

पहले चीन ने रूस को दुश्मन करार दिया था, अब रूस से दोस्ती हो गई है, क्योंकि रूस के रास्ते वह यूरोप के बाजारों तक पहुंचना चाहता है. पाकिस्तान से उस की दोस्ती पुरानी है. तब से जब पाकिस्तान पूरी तरह अमेरिका के पलड़े में था. वह भारत को तो 1950 से दुश्मन मान रहा है, जब भारत ने दलाई लामा की हिमायत की और 1958 में उन्हें भारत में शरण दी. तब भारत को सबक सिखाने के लिए चीन ने 1962 में उत्तरी सीमा पर हिमालय पार कर सैनिक भेज कर जवाहर लाल नेहरू की सरकार की चूलें हिला दीं.

अब भारत ने चीन की वन रोड वन बैल्ट योजना में भाग लेने से इनकार कर दिया है और रूस व जापान के साथ मिल कर चीन का मुकाबला करने का फैसला किया है, तो सिक्किम व भूटान के पठारी इलाकों, जिन्हें डोकलाम के नाम से जाना जा रहा है, पर चीन हक जमा रहा है. चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिक टुकड़ी ने चीनी इलाके में घुसपैठ की है.

चीन अब तिब्बत की तरफ से लड़ाई की तैयारी में लगा है. भारत की फौजें भी इस इलाके में हैं. चीन के लिए इस मामले में लड़ाई करना काफी फायदे में हो सकता है. उसे सीमा से सटे अपने दूसरे देशों को जताना है कि चीन आर्थिक मोरचे पर ही नहीं, बल्कि सैनिक मोरचे पर भी अब दुनिया का सब से बड़ा देश बनने वाला है. अगर उस की बात नहीं मानी गई, तो वह जबरन मनवा सकता है.

भारत को चीन की इस धींगामुस्ती का तो मुकाबला करना ही होगा, चाहे कोई भी कीमत हो. आमतौर पर इस तरह की खटपट बातचीत से सुलझ जाती है, पर दुनिया के बदलते ताकत के नक्शे की मांग है कि चीन अमेरिका, भारत और जापान से उलझ कर जता दे कि वह ही सब से ताकतवर है. भारत की चीन से चाहे लड़ाई की कोई मंशा न हो, फिर भी अगर चीन न माना तो उसे जवाब तो देना ही होगा.

चीन बारबार 1962 की बात दोहरा रहा है, पर 1962 और 2017 के भारत में बहुत फर्क है. तब हम खाना भी भीख मांग कर खाते थे, आज अरबों रुपए का खाना बाहर बेचते हैं. हमारे पास पहले उधार चढ़ा रहता था, आज विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार है. भारत अब कोई छोटामोटा गरीब देश नहीं है. वह तीसरे नंबर की आर्थिक ताकत बनने वाला है. चीनभारत युद्ध दोनों के लिए महंगा होगा, यह पक्का है.

जिस्म के बाजार में बेची गई एक औरत की ये है दर्दनाक कहानी

औरतों की खरीदफरोख्त का गलत धंधा गरीबी के चलते फलताफूलता है. इस धंधे के बाकी पहलुओं पर तो आमतौर पर बात होती है, पर औरतों की जिस्मानी और दिमागी परेशानियों पर कम ही बात होती है. औरतों की खरीदफरोख्त में सब से ज्यादा बुरा असर औरतों पर ही पड़ता है. वे जिस्मानी ही नहीं, बल्कि दिमागी तौर पर भी टूट कर बिखर जाती हैं.

हम ने अस्पताल में बीमार चल रही निर्मला के जरीए खरीदफरोख्त की शिकार औरतों की हालत को समझने की कोशिश की. गरीबों के लिए खूबसूरती भी किसी शाप से कम नहीं होती. गरीब की बेटी खूबसूरत होती है, तो उस का बचपन जल्द ही जवानी में बदल जाता है.

50 साल की उम्र में निर्मला को अब यह बात पूरी तरह से समझ आ चुकी है. लखनऊ, उत्तर प्रदेश के चारबाग रेलवे स्टेशन पर निर्मला अपनी 30 साल की बेटी और 15 साल की नातिन के साथ पुलिस की पकड़ में आई. 3 पीढि़यां एकसाथ देह धंधे में लग कर भी इतना नहीं कमा पातीं कि एक आम जिंदगी जी सकें.

निर्मला रांची, झारखंड की रहने वाली थी. वह गरीब परिवार की थी. देखने में वह खूबसूरत थी. 15 साल की उम्र में ही उस की शादी अपने से तिगुनी उम्र के एक बूढ़े से हो गई थी. ऊपर से देखने में यह शादी जरूर थी, पर असल में यह खरीदफरोख्त थी.

निर्मला का पति जुराखन उसे अपने साथ पंजाब ले कर चला गया, जहां उस ने पैसों के बदले उसे बेच दिया. जुराखन ने निर्मला को बताया कि उस के पिता ने ही उसे बेचने को कहा है. बिक चुकी निर्मला एक हाथ से दूसरे हाथ होती दिल्ली के जीबी रोड के देह बाजार में पहुंच गई.

बच्चे से जरूरी ग्राहक

18 साल की उम्र में जब आमतौर पर लड़कियां बालिग होती हैं, तब निर्मला एक बेटी की मां बन चुकी थी. वह अपनी बेटी के साथ ही देह बाजार में पहुंचा दी गई थी.

गांव की रहने वाली निर्मला ने जिंदगी के थपेड़े खा कर जद्दोजेहद करनी सीख ली थी. उसे सब से बुरा उस वक्त लगता था, जब उस की बेटी भूखी होती थी और दूध पीने के लिए रोती थी. उसी वक्त कोई ग्राहक उस की जवानी के साथ खेलने को मचलने लगता था.

कोठे की मालकिन के लिए बच्ची की भूख से ज्यादा ग्राहक की प्यास अहम होती थी. निर्मला को न चाहते हुए भी बेटी की भूख से पहले ग्राहक की प्यास मिटानी होती थी.

निर्मला एक दिन को याद कर के रोने लगी. उस ने बताया, ‘‘उस दिन एक ग्राहक को खुश कर के मैं अपनी बेटी को दूध पिला ही रही थी कि एक और ग्राहक आ गया. मालकिन ने उसे भी मेरे पास भेज दिया. मैं ने उस से कहा कि बेटी को दूध पिला लेने दो. तुम थोड़ा रुक जाओ.

‘‘यह बात ग्राहक और मालकिन दोनों को पसंद नहीं आई. ग्राहक बोला, ‘जब सब बेटी ही पी लेगी, तो मेरे लिए क्या बचेगा ? मेरे पास समय नहीं है. मैं दूसरी जगह चला जाता हूं.’

‘‘यह कहते हुए वह वापस जाने को मुड़ा, तो मालकिन ने बेटी को मेरी गोद से छीन कर कमरे में पड़ी एक चारपाई पर फेंक दिया और मुझे धक्का दे कर कमरे के कोने में पड़े बिस्तर पर पटक दिया. मेरे कपड़े उतार दिए और ग्राहक से बोली, ‘तुझे कहीं नहीं जाना. अब यह तेरे लिए तैयार है.’

‘‘मेरे नंगे बदन पर निगाह पड़ते ही वह ग्राहक मेरे ऊपर टूट सा पड़ा. उधर मेरी भूखी बेटी रोती रही, इधर मैं दर्द से सिसकारियां लेती रही.

‘‘उस दिन मैं ने तय कर लिया था कि अब मुझे यहां नहीं रहना. रात का समय था. मैं अपनी बेटी को घुमाने के बहाने सड़क पर आई और वहां से चुपचाप भाग निकली. ‘‘भागने के बाद कहां जाना है, यह समझ नहीं आ रहा था. किसी तरह  दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंच गई और वहां से बिना टिकट भिखारी बन कर रेल के सफर को तय कर के अपने शहर रांची आ गई और वहां से अपने घर पहुंच गई.’’

24 घंटे के अंदर ही निर्मला के घर पहुंचने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई. लोगों को यह भी पता चल गया कि पति ने निर्मला को कोठे पर बेच दिया था, जहां से भाग कर वह अपने घर आई है. इस के लिए निर्मला को ही गुनाहगार समझा जाने लगा. उसे समाज से बाहर करने की योजना बनने लगी.

समाज की बेरुखी

जिस गांव और घर को निर्मला का साथ देना था, वे दोनों ही उस के खिलाफ खड़े हो गए. गांव के लोगों ने पंचायत बिठा कर फैसला किया कि निर्मला के गांव में रहने से गांव की दूसरी लड़कियों और औरतों पर बुरा असर पड़ेगा. निर्मला के पिता और परिवार में गांव के विरोध का सामना करने की हिम्मत नहीं थी.

अपने ही गांव में निर्मला को जोरजुल्म का शिकार होना पड़ा. पेट की आग बुझाने के लिए निर्मला को फिर से अपनी देह का सहारा नजर आने लगा और एक दिन वह गांव छोड़ कर पटना होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंच गई.

दिल्ली से गंदगी के जिस कारोबार को छोड़ कर वह भागी थी, वही उसे फिर से अपनाना पड़ा. समय के साथ निर्मला की बेटी भी बड़ी होने लगी थी. बेटी के लिए भी उस की खूबसूरती घातक बन गई.

एक दिन एक ग्राहक की निगाह निर्मला की बेटी पर पड़ी, तो वह मचल गया. ज्यादा पैसों की पेशकश हो गई. निर्मला को भी लगा कि कब तक वह बेटी को इस दलदल से बचा कर रख पाएगी और उस ने बेटी को भी अपने साथ देह धंधे में उतार लिया. कोलकाता के देह बाजार में निर्मला अपनी और बेटी की कमाई से घर चलाने लगी.

पर गरीब के घर में सुख ज्यादा देर नहीं टिकता है. कोलकाता में बीमारी फैल गई. तब वहां से पुलिस ने ऐसी तमाम औरतों को बाहर निकाल दिया.

निर्मला अपनी बेटी के साथ एक बिचौलिए के जरीए वाराणसी आ गई. यहां बेटी ने अपने एक चाहने वाले से शादी कर ली, पर वह शादी भी ज्यादा लंबी नहीं चली. बेटी जब मां बनने वाली हुई, तो उस के पति ने उस को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर जा कर छोड़ दिया.

बेटी ने अपनी कहानी मां को बताई. मां वाराणसी से लखनऊ आ गई. यहां वे किराए के कमरे में रहने लगीं. अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मां अब देह बेच रही थी. बेटी को भी बेटी ही हुई. इस बीच निर्मला के मकान मालिक को यह पता चल गया कि वह गलत धंधे में है, इसलिए उस ने अपना मकान खाली करा लिया.

बिखर गए करीबी रिश्ते

निर्मला सड़क पर आ गई. मांबेटी के बीच भी संबंध खराब होने लगे. अब निर्मला गोरखपुर चली गई. वहां वह सड़क किनारे रहने लगी. ग्राहक कम हो गए. पेट पालना मुश्किल हो गया. अब वह भीख मांगने लगी.

कुछ साल में निर्मला की नातिन अपनी मां का साथ छोड़ कर निर्मला के पास रहने आ गई. 12 साल की उम्र में ही वह लोगों की निगाह में चढ़ गई. भीख मांगने वाले बच्चों के साथ रहते हुए उसे नशे की लत लग गई. पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए वह भी अपनी मां और नानी की तरह देह धंधे के पेशे में उतर गई.

12 साल की उम्र में उसे देह संबंधों का इल्म तक नहीं था. ऐसे में ग्राहकों के लिए वह मुंहमांगी मुराद थी. 2 सौ रुपए, एक जोड़ी कपड़े और कुछ अच्छा खाने के बदले उस का कुंआरापन छिन गया.

निर्मला को जब यह पता चला, तो वह नातिन को ले कर उस की मां के पास वापस लखनऊ आ गई. मां के पास कुछ था नहीं, तो तीनों मिल कर ही देह धंधा करने लगीं. जो लोग यह कहते हैं कि देह धंधे में पैसा है, उन के लिए निर्मला की कहानी मिसाल है. एकसाथ 3 पीढि़यों के देह धंधा करने के बाद भी वे भिखारियों सी जिंदगी जीती रही हैं.

निर्मला को पहले सैक्स से जुड़ी बीमारी हुई, फिर टीबी हो गई. जो लोग उस के तन से लिपटने के लिए सबकुछ करने को तैयार रहते थे, अब उस की परछाईं से भी दूर भागने लगे.

एक एनजीओ की मदद से निर्मला सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करा रही है. बेटी मां की हालत देख कर भी देह धंधा करने को मजबूर है.

गैंगरेप जैसी सजा

बात केवल निर्मला तक ही नहीं सिमटी है. देह धंधे से बचा कर लाई गईं 95 फीसदी लड़कियां वापस उसी धंधे में चली जाती हैं. एक तो इन का मनोबल टूट जाता है, दूसरे इन के घरपरिवार और समाज के लोग इन्हें नहीं अपनाते.

ऐसी लड़कियों को छुड़ाने का काम करने वाले अजीत सिंह कहते हैं कि लड़कियों को सही राह पर लाना और उन के लिए सही माहौल बनाना बड़ा ही मुश्किल काम है, जो किसी कानून से नहीं बन सकता. इस के लिए सामाजिक पहल सब से ज्यादा जरूरी होती है. कई बार लड़कियां डर के मारे देह धंधे को छोड़ कर भागना नहीं चाहती हैं.

अपने साथ की कुछ लड़कियों का जिक्र करते हुए निर्मला बताती है, ‘‘खरीदफरोख्त कर के लाई जाने वाली लड़कियों के साथ बहुत ही बुरा बरताव किया जाता है. ऐसा बरताव तो जानवरों के साथ भी नहीं होता है. मारनेपीटने, भूखा रखने की बातें तो बहुत छोटी लगती हैं.

‘‘कम उम्र की लड़कियों को नंगा कर के मर्दों के सामने खड़े होने के लिए मजबूर किया जाता है. उन के सामने दूसरी लड़की के साथ संबंध बनाए जाते हैं. छोटीछोटी लड़कियों के साथ कईकई मर्द एकसाथ संबंध बनाते हैं.

‘‘लगातार कईकई दिनों तक यह सिलसिला जारी रहता है. कई बार तो माहवारी के समय भी यह सिलसिला नहीं रुकता है.

‘‘कई बार तो लड़कियों को एक छोटे से कमरे में बंद कर दिया जाता है, जहां न खाना मिलता है और न ही पानी. एक कमरे में कईकई लड़कियां होती हैं. कुछ लड़कियों को नशे का आदी बना दिया जाता है.

‘‘कई छोटी लड़कियों को हार्मोन के इंजैक्शन दे कर समय से पहले ही जवान बनाने का काम किया जाता है, जिस से वे जल्दी सैक्स के लिए तैयार हो जाएं.

‘‘ज्यादातर लड़कियां भीख के धंधे से वहां लाई जाती हैं. भीख मांगने वाली लड़कियां जहां 12 साल की होती हैं, उन को देह धंधे में उतार दिया जाता है. उन को शुरुआत में यह काम भीख मांगने से अच्छा लगता है, क्योंकि जहां भीख मांगने के समय कोई उन्हें 5-10 रुपए से ज्यादा नहीं देता है, वहां इस में उन्हें एक बार में सैकड़ों रुपए मिलने लगते हैं.’’

निर्मला आगे बताती है, ‘‘अगर रैस्क्यू कराई गई कोई लड़की वापस आती है, तो उस को खूब गालियां दी जाती हैं. इस के बाद उस को हर तरह से सताया जाता है. दूसरी लड़कियों को यह बताया जाता है कि बाहर की दुनिया से अब तुम्हारा कोई नाता नहीं रह गया है. यहीं रहनामरना तुम्हारी मजबूरी है.

‘‘ऐसे हालात को देख कर कोई लड़की यहां से भागने की नहीं सोचती है. बिचौलिए अपना शिकंजा इतना कस कर रखते हैं कि कोई लड़की रैस्क्यू हो कर नहीं जाना चाहती है.’’

आशीष श्रीवास्तव अपनी संस्था के साथ रैस्क्यू कर लड़कियों को समाज से जोड़ने का काम करते हैं. वे कहते हैं, ‘‘लड़कियों के मन में इतना डर बैठा होता है कि कई बार वे रैस्क्यू करने वालों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा देती हैं.’’

कानून की मिलीभगत

निर्मला कहती है, ‘‘जिन लोगों को यहां के हालात नहीं पता, उन को लगता है कि यह धंधा मजे का है. रोज नएनए लोग मिलते हैं. सजसंवर कर रहने को मिलता है. बिना मेहनत के पैसा मिल जाता है. पर यहां रहने वाली किसी औरत से पूछो तो पता चलता है कि वह हर ग्राहक के साथ बारबार मरती है.

‘‘ग्राहक उस से कुछ भी कराने की फिराक में रहता है. वह सोचता है कि लड़की प्यार से पेश आए. वह यह भूल जाता है कि प्यार के बारे में तो वह कब की भूल चुकी होती है.

‘‘ज्यादातर लड़कियां प्यार और नकली शादी के नाम पर ही छले जाने के बाद यहां आती हैं. हालात ये हो जाते हैं कि ग्राहक के पटने के पहले तक अदाएं दिखा कर रिझाने वाली औरतें तुरंत अपने रंग में आ जाती हैं. उन के लिए सबकुछ मशीनी हो जाता है.’’

आशीष श्रीवास्तव कहते हैं, ‘‘लड़की समाज और कानून दोनों ही व्यवस्थाओं को ठीक से जानसमझ लेती है. जहां उस के करीबी लोग बेचने का काम करते हैं, वहीं कानून के रक्षक बने पुलिस वाले भी बिक चुके होते हैं.

‘‘कई बार तो पुलिस के सामने ही खरीदफरोख्त होती है, जिस से बिकने वाली औरत हताश हो जाती है. वह यहीं रहना अपनी किस्मत मान बैठती है. वह यहां से वापस नहीं जाना चाहती.

‘‘कुछ साल तक तो सबकुछ ठीक रहता है, पर उम्र बढ़ने और बाजार में कीमत घटने से हताशा और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जिस के बाद लड़की के लिए कुछ भी करना मुमकिन नहीं होता है.’’

जियोफोन की प्रीबुकिंग आज शाम से शुरू, 500 रुपये में खरीद सकते हैं फोन

दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो के चर्चित जियोफोन की प्री-बुकिंग आज शाम से शुरू होगी. कंपनी इस फोन के जरिए देश के लगभग 50 करोड़ फीचर फोन उपभोक्ताओं को लक्ष्य बना रही है और हर सप्ताह लगभग 50 लाख जियोफोन की खपत का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी के सूत्रों का कहना है कि जियोफोन की बुकिंग 24 अगस्त शाम पांच बजे शुरू होगी. फोन की प्री बुकिंग 500 रुपये के भुगतान के साथ कंपनी की वेबसाइट और ‘मायजियो’ एप  तथा रिलायंस डिजिटल आदि स्टोर पर की जा सकती है.

कंपनी ने इस फोन की कीमत राशि के रूप में 1500 रुपये रखी है. प्रीबुकिंग के समय 500 रुपये जमा करवाने होंगे जबकि बाकी 1000 रुपये फोन मिलने पर अदा करने होंगे. कंपनी का कहना है कि अगर कोई ग्राहक तीन साल यानी 36 महीने बाद जियोफोन लौटाता है, तो उसे कुल राशि यानी 1500 रुपये लौटा दिए जाएंगे. इस तरह से जियोफोन की प्रभावी कीमत ‘शून्य रुपये’ रहेगी.

कंपनी के अनुसार ​4जी वाला उसका यह हैंडसेट भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनाया गया है. रिलायंस जियो के ग्राहक जियोफोन के जरिए 153 रुपये मासिक में अनलिमिटेड डेटा का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसके साथ ही कंपनी ने 53 रुपये का साप्ताहिक प्लान व 23 रुपये में दो दिन का प्लान भी पेश किया है. कंपनी के ग्राहकों के लिए वायस कौल हमेशा के लिए नि:शुल्क हैं.

सूत्रों के अनुसार जियोफोन की प्रीबुकिंग को लेकर लोगों की उत्सुकता को देखते हुए उसने आफलाइन व आनलाइन बंदोबस्त किए गए हैं. उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में इस फोन की घोषणा की गई थी.

कंपनी का कहना है कि फोन की डिलीवरी ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर की जाएगी. सूत्रों के अनुसार फोन की आपूर्ति सितंबर के पहले पखवाड़े में शुरू हो जाएगी.

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