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1 अक्टूबर से देने होंगे ई-कॉमर्स कंपनियों को यह दो टैक्स

केंद्र सरकार ने एक नोटिस जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि CGST के तहत अधिसूचित इकाइयों को 1 अक्टूबर से 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के गुड्स एंड सर्विसेस की सप्लाई पर 1 फीसदी TDS लेना होगा.

ई-कॉमर्स कंपनियों को भी पहली अक्टूबर से जीएसटी के तहत सप्लायर्स को किए गए भुगतान पर 1 प्रतिशत TCS लेना होगा. राज्य भी एसजीएसटी कानून के तहत एक प्रतिशत टीसीएस ले सकते हैं. इसके अलावा राज्य, SGST के तहत 1 फीसदी TDS लगाएंगे. माना जा रहा है इस फैसले से टैक्स की चोरी में भी कमी आएगी.

एक कम्पनी के टैक्स पार्टनर का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को TCS के लिये और PSU/सरकारी कंपनियों को TDS के लिए अपनी प्रणाली जल्द तैयार करनी होगी ताकि वे एक अक्टूबर से इन नियमों के अनुसार काम कर सकें.

एएमआरडी एंड एसोसिएट्स पार्टनर रजत मोहन ने कहा, इन दोनों प्रावधानों से अर्थव्यवस्था में टैक्स अधिकारियों की पहुंच बढ़ेगी और इससे टैक्स की चोरी में भी कमी आएगी’. नियमों के अनुसार अगर आप भारतीय हैं और आपने म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है तो उस पर जो आय प्राप्त हुई है उस पर कोई टीडीएस नहीं चुकाना होगा लेकिन अगर आप एनआरआई हैं तो इस फंड से हुई आय पर आपको नियमानुसार टीडीएस देना ही होगा.

शोएब मलिक ने क्यों मिलाया धोनी से हाथ

भारत और पाकिस्तान की टीमें दुबई में 15 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप 2018 के लिए प्रैक्टिस कर रही थीं. प्रैक्टिस के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और पाकिस्तान के शोएब मलिक के बीच दुबई की आईसीसी अकादमी में एक मुलाकात हुई.  मलिक भारतीय कैंप में आए और  धोनी से हाथ मिलाया. दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने आपसे में कुछ अच्छे पल शेयर किये. दोनों का यह विडियो काफी वायरल हो रहा है. विडियो में टूर्नमेंट में भारत की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा भी नजर आ रहे हैं.

भारतीय टीम अपना पहला मैच शुक्रवार को हॉन्ग-कॉन्ग के खिलाफ खेलेगी. भारत और पाकिस्तान के बीच मैच 19 तारीख को खेला जाएगा. पाकिस्तान 16 तारीख को हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ ही अपना पहला मैच खेलेगा.

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा के साथ भारतीय टीम के नौ सदस्य दुबई पहुंच चुके हैं वहीं बाकी खिलाड़ी 16 तारीख को दुबई पहुंचेगे. यूएई में शनिवार से शुरू हो रहे एशिया कप में कुल छह टीमें भाग ले रही हैं. ग्रुप ए में भारत, पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग भाग हैं. वहीं ग्रुप बी में श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान की टीमें भाग लेंगी.

35 साल बाद घर पहुंचीं स्मृति ईरानी, हालत देख रो पड़ीं

बालाजी ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को अपनी अगली वेब सीरिज होम के प्रमोशन के लिए चुना है. इसके प्रमोशन के लिए ईरानी गुरुग्राम स्थित अपने पुराने घर पहुंची. वहां उन्होंने कुछ ऐसा देखा जिससे कि उनके आंसू निकल गए. तुलसी के किरदार से हर घर में अपनी जगह बनाने वाली केंद्रीय मंत्री ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा इस किराए के घर में बिताया है.

अपने इसी घर की पुरानी यादों को ताजा करने के लिए वह गुरुग्राम पहुंची. वीडियो में दिखाया गया है कि स्मृति सोसायटी के अंदर जाती हैं और वहां कि निवासियों से बात करती हैं. जिसमें से कुछ को वह पहचानती हैं। वह यह देखकर काफी भावुक हो जाती हैं. उनके इस भावनात्मक वीडियो को एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है.

एकता कपूर ने पोस्ट पर लिखा, ‘उस जगह को देखना काफी दुखदाई, दुर्भाग्य और साहसिक कार्य है जिसे कि आप कभी घर कहा करते थे जो अब वहां मौजूद नहीं है। लेकिन जिंदगी कड़वे और मीठे अनुभवों वाली किसी यात्रा से कम नहीं है.’

घर पहुंचने के बाद स्मृति ईरानी रिक्शे पर बैठकर अपनी पसंदीदा चाट की दुकान और पुरानी राशन की दुकान पर भी गईं.

एकता की वेब सीरीज होम में एक परिवार दिखाया गया है जो अपना घर और सोसायटी को बचाने की हरसंभव कोशिश करता है. इसी के प्रमोशन के लिए सेलिब्रिटिज अपने असली घर से जुड़े अनुभवों को साझा कर रहे हैं.

स्मृति के वीडियो को साझा करते हुए एकता ने लिखा, ‘घर केवल चार दीवारों से बना घर नहीं होता बल्कि परिवार का प्यार उसे घर बनाता है. स्मृति ईरानी की भावनात्मक यात्रा देखिए जब वह अपने बचपन के घर को देखने पहुंचती हैं. अपने घर की कहानी को उन्होंने एएलटी बालाजी के साथ साझा किया है.’

रजनीकांत और अक्षय की 2.0 के टीज़र ने रचा इतिहास, छुआ जादुई आंकड़ा

भारतीय सिनेमा की सबसे अधिक लागत वाली फिल्म 2.0 का टीज़र बुधवार को रिलीज किया गया. रिलीज़ होने के साथ ही टीज़र इतिहास रच चुका है क्योंकि एक ही दिन में इस टीज़र को 32 मिलियन बार देखा गया है, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

बजट को देखते हुए यह फिल्म अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है. यह रजनीकांत की फिल्म रोबोट की अगली कड़ी है. फिल्म में इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड का वीएफएक्स इस्तेमाल किया जा रहा है, सिर्फ उसी पर करीब 75 मिलियन डॉलर का खर्च आया है. जानकारी के मुताबिक फिल्म की कुल लागत अब 543 करोड़ रूपये तक पहुंच गई है. फिल्म को तमिल और हिंदी में रिलीज़ किया जाएगा और उसके बाद अन्य दस भाषाओं में भी ये फिल्म डब होगी. फिल्म में रजनीकांत अपने पुराने वाले रोल में हैं जबकि अक्षय कुमार बड़े ही विचित्र गेट अप में विलेन का रोल निभाएंगे।

कहा जा रहा है दक्षिण भारत में इस टीज़र को दिखाने के लिए खासतौर पर 1000 से अधिक स्क्रीन्स बुक किये गए थे. करीब डेढ़ मिनट के इस टीज़र में दिखाया गया है कि अचानक सबके मोबाइल फोन गायब हो रहे हैं. तब रोबोट बने रजनीकांत यानि की चिट्टी को वापस बुलाया जाता है. अक्षय कुमार इस फिल्म में खलनायक बने हैं, जिनकी इस टीज़र में एक ही बार अपितु असरदार झलक देखने को मिलती है. रजनीकांत को रोबोट के रूप में दिखाया गया है. फिल्म में सुधांशु पांडे और आदिल हुसैन भी नज़र आ रहे हैं. शंकर के निर्देशन में बनी रही रोबोट 2.0 बॉक्स औफिस पर कमाई का कैसा परचम लहराती है यह तो फिल्म रिलीज़ होने के बाद ही पता चलेगा.

 

छात्र संगठन के हंगामे-तोड़फोड़ के बाद रुकी JNU में मतगणना

जे एन यू में शुक्रवार शुरू हुई मतगणना देर रात ही रोकनी पड़ी. समिति का आरोप है कि एक अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी ने चुनाव समिति और चुनाव समिति की महिला सदस्यों के साथ मारपीट की.

संगठनों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं ने यह उत्पात मचाया है. कहा जा रहा है की हार की सूचना से बौखलाए एबीवीपी समर्थकों ने मारपीट और तोडफोड़ की है. फिलहाल एबीवीपी ने इस बारे में अभी तक कोई टिप्पणी नही दी है.

जेएनयू में हो रहे छात्रसंघ चुनाव को लेकर शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल होने पर बाद विवाद खडा हो गया. इस पोस्टर को एबीवीपी का बताया जा रहा है. जिसमें छात्राओं के हित से जुड़े कई वादे किये गए हैं. इसमें कहा गया है कि बदलाव के लिए हमें वोट दें. संगठन का कहना है कि यदि  जीत हमारी हुई तो विश्वविद्यालय में छात्राओं के छोटे कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगाएंगे व सभी ढाबों पर मांसाहारी भोजन की बिक्री बंद करवा दी जाएगी.

चुनाव समिति के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट की लिंगदोह समिति की सिफारिशों को जेएनयू में लागू किया गया. उसके बाद से निरंतर समिति की सिफारिशों के अनुरूप ही चुनाव होते रहे हैं. बीते सात वर्षों में कभी 60 फीसद भी वोट नहीं पडे, अपितु इस बार 68 फीसद मतदान हुआ है.

फिसलन भरे रास्तों की नायिका : भाग 2

घर में केवल पप्पू ही शादी के लिए बचा था. बाद में उस की शादी उत्तर प्रदेश के शहर रामपुर के रहने वाले मुरलीलाल की बेटी शशि से हो गई. यह करीब 18 साल पहले की बात है.

शशि बन गई पप्पू की चहेती

शशि अपने पति से काफी खुश थी. शशि हंसमुख थी. उस की चंचलता चेहरे से ही झलकती थी. कुछ ही समय में उस ने अपनी ससुराल वालों के साथसाथ पड़ोसियों का भी दिल जीत लिया था. शादी से पहले शशि के कदम बहक गए थे. मोहल्ले के कई लड़कों के साथ उस के अवैध संबंध थे. लेकिन शादी होने के बाद उस की इस तरह की कहानियां दफन हो गई थीं.

शादी के करीब साल भर बाद वह एक बच्चे की मां बनी. उस ने बेटे को जन्म दिया, जिस का नाम राज रखा गया. बच्चे के जन्म के बाद पप्पू की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई थी. खर्च पूरे करने के लिए वह दिनरात मेहनत करने लगा. उस ने गांव के नजदीक ही एक सरदार के फार्म में काम करना शुरू कर दिया.
पप्पू का ज्यादातर समय वहीं गुजरता था. वह रहता भी वहीं पर था. वहां रहने से उसे यह फायदा हो गया कि हर रोज काम तलाशने के बजाए उसे हर महीने बंधीबंधाई तनख्वाह मिलने लगी. फार्म पर रहते हुए ही वह ट्रैक्टर चलाना सीख गया था.

पप्पू को अच्छी आमदनी होने लगी तो शशि के रहनसहन में भी काफी बदलाव आ गया. वह अब बनठन कर रहने लगी थी. पप्पू सीधासादा युवक था. वह महीने में जो भी कमाता, अपनी बीवी के हाथ पर ला कर रख देता था. घर का सारा खर्च शशि ही अपने हिसाब से करती थी. इस बीच वह दूसरे बच्चे की मां भी बन गई थी. लड़की हुई थी राजो उर्फ रज्जी.

2 बच्चों के बाद शशि का शरीर पहले से कहीं ज्यादा खिल उठा था. पप्पू को तो केवल कमाई की धुन थी. वह सारे दिन काम में लगा रहता और शाम को खापी कर जल्दी सो जाता. वह पत्नी की तरफ ध्यान नहीं दे पा रहा था, जिस से उस के दिल में पप्पू के प्रति लगाव कम होने लगा.

शादी के 6 साल बीत जाने के बाद पप्पू उस के शरीर को पढ़ने में कमजोर पड़ने लगा तो शशि ने पिंजरे में बंद रहने के बजाए उड़ने की ठान ली. वह खूबसूरत तो थी ही, उस ने मोहल्ले के युवकों पर जाल फेंका तो कई युवक उस की गलियों के चक्कर लगाने लगे.

जब शशि के पैर बहके

उस ने मोहल्ले के एक युवक के साथ गहरी दोस्त कर ली और उस के साथ मौजमस्ती का खेल खेलने लगी. बुरा काम चाहे कोई भी हो, कितना भी छिपा कर क्यों न किया जाए, भेद खुल ही जाता है. शशि के प्रेमी के बारबार शशि के पास आने पर मोहल्ले वालों को शक हो गया. इस के बाद मोहल्ले के कई युवकों का शशि के यहां आनाजाना हो गया. वे उस के साथ मौजमस्ती करने के साथ ही उस के खर्चे भी उठाने लगे.
शशि जंगल से लकड़ी लाने के बहाने घर से निकलती और जंगल में वह प्रेमियों से मिलती. लेकिन एक दिन एक अनजान युवक ने उस के साथ छेड़छाड़ कर दी. यह हरकत शशि के पड़ोसी ने देख ली. शशि जानती थी कि उसे दुनिया की नजरों में पाकसाफ बन कर रहना है तो उसे जरूर कुछ करना होगा.

यही सोच कर उस ने गांव में आते ही उस युवक द्वारा की गई हरकत को ले कर शोर मचा दिया. इतना ही नहीं वह उस युवक को सबक सिखाने के लिए कुंडा स्थित पुलिस चौकी में शिकायत करने जा पहुंची.
चौकी में उस की मुलाकात एक कांस्टेबल से हुई जो उसी के हलके का था. कांस्टेबल पहली ही नजर में उस के हुस्न पर मर मिटा. उस ने शशि के साथ हमदर्दी दिखाते हुए उस का मोबाइल नंबर ले लिया और अपना मोबाइल नंबर उसे देते हुए कहा कि तुम चिंता मत करो, कल आ कर मैं उस हरामखोर को देखता हूं.

अगले दिन वह पुलिस वाला गश्त पर निकला तो घूमतेघामते शशि के घर जा पहुंचा. शशि के घर पुलिस वाले को आया देख मोहल्ले के लोग इधरउधर हो गए. इस के बाद सिपाही शशि को छेड़ने वाले युवक का पता लगाते हुए उस के घर गया.

कांस्टेबल ने उस युवक को डराधमका कर कुछ रुपए ऐंठे और आगे कोई हरकत न करने की हिदायत दे कर छोड़ दिया. युवक से पैसे ऐंठने के बाद वह शशि से मिला और उस ने उन पैसों में से कुछ पैसे शशि को दे दिए.

शशि ने पुलिस में बना ली जानपहचान

पुलिस वाले से जानपहचान हो जाने से शशि बहुत खुश हुई. वह सिपाही भी उस की कुशलक्षेम पूछने के बहाने उस के घर के चक्कर लगाने लगा. इस के बाद शशि घर वालों के साथसाथ पड़ोसियों पर भी रौब जमाने लगी. उस के घर वाले उस के त्रियाचरित्र से तंग आ चुके थे.

उन्होंने उस की इस हरकत की शिकायत पप्पू से की, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. शशि के सामने पप्पू की एक नहीं चलती थी. शशि ने उसी पुलिस वाले के सहारे घर वालों से भी कई बार पंगा ले लिया था, जिस के बाद घर वालों ने उस से संबंध ही खत्म कर दिए थे. एक पुलिस वाले के सहारे वह कई पुलिस वालों के दिलों पर राज करने लगी थी.

पुलिस वालों से दोस्ती हो जाने के बाद शशि अपनी मनमानी करने लगी. जब उसे पैसों की जरूरत होती तो वह किसी न किसी मर्द को अपने मोहपाश में फंसा लेती और फिर उसे धौंस दिखा कर मनचाहे पैसे ऐंठती. पुलिस वालों के बल पर उस का धंधा फलनेफूलने लगा था.

पति के घर से निकलते ही शशि बच्चों को तैयार कर स्कूल भेज देती और फिर सजसंवर कर अपने धंधे के लिए निकल जाती. जब उस की हरकतें हद पार करने लगीं तो घर वालों की शिकायत पर पप्पू ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वह उलटे उसी पर राशन पानी ले कर चढ़ने लगी.

इस के बाद दोनों मियांबीवी में मनमुटाव रहने लगा. अब वह पति से पूरी तरह से खार खाने लगी थी. अपनी बीवी की बेवफाई से तंग आ कर पप्पू ने फार्म से काम छोड़ दिया और दारू के नशे में धुत रहने लगा.
उसी दौरान उस की मुलाकात जसपुर थाना कोतवाली के गांव टांडा निवासी भूपेंद्र सिंह से हुई. भूपेंद्र के पास अपने 2 ट्रैक्टर थे. वह गांव वालों से सस्ते में गन्ना खरीद कर सीधे शुगर फैक्ट्री में बेचता था, जिस से उसे अच्छी आमदनी हो जाती थी. भूपेंद्र को अपना दूसरा ट्रैक्टर चलाने के लिए एक ड्राइवर की जरूरत थी.

उस ने पप्पू से बात की तो वह उस का ट्रैक्टर चलाने को राजी हो गया. पप्पू ने फिर से शराब का सेवन बंद कर दिया और वह भूपेंद्र का ट्रैक्टर चलाने लगा, जिस के सहारे उस का पप्पू के घर आनाजाना शुरू हो गया.

भूपेंद्र की शशि से मुलाकात उस वक्त हुई जब वह किसी काम से काशीपुर गया हुआ था. उस दिन शशि के दोनों बच्चे भी स्कूल गए थे. उस दिन भूपेंद्र पप्पू को बुलाने उस के घर आया था. शशि जानती थी उस का पति उसी का ट्रैक्टर चलाता है. शशि ने भूपेंद्र की खूब खातिरदारी की. भूपेंद्र उस की सुंदरता पर मर मिटा. एक तरह से वह उस का दीवाना बन बैठा. भूपेंद्र ने शशि का मोबाइल नंबर ले लिया. बाद में उस की शशि से फोन पर बातें होने लगीं.

भूपेंद्र बन गया शशि का आशिक

फलस्वरूप कुछ ही दिन बाद दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए. भूपेंद्र को अच्छी कमाई थी. वह शशि पर भी पैसा खर्च करने लगा. इस से शशि पूरी तरह से उस की प्रेम दीवानी हो गई. भूपेंद्र अकसर पप्पू को ट्रैक्टर ले कर बाहर भेज देता और फिर सीधा उस के घर पर आ जाता.

कई बार तो भूपेंद्र पप्पू की गैरमौजूदगी में सारीसारी रात उसी के घर पर पड़ा रहता. उस वक्त शशि अपने बच्चों को जल्दी खाना खिला कर सुला देती और फिर सारी रात भूपेंद्र के साथ मौजमसती में डूब जाती.

भूपेंद्र जब भी आता, शशि और उस के बच्चों के लिए फल और मिठाई ले कर आता था, इस के चलते शशि के बच्चे भी भूपेंद्र से हिलमिल गए थे. जिस दिन वह घर आता, इस की सूचना किसी तरह पप्पू तक पहुंच ही जाती थी.

पप्पू की बेटी उस के घर आने पर ताने मारते हुए कहती, ‘‘आप से बढि़या तो भूपेंद्र अंकल हैं, वह जब भी आते हैं, अपने साथ बहुत सारी चीजें लाते हैं. बच्चों की बात सुनते ही पप्पू का पारा हाई हो जाता था. पप्पू को विश्वास हो गया था कि उस की गैरमौजूदगी में भूपेंद्र उस के घर आता है. इसी बात को ले कर उस की पत्नी से लड़ाई होती. लेकिन वह उलटे उस के ऊपर ही राशनपानी ले कर चढ़ जाती थी.’’

 

आज ही के दिन भारत ने हराया था पाकिस्तान को बौल आउट मैच में : देखें वीडियो

2007 में 14 सितंबर को, भारत और पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच समृद्ध इतिहास में जोड़ने के लिए टी 20 मुकाबला में एक रोमांचकारी बौल आउट का आयोजन किया गया.

ग्यारह साल पहले 14 सितंबर को, भारत ने 2007 में विश्व टी 20 में किंग्समेड, डरबन में पाकिस्तान के खिलाफ एक रोमांचक खेल में अपना पहला टी -20 अंतरराष्ट्रीय मैच जीता था.

टॉस जीतने के बाद, पाकिस्तान ने गेंदबाजी करने का विकल्प चुना. पाकिस्तान ने 20 ओवरों में भारत को केवल 141 रनों पर रोक दिया, रॉबिन उथप्पा ने पचास के साथ शीर्ष स्कोर किया. इसके अलावा, एम एस धोनी ने 31 गेंदों में 33 रनों से एक अच्छी शुरुआत दी. मोहम्मद आसिफ ने चार विकेट लिए और शाहिद अफरीदी को दो विकेट मिले.


मिस्बाह-उल-हक ने पाकिस्तान के लिए 53 रन बनाये. उनके रन आउट होने से मैच टाई होने पर था. भारत के लिए, यह एक आरामदायक जीत होनी चाहिए था क्योंकि पाकिस्तान को अगले  तीन ओवरों में 42 रनों की जरूरत थी.

नियमों के अनुसार, प्रत्येक टीम ने पांच खिलाड़ियों को नामित किया जिन्होंने गेंदबाजी की। प्रत्येक टीम के पास स्टंप करने और टीम को  जीताने के लिए वैकल्पिक प्रयास थे. भारत ने वीरेंद्र सहवाग, उथप्पा, एस श्रीसंत, इरफान पठान और हरभजन सिंह को नामित किया था. पाकिस्तान की ओर से उमर गुल, सोहेल तनवीर, यासीर अराफात, शाहिद अफरीदी और मोहम्मद असिफ थे।

गूगल बंद करने जा रहा है ‘जीमेल इनबौक्स’

गूगल ने अपने 4 साल पुराने ‘Inbox by Gmail’ ऐप को बंद करने का फैसला लिया है. गूगल मार्च 2019 तक जीमेल इनबौक्स को बंद करेगा. गूगल का कहना है कि वह जीमेल पर फोकस करना चाहता है. बता दें कि इनबौक्स बाय जीमेल को 2014 में लांच किया गया था.

अगर आपको जीमेल इनबौक्स के बारे में नहीं पता है तो आपको बता दें कि जीमेल इनबौक्स को 2014 में लांच किया गया था ताकि लोगों को ई-मेल की बेहतरीन अनुभव दिया जा सके. जीमेल इनबौक्स फिलहाल ऐप के साथ-साथ डेस्कटौप पर भी उपलब्ध है. जीमेल इनबौक्स एक तरह से असली जीमेल की तरह ही है, लेकिन इसमें कुछ खास फीचर्स मिलते हैं.

बता दें कि गूगल ने हाल ही में जीमेल एप को अपडेट किया है. अपडेट के बाद जीमेल में स्मार्ट रिप्लाई, स्नूज ईमेल जैसे कई फीचर्स मिले हैं और साथ ही डिजाइन में भी बदलाव किया गया है. ऐसे में जो लोग इनबौक्स के रिमाइंडर फीचर को इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें कंपनी गूगल टास्क और गूगल कीप एप इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है. ये दोनों ऐप आईफोन और एंड्रायड दोनों के लिए उपलब्ध हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले वेरिजौन के स्वामित्व वाली याहू ने अपने याहू मैसेंजर ऐप को इसी साल जुलाई में हमेशा के लिए बंद कर दिया है और याहू मैसेंजर के यूजर्स को नए मैसेजिंग एप स्क्विरल (Squirrel) पर शिफ्ट किया गया है. नए ऐप स्क्विरल पर जाने के बाद यूजर्स याहू मैसेंजर पर पिछले 6 महीने में की गई चैटिंग का बैकअप ले सकते हैं.

1 अक्टूबर से जीएसटी पर लागू होंगे टीडीएस/टीसीएस प्रावधान

सरकार ने जीएसटी के तहत स्रोत पर कर कटौती TDS और TCS प्रावधानों को क्रियान्वित करने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख निश्चित कर दी है. केंद्रीय जीएसटी (CGST) के तहत अधिसूचित इकाइयों को वस्तु या सेवा आपूर्तिकर्ताओं के 2.5 लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर 1% टीडीएस संग्रह करने की जरूरत है. साथ ही राज्य, राज्य कानून के तहत एक प्रतिशत टीडीएस लगाएंगे.

ई-कौमर्स कंपनियों को अब जीएसटी के तहत आपूर्तिकताओं को किए गए किसी भी भुगतान पर एक प्रतिशत टीसीएस संग्रह करने की जरूरत होगी. राज्य भी राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) कानून के तहत एक प्रतिशत टीसीएस लगा सकते हैं. ईवाई के कर भागीदार अभिषेक जैन ने कहा कि ई-कौमर्स कंपनियों को टीसीएस के लिए तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी कंपनियों को टीडीएस के लिए अपनी प्रणाली जल्द तैयार करनी होगी ताकि वे एक अक्टूबर से इस प्रावधान का अनुपालन कर सकें.

कम समय को देखते हुए उद्योग को अब कमर कस लेना चाहिए. एएमआरजी ऐंड असोसिएट्स के भागीदार रजत मोहन ने कहा, ‘इन दोनों प्रावधानों से अर्थव्यवस्था में कर प्राधिकार की पहुंच और बढ़ेगी और व्यापक रूप से अप्रत्यक्ष कर के साथ प्रत्यक्ष कर की होने वाली कर चोरी पर लगाम लगेगी.’

राजकुमार हिरानी ने माना जानबूझ कर बदली गई थी ‘संजू’ की स्क्रिप्ट

राजकुमार हिरानी के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘संजू’ न केवल बौक्स औफिस पर सफल रही बल्कि दर्शकों ने भी इसे काफी पसंद किया. इस फिल्म ने रणबीर कपूर और संजय दत्त के फिल्मी करियर के ग्राफ को ऊपर चढ़ाने में भी काफी मदद की. हालांकि क्रिटिक्स ने भी फिल्म की काफी प्रशंसा की लेकिन यह भी कई बार कहा गया कि इसमें संजय दत्त की जिंदगी के सभी पहलू शामिल नहीं किए गए.

हाल में एक इंटरव्यू में राजकुमार हिरानी ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्होंने समाज में संजय दत्त के प्रति सहानुभूति जगाने के लिए ‘संजू’ में कुछ बदलाव किए थे. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब पहली बार यह फिल्म एडिट करके लोगों को दिखाई गई तो लोग संजय दत्त के किरदार से नफरत करने लगे और पहली बार फिल्म देखने वाले लोगों ने कहा कि ऐसी फिल्म स्क्रीन पर नहीं चलेगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकुमार हिरानी ने कहा कि वह पूरी तरह सच्ची कहानी दिखाना चाहते थे और इसलिए उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे संजय दत्त के लिए लोगों में सहानुभूति जागे. उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म बनाते वक्त वह यह बात ही भूल गए थे कि संजय दत्त का किरदार ही फिल्म का हीरो है.

हिरानी ने माना कि पहले फिल्म में ऐसे कुछ सीन नहीं थे जो संजय दत्त के किरदार के प्रति सहानुभूति जगाएं. उन्होंने बताया कि कोर्ट का फैसला सुनने के बाद जब संजय दत्त का किरदार सूसाइड करना चाहता है, यह सीन बाद में फिल्म में जोड़ा गया. हालांकि इससे भी लोगों की सोच पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. हिरानी ने कहा कि हर फिल्म में कुछ चीजें अच्छी होती हैं और कुछ बुरी लेकिन उन्हें अभी भी अपनी फिल्म की कमियां दिखाई देती हैं.

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