सारदा चिटफंड ऐसे हमाम की तरह है जिस में राज्य की तमाम पार्टियां नंगी नजर आ रही हैं. मामले की छानबीन जितनी गहरा रही है. अब तो मामला सीबीआई के पास जाने के बाद केंचुए के बदले सांप निकलने का अंदेशा भी उतना ही गहरा रहा है. फिर वह तृणमूल कांगे्रस हो या कांग्रेस. फिलहाल यह मामला प्रवर्तन निदेशालय के अधीन है और 1 साल से निदेशालय इस मामले को खंगालने में जुटा है. निदेशालय से जो भी खबरें छनछन कर बाहर आ रही हैं, उन से यही लग रहा है कि केंचुए की तलाश में कहीं कोई सांप न निकल आए.

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