आजकल के मां-बाप अपने जैसे दूसरे मां-बापों से मिलने पर बच्चों को लेकर रोना शुरु कर देते हैं कि वे अब पहले के बच्चों की तरह मासूम नहीं हैं और इसके लिए वे जमाने और नई तकनीक पर तोहमत का ठीकरा फोड़ते हैं. लेकिन न तो तकनीक और न ही जमाना बच्चों से उनकी मासूमियत छीन रहा है, यह आप हैं जो उनकी मासूमियत के जानी दुश्मन बने हुए हैं.

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