बातचीत करना किसी भी रिश्ते के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. अगर पार्टनर एक दूसरे से कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं तो वह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल पाता है. किसी भी रिश्ते में बात करने के साथ एक-दूसरे की बात सुनना भी उतना ही जरुरी होता है.

सिर्फ बात सुनने से कुछ नहीं होता बल्कि आपको अपने साथी की बातों को समझना या उनके बिना कुछ कहें उनके मन की बात जान लेना भी जरुरी होता है. ऐसा करने से आपके साथी को अच्छा महसूस होता है.

जब आप अपने साथी की बातें सुन रहे हों तो जरुरी है कि आप उसमें अपनी इच्छुकता जाहिर करें ताकि आपका साथी आपसे खुलकर अपने मन की बात कह सके. तो आइए आपको बताते हैं रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए कैसे डाले अपने साथी को सुनने की आदत.

उनकी बात सुनें – अपने साथी की बात सुनने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आपका साथी आपसे बात कर रहा है. अगर आप किसी काम में व्यस्त हैं और आपका साथी आपसे बात कर रहा है तो अपना काम छोड़कर उनकी बातें सुनें. अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं तो आपके साथी को लगेगा आप उनकी बात नहीं सुन रहे हैं फिर वह बात करना बंद कर देंगे. जो किसी भी रिश्ते के लिए अच्छा नहीं होता है.

समझें आपका साथी क्या कह रहा है – बात को समझने से मतलब उनकी भाषा को नहीं है बल्कि ये समझिए की आपका साथी क्या कहना चाह रहा है. इससे आप दोनों के बीच रिश्ता मजबूत होगा और कम्यूनिकेशन भी अच्छा होगा.

सराहना करें – आपके साथी को तब सबसे ज्यादा बुरा लगता है जब वह अपनी फीलिंग आपको बता रहे हैं और आप उनकी बात ना सुनें. इसलिए अपने साथी की बात अच्छे से सुने और जब वो अपनी भावनाओं का इजहार करें तो उनकी सराहना करें ताकि यह सुनकर उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए.

अपने गुस्से पर कंट्रोल रखें – आपका साथी आपको कुछ भी कहे उसके बारे में कुछ बोलने या जवाब देने से पहले सोच लें. अगर आपके पार्टनर को भी जल्दी गुस्सा आता है तो उनकी बातों का जवाब गुस्से में मत दें. शांत होकर उनसे बात करें ताकि आपके रिश्ते में कोई परेशानी ना आए और आपका रिश्ता मजबूत बन सके.

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