Editorial :
एक नेता कैसे अपने देश की जनता से मित्र देशों को दुश्मन मनवा सकता है, इस का ‘महान’ उदाहरण अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप हैं. ‘द इकोनौमिस्ट’ पत्रिका के लिए किए गए गूगल के सर्वे से पता चला है कि अमेरिका में जहां वर्ष 2016 तक मुश्किल से 2-3 प्रतिशत लोग कनाडा को एनिमी या दुश्मन मानते थे, ट्रंप के शासन में आने के बाद उन की गिनती बढ़ने लगी है. ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के 25 परसैंट लोग कनाडा को अब अनफ्रैंडली या एनिमी मानते हैं.
इसी तरह यूरोप को अब 30 परसैंट रिपब्लिकन वोटर और 4 परसैंट डैमोक्रेट वोटर अपना यानी अमेरिका का मित्र नहीं मानते. यह बदलाव डोनाल्ड ट्रंप और उन के मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) के निरंतर प्रचार का नतीजा है. वर्ष 1948 से पहले पूरा यूरोप अमेरिका को अभिन्न मित्र मानता था क्योंकि वहां यूरोप के विभिन्न देशों से गए लोगों ने ही मिलजुल कर अमेरिका को अमेरिका बनाया व बसाया था.
वर्ष 1940-1945 के विश्व युद्ध में जरमनी से फ्रांस व ब्रिटेन के साथ अमेरिकी कंधे से कंधे मिला कर लड़े थे और उस के बाद उन्होंने यूरोप के पुनर्निर्माण में पूरा सहयोग भी दिया था.
आज यूरोपीय, कनाडाई और बहुत से अन्य उदार व संपन्न देश अमेरिका को मित्र मानने से इनकार कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप और मागा की सोच ने अमेरिकियों के मन में कनाडा और यूरोप के प्रति इस कदर जहर भर दिया है कि अब दोनों को एक मेज पर बैठना मुश्किल हो गया है. यूरोप में बसे कट्टरपंथी अमेरिकी और अमेरिका में बसे कनाडाई व यूरोपीय धीरेधीरे अपने देशों में जा रहे हैं. यह बदलाव समाज पर मागा व ट्रंप का थोपा गया है.
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