Social Media Crime: रील बनाने के चक्कर में बहुत से इन्फ्लुएंसर्स अपनी हड्डीपसली तो तुड़वा ही रहे हैं, दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने एक रील क्रिएटर को पकड़ा जिस के वीडियो में वह रौंग साइड पर बाइक चला रहा था और सामने से आती कारों और ट्रकों से बच कर निकल रहा था. यह तो नैचुरल है कि ड्राइवर के पीछे वीडियो शूट करने वाले कम से कम 2 बाइक्स पर 4 जने होंगे जो सभी रौंग साइड पर ही चल रहे होंगे बिना वार्निंग के, बिना पुलिस परमिशन के.

रौंग साइड और सिविक इरिस्पौंसिबिलिटी सोशल मीडिया का हालमार्क बन गया. जितना ज्यादा चौंका सको, जितना ज्यादा डेयरिंग बन सको, जितने ज्यादा रिस्क ले सको, रील उतनी ही पौपुलर होगी. यह कुछ अच्छा करने के लिए नहीं दूसरों को डिस्टर्ब नहीं किया जा रहा बल्कि यह अपने स्वार्थ के लिए किया जा रहा है.

बंद कमरे में आप जो चाहो शूट करो, जो चाहो रिस्क लो, खुद के पैट्रोल से नहा कर लाइटर जलाओ, यह सब आप की मरजी. लेकिन इस से किसी का घर न जल जाए, यह तो देखना होगा न. आज के रील क्रिएटर लिमिट क्रौस कर रहे हैं. उन से ज्यादा उन के व्यूअर्स और फौलोअर्स जिम्मेदार हैं जो एक तरह से उन्हें गाल पर पप्पी दे रहे हैं कि वाह, क्या कमाल किया है.

आज की जेनजी इन तमाशों में बिजी हो गई है. पुराने रूल्स को चैलेंज करना हर नई जनरेशन का राइट भी है और रिस्पौंसिबिलिटी भी. लेकिन दूसरों को खतरों में डालने का राइट किसी को नहीं. इन दूसरों में शूटिंग करने में साथ लगे जहां एसोसिएट शामिल हैं वहीं घरवाले भी शामिल हैं और घर का सामान व अपना उन का खुद का फ्यूचर भी शामिल है.

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