परमानैंट मेकअप के समय सौंदर्य प्रसाधनों का सही इस्तेमाल जहां आप की खूबसूरती बढ़ाता है, वहीं रोजरोज मेकअप करने में लगने वाला समय भी बचाता है.

चेहरे में सब से ज्यादा महत्त्वपूर्ण आंखें होती हैं और बड़ी-बड़ी आंखें किसी का भी ध्यान आकर्षित कर लेती हैं. घबराएं नहीं, छोटी आंखों को भी मेकअप के द्वारा बड़ा, खूबसूरत और आकर्षक बनाया जा सकता है. बस, निम्न मेकअप टिप्स की जानकारी होनी चाहिए:

  1. पर्मिंग किट: आजकल बाजार में रैडीमेड पर्मिंग किट मिलते हैं, जिन में पर्मिंग का पूरा सामान होता है. अलग से कुछ भी नहीं लेना होता है. इस में आंखों में लगाने के लिए दोनों आंखों के रोलर और 4 लोशन होते हैं. साथ में इयर बड्स व ग्लू भी लगाने के लिए होता है. पहला लोशन पिंक कलर, दूसरा व्हाइट, तीसरा यलो और चौथा ट्रांसपेरैंट लोशन होता है.

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यह लोशन आईलैशेज को परमानैंट कर्ल करता है, जिस से छोटी आंखें खूबसूरत और बड़ी दिखती हैं.

2.आईलैशेज पर्मिंग के प्रकार

आईलैशेज पर्मिंग टैंपरेरी और परमानैंट 2 तरीके से होती है.

टैंपरेरी तरीका: इस में आईलैशेज को कर्ल करने के लिए उन्हें आईलैशेज मशीन से कर्ल करते हैं. इस में आईलैशेज को मशीन में रख कर हलका सा दबाया जाता है. मगर यह कर्ल कुछ समय के लिए ही होता है. इस में बड़ी आईलैशेज अच्छी तरह से कर्ल हो जाती हैं और इस में ज्यादा समय भी नहीं लगता है. इसे जब चाहें तब कर सकती हैं.

परमानैंट तरीका: यह तरीका छोटी आईलैशेज के लिए बैस्ट है, क्योंकि इस से छोटी आईलैशेज में अच्छा कर्ल आता है. अगर आईलैशेज को रोजरोज मशीन से कर्ल करने से बचना है, तो परमानैंट तरीका एकदम सही है. इस में थोड़ा समय ज्यादा लगता है पर  आईलैशेज हमेशा के लिए कर्ल हो जाती हैं और वे देखने में बेहद खूबसूरत लगती हैं.

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कैसे करें आईलैशेज पर्मिंग

3. परमानैंट आईलैशेज पर्मिंग के लिए सब से पहले कौटन में ऐस्ट्रिंजैंट ले कर आईलैशेज को साफ करें. अगर आंखों के आसपास मेकअप लगा है तो उसे क्लींजिंग मिल्क से अच्छी तरह साफ कर फिर आईलैशेज को 2-3 बार ऐस्ट्रिंजैंट से साफ करें.

अब आंखें बंद कर के आईलैशेज के ऊपर जहां लाइनर लगाते हैं, वहां फिड से निकाल कर रोलर चिपकाएं. इस में ग्लू लगा होता है, जिस से चिपकाने में आसानी होती है. फिर उस रोलर के ऊपर इयर बड्स की सहायता से एक से दूसरे कोने तक ग्लू लगाएं. अब आईलैशेज को इसी रोलर के ग्लू पर इयर बड्स से चिपकाएं. आईलैशेज के 1-1 केश को चिपकाने के बाद लैशेज पर इयर बड्स की सहायता से नंबर वन यानी पिंक लोशन लगाएं. 10-10 मिनट के अंतराल में इसे

2 बार लगाएं. फिर 10 मिनट बाद व्हाइट लोशन लगाएं. इसे भी 2 बार और 10-10 मिनट के अंतराल पर लगाएं. ऐसे ही यलो लोशन लगाएं. सब से अंत में ट्रांसपेरैंट लोशन से आईलैशेज को साफ करें. यह एक क्लींजर लोशन होता है, जिस से आईलैशेज साफ होती हैं. अब धीरेधीरे रोलर पर से आईलैशेज के केशों को हटाएं और रोलर निकाल दें. इस प्रक्रिया में लगभग 1 घंटे का समय लगता है. इसे करने के बाद आंखों का मेकअप कर सकती हैं. इसे 1 महीने के बाद दोबारा किया जा सकता है.

परमानैंट मेकअप

4. परमानैंट मेकअप में परमानैंट रूप से लिपस्टिक, आईलाइनर और आईब्रोज बनवा सकती हैं. यह प्रक्रिया उन के लिए है, जो रोजरोज लिपस्टिक व लाइनर नहीं लगा सकती हैं, जिन की आईब्रोज हलकी हैं या फिर आईब्रो पर कोई कट का निशान है.

इस प्रक्रिया में मशीन में कलर डाल कर स्किन में लगाया जाता है. इस से कलर स्किन के अंदर जाता है और जल्दी हटता नहीं है. लाइट पिंक कलर मशीन में डाल कर मशीन से ही लिप एरिया पर लगाएं. ब्राउन या ब्लैक कलर मशीन में डाल कर आईब्रोज पर लगाएं और ब्लैक कलर से लाइनर लगाएं. यह जल्दी टूटता नहीं है.

मेकअप का तरीका: पहले चेहरे को क्लींजर से क्लीन करें. जिन की आईब्रोज नहीं हैं, उन की आईब्रोज पैंसिल से ड्रा करें. जिस जगह पर मशीन से कलर लगाना है उस एरिया पर प्रिलौक्स ट्यूब लगाएं. यह उस एरिया को नम कर के 15 मिनट तक स्किन को सुन्न कर देती है. इस से स्किन पर मशीन चलने पर दर्द नहीं होता है और आसानी से मेकअप किया जा सकता है.

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आईब्रोज बनाने के लिए ब्लैक या ब्राउन कलर मशीन में डालें. प्रिलौक्स ट्यूब स्किन पर लगा कर मशीन चलाएं और तुरंत कौटन को ठंडे पानी में डुबो कर उसे पोंछती जाएं. फिर उस पर सोफरामाइसिन ट्यूब लगा कर मसाज करें. यह कलर 15 साल तक रहेगा. ऐसा ही लिप एरिया पर करें. ऐसा करने से आप के लिप्स लंबे समय तक पिंक रहेंगे और आईब्रोज भी बनी रहेंगी.

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