आजकल शुगर की शिकायत लोगों में तेजी से बढ़ी है. खानपान इसका सबसे बड़ा कारण है. किसी उम्र के व्यक्ति को ये परेशानी हो सकती है. ऐसे में गर्भवती महिलाएं जो शुगर से पीड़ित हैं, उसके लिए खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है. एक शोध में ये बात सामने आई कि वो गर्भवती महिलाएं, जिन्हें शुगर की बीमारी है, उनके बच्चों में अटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऔर्डर (एएसडी) का खतरा बढ़ जाता है.

आपको बता दें कि एएसडी मानसिक विकास से संबंधित विकार है, जिसमें व्यक्ति को सामाजिक संवाद स्थापित करने में समस्या आती है और वह आत्मकेंद्रित बन जाता है.

इस शोध में ये बात सामने आई कि यह खतरा टाइप-1 और टाइप-2 के विकार और गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से पीड़ित होने से संबंधित है. शोध में पाया गया कि एएसडी का खतरा मधुमेह रहित महिलाओं के बच्चों की तुलना में उन गर्भवती महिलाओं के बच्चों में ज्यादा होता है, जिनमें 26 सप्ताह के गर्भ के दौरान मधुमेह की शिकायत पाई जाती है.

इस शोध में 4,19,425 बच्चों को शामिल किया गया, जिनका जन्म 28 से 44 सप्ताह के भीतर हुआ था. यह शोध 1995 से लेकर 2012 के दौरान किया गया.

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