भारत और नेपाल के दशकों पुराने राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक रिश्तों पर पिछले 5-6 महीने से छाए काले बादल गहराते जा रहे हैं. भारत और नेपाल के शासक मामले को सुलझाने के बजाय आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, जिस से चीन फायदा उठाने की जुगत में लगा हुआ है. मधेशियों के आंदोलन को ले कर भारत से नेपाल के बिगड़ते रिश्तों के बीच चीन नेपाल में अपनी पैठ बनाने की कोशिशों में लगा हुआ है और कुछेक मामलों में उसे कामयाबी भी मिल रही है. खास बात यह है कि नेपाल अब किसी भी तरह की मदद के लिए भारत की ओर देखने के बजाय चीन के सामने हाथ फैलाने लगा है और चीन भी बढ़चढ़ कर उस की मदद करने लगा है.

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