कितना बड़ा हो गया /बड़ी हो गयी है. कितने कपड़े गीले करेगा/करेगी. ऐसी ही कुछ और बातें उन बच्चों को सुनने को मिलती है, जो बिस्तर पर पेशाब करते हैं. लेकिन मातापिता की डांट का बच्चे पर असर नहीं पड़ता क्योंकि वजह उनका आलसीपन नहीं बल्कि कुछ और है. अगर आपका बच्चा 6 साल की उम्र के बाद भी बिस्तर पर पेशाब करता है तो जरूरी है की उसे बाल रोग विषेशज्ञ को दिखाएं.

क्योंकि ये उनके अंदर किसी बीमारी का भी संकेत हो सकता है लगभग 70 % बच्चे इस समस्या से परेशान हैं. पांच साल की उम्र तक करीब 85 फीसदी बच्चे पेशाब पर नियंत्रण करना सीख जाते हैं. लड़कियों की तुलना में लड़कों में 12 साल की उम्र तक बिस्तर गीला करने की प्रवृति ज्यादा होती है.

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कारण

  1. बच्चों में आर्जीनीन वैसोप्रेसिन हार्मोन का स्तर नींद में नीचे चला जाता है, जो किडनी के द्वारा मूत्र निर्माण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. चूंकि नींद में इस हार्मोन का स्तर नीचे चला जाता है, इसलिए मूत्र निर्माण की प्रक्रिया तेज हो जाती है और मूत्राशय तेजी से भर जाता है. और इसी कारण बच्चा बिस्तर मे पेशाब कर देता है.

2. कब्ज या अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऔर्डर की वजह से भी बच्चे को बिस्तर में पेशाब करने की आदत हो सकती है.

3. जो बच्चा अधिक तनाव व डर में रहता है उनके अंदर भी यह समस्या हो सकती है.

4. बच्चे के यूरीन ट्रैक में संक्रमण, कम उम्र में मधुमेह, शरीर की बनावट में असंतुलन, नर्वस सिस्टम से संबंधित कोई समस्या से भी यह समस्या उतपन्न हो सकती है.

5. एक रिसर्च के मुताबिक यह आदत अनुवांशिक भी हो सकती है. जिन बच्चों के माता पिता भी बचपन मे बिस्तर गीला किया करते थे. उन के बच्चों में यह समस्या ज्यादा पायी जाती है.

6. आजकल ज्यादातर माताएं बच्चों को नैप्पीज पहना कर रखती हैं जिस कारण उन में पेशाब आने की प्रक्रिया को महसूस करना नहीं सिख पाते. जिस कारण थोड़ा बड़े होने के बाद भी उनके अंदर ये परेशानी बनी रहती और बिस्तर मे पेशाब कर देते हैं.

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क्या हैं उपाय

  • रोज सोने से पहले बच्चे को बाथरूम जाने की आदत डालें व रात में एक बार उसे पेशाब के लिये लेकर जाएं.
  • बच्चे को रात मे तरल पदार्थ कम दे.
  • गुड़, आजवाइन और काले तिल को मिला लें. रोज सुबह एक चम्मच इस मिश्रण को एक गिलास दूध में मिलाकर बच्चे को पिलाएं.
  • आंवले के गूदे में थोड़ी  काली मिर्च पाउडर मिलाकर बच्चे को सोने से पहले दें.
  • रात को सोने से पहले 2-3 छुहारे खिलाएं.
  • बच्चे को प्रतिदिन दो अखरोट व 10-12 किशमिश के दाने 15-20 दिनों तक खिलाएं.
  • जो माताएं बच्चे को नैप्पीज पहनाती हैं. उन्हें नैपी पहनने से पहले पेशाब कराएं व खोलने के बाद भी पेशाब के लिये लेकर जाएं.

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