स्वस्थ, सुडौल बने रहना सभी को अच्छा लगता है पर भागदौड़ भरे जीवन में चाहते हुए भी बहुत सी चीजों और कामों को नजरअंदाज करना पड़ता है. इस का नतीजा यह होता है कि शरीर अस्वस्थ और स्थूल बनता चला जाता है, तब पछताने के सिवा इनसान के पास कुछ भी नहीं बचता. ऐसे में डाक्टर क्या सलाह देते हैं, यह जानने के लिए हम ने कुछ खास डाक्टरों से भेंट की. दिल्ली के बोन एंड जायंट्स केयर फाउंडेशन के निदेशक डा. सुभाष शल्या का कहना है, ‘‘यदि आप अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय अपने लिए निकाल कर उसे खर्च करें तो आप को जीने का अधिक मजा आएगा और आप वृद्धावस्था तक चुस्तदुरुस्त बने रहेंगे.’’

डा. शल्या से प्राप्त दिशानिर्देश पाठकों के लिए नीचे दिए जा रहे हैं ताकि वे भी उन का लाभ उठाएं और स्वस्थ रह कर जीवन का आनंद लें :

फास्ट फूड से परहेज

फास्ट फूड को अपने जीवन से बिलकुल निकाल फेंकें और इस के स्थान पर हरी सागसब्जियां और ताजे फल खाएं. डब्बाबंद भोजन व जूस में कई रासायनिक पदार्थ मिले होते हैं जो सेहत को खराब करते हैं. बिस्कुट, नमकीन आदि भी न लें, जब कभी आप को कुछ अतिरिक्त खाने की इच्छा हो तो मूली, खीरा, तरबूज, पपीता, चीकू, अंगूर, संतरा, कीनू, टमाटर, आम या कोई अन्य मौसमी फल खाएं. इन से शरीर को रेशा मिलता है.

नियमित समय पर भोजन

नियमित रूप से 3 मुख्य आहार लें. नाश्ता, लंच और डिनर. इस के अलावा 2 छोटे आहार भी लें पर भोजन नियमित समय पर ही लें. इस से भी शरीर स्वस्थ रहता है और पेट पर दबाव नहीं रहता. नाश्ता पौष्टिक लें ताकि दिन भर काम करने की ऊर्जा बनी रह सके. 2 आहारों के बीच जब थकान लगे या भूख लगे तो कोई ताजा फल जैसे केला आदि खाएं या फिर एक कटोरी दही लें. खाने में सलाद अवश्य लें. रात्रि के भोजन से पहले सब्जियों का ताजा सूप लें.

मौसमी फल, सब्जियां अवश्य खाएं

यों तो अब हर सब्जी लगभग हर मौसम में मिलने लगी है पर कुछ सब्जियां व फल किसी खास मौसम में अधिक होते हैं जैसे आम, खरबूजा, तरबूज, खीरा गरमियों में अधिक मिलते हैं. सेब, अंगूर, संतरा, कीनू सर्दियों में अधिक होते हैं. सब्जियों में साग, पत्तागोभी, फूलगोभी, मटर सर्दियों में बाजार में अधिक आते हैं और भिंडी, टिंडे, घीया, तोरी आदि गरमियों में अधिक आते हैं. यथासंभव मौसमी फल व सब्जियों का सेवन अधिक करें क्योंकि इन्हें उन्हीं दिनों में खाना अधिक लाभप्रद होता है.

भोजन के बाद झपकी

अगर आप घर पर हैं तो दोपहर के भोजन के बाद थोड़ी देर आराम जरूर करें ताकि शरीर में ऊर्जा पुन: जमा हो सके. यदि आप दफ्तर में हैं तो खाने के बाद थोड़ी देर के लिए आंखें बंद कर लें. इस से आप दोबारा काम करने के लिए पुन: तैयार हो जाएंगे.

पर्याप्त नींद

रात को पूरी नींद लें और सोने का समय निश्चित रखें. नींद पूरी होने पर शरीर चुस्त रहता है. जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती वे अगले दिन चुस्ती से काम नहीं कर पाते. पर्याप्त नींद शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है.

गहरी सांसें लें

सुबह खुले वातावरण में लंबीलंबी गहरी सांसें लें. इस क्रिया से शरीर को अधिक आक्सीजन मिलती है. इसी तरह लंबी व गहरी सांसें छोड़ते समय शरीर के कई विषैले तत्त्व भी बाहर निकल जाते हैं जिन से आप कई तरह की बीमारियों से शरीर को बचा सकते हैं. यदि सुबह आप के पास समय न हो तो आप शाम को भी लंबी गहरी सांसें ले सकते हैं. इस से ध्यान भी केंद्रित होता है.

क्रोध से बचें

क्रोध से काम करने की शक्ति का हृस होता है और मन अशांत रहता है. काम में दिल नहीं लगता, स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी आता है. क्यों न इस का त्याग करें.

सकारात्मक सोच अपनाएं

सकारात्मक सोच जीवन को शक्ति प्रदान करती है और नकारात्मक सोच तनाव ही तनाव देती है जिस से इनसान अपने को बोझ समझने लगता है. इस का कुप्रभाव उस की सेहत और मन दोनों पर पड़ता है. सकारात्मक सोच अपनाकर जीवन को सार्थक बनाएं.

नियमित सैर और व्यायाम करें

सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्म से निवृत्त हो कर सैर पर जाएं क्योंकि सुबह की ताजा व शुद्ध हवा शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है जिस से आप दिन भर ताजादम बने रहते हैं. यदि सैर पर जाना संभव न हो तो घर पर व्यायाम करें. व्यायाम से शरीर की मांसपेशियां लचीली बनती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

साफसफाई पर ध्यान दें

सेहत का साफसफाई से गहरा रिश्ता है. यदि आप के आसपास का वातावरण साफसुथरा है तो आप रोगों से दूर रहेंगे. मौसम के अनुसार हर रोज स्नान कर, साफ वस्त्र पहनें. खुद को प्रदूषण से दूर रखें. प्रदूषण भी रोगों को निमंत्रण देने में सहायक होता है.

बुरी आदतों का त्याग करें

आप अधिक चाय, काफी, शीतल पेय पीने के शौकीन हैं तो इन का सेवन कम कर दें. कोला हड्डियों को कमजोर करता है. चाय, काफी से शरीर को कैफीन की मात्रा अधिक मिलती है, जिस से भूख कम लगती है. मांसाहारी भोजन, शराब और तंबाकू आप की तामसिक वृत्तियों को बढ़ावा देते हैं. इन का त्याग आप के स्वास्थ्य के लिए हितकर है.

खुश रहें

 तनाव, चिंता और दुख सेहत के दुश्मन हैं, इन से नाता तोड़ें. खुश रह कर आप चिंता व तनाव पर आसानी से काबू पा सकते हैं. प्रसन्न रहने पर ही दिमाग सही सोचता है, दुखी रह कर दिमाग भी पूरा काम नहीं करता. अच्छी सेहत का राज हंसी है. अपने आसपास के वातावरण को खुशनुमा बनाएं.

प्रकृति से दोस्ती रखें

प्रकृति आप को ऊर्जा व चेतना प्रदान करती है तो इस से दूरी क्यों? जब भी प्रकृति का आनंद उठाने का अवसर मिले, उसे छोड़ें नहीं, बल्कि उस का पूरा लाभ उठाएं. घर पर कुछ पौधे रखें, सुबह आसमान निहारें, पेड़पौधों को देखें, पक्षियों की गतिविधियों को देखें. इस से बहुत आनंद मिलता है. रात में खुले आसमान को देखें, चांदसितारों को देखें, कितना अच्छा लगता है प्रकृति का साथ. यह न भूलें कि स्वस्थ रहने में ही जीवन का असली मजा है.

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