लेखिका- डा. अनामिका पापड़ीवाल

मरीज शारीरिक रूप से ही नहीं, मानसिक रूप से भी बीमार होता है. डाक्टर और दवा के साथसाथ उसे मानसिक रूप से संतुष्ट कर दिया जाए तो उपचार के और बेहतर परिणाम सामने आएंगे. अभी कुछ दिनों पहले की बात है, मैं एक मरीज से मिली जो काफी दिनों से बीमार थी. उस के पति, पिता सभी काफी निराश लगे. उन से निराशा का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डाक्टर साहब के इलाज से फायदा तो बहुत है परंतु फिर भी वे वहां जिस समस्या को ले कर आए थे वह तो सही हुई नहीं. मरीज को कुछ खाते ही उलटी आ जाती है और बारबार उबकाई आती है,

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