लेखक- नरेंद्र सिंह, मेहरचंद कम्बोज, ओपी चौधरी, अश्विनी कुमार एवं प्रीति शर्मा

अपने पोषण के लिए मक्का भूमि से बहुत ज्यादा तत्त्व लेती है. जैविक खेती के लिए खेत में जीवाणुओं के लिए खास हालात का होना बहुत जरूरी है. मुख्य फसल से पहले दाल वाली फसल या हरी खाद जैसे ढैंचा, मूंग आदि लेनी चाहिए और बाद में इन फसलों को खेत में अच्छी तरह मिला दें. खेत तैयार करने के लिए 12 सैंटीमीटर से 15 सैंटीमीटर गहराई तक खूब जुताई करें, ताकि सतह के जीवांश, पहली फसल के अवशेष, पत्तियां आदि और हरी खाद कंपोस्ट नीचे दब जाएं. इस के लिए मिट्टी पलटने वाले हल से एक गहरी जुताई करनी चाहिए. इस के बाद 4 जुताई कर के 2 बार सुहागा लगाना चाहिए. ऐसा करने से उस में घासफूस नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी भुरभुरी हो जाती?है. आखिरी जुताई से पहले खेत में 100 किलोग्राम घन जीवामृत खाद डालें व अच्छी तरह से मिला दें. बीज की मात्रा व बिजाई का तरीका समतल भूमि पर बिजाई के बजाय मेंड़ों पर बिजाई करना फायदेमंद रहता है.

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