लेखक- डा. बीएस मीणा, मोहन लाल जाट, डा. बच्चू सिंह, मुकेश चौधरी एवं रूप सिंह

गरमी का मौसम शुरू होने के चलते लगातार तापमान बढ़ रहा है. इस हालत में पशुओं को गरमी से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में संतुलित भोजन की जरूरत होती है. गरमी से बचाव के लिए गायभैंस का खास ध्यान रखने की जरूरत है. गरमियों में पशुओं काआवास प्रबंधन भीतरी व बाहरी परजीवियों से बचाव के लिए कृमिनाशक दवा का प्रयोग करें. पशुओं को खुरपका, मुंहपका, गलघोंटू और लंगड़ी ज्वर से बचाव के लिए टीका लगवाएं. पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन बी और सैलेनियम सप्लीमैंट दें. पशु बीमार हो तो सेहतमंद पशु से तुरंत अलग कर देखरेख करें.

जरूरत पड़ने पर नजदीकी पशु डाक्टर से संपर्क करें. पशुओं का बीमा जरूर करवा लें. गाय व भैंस को प्रतिदिन नहलाएं, पशुओं को बाहर न निकालें और न पशुओं के साथ यातायात करें. साफ और ताजा पानी भरपूर मात्रा में दें, जिस से पशुओं की सारी शारीरिक प्रक्रिया अच्छी तरह से चले और दुग्ध उत्पादन में किसी प्रकार की कमी न हो.संतुलित आहारपशुओं को हरा चारा के साथ सूखा चारा मिला कर खिलाएं.

ये भी पढ़ें- आधुनिक खेती की ओर युवा किसान ज्ञान चंद  

पौष्टिकता बढ़ाने के लिए गेहूं के भूसे को यूरिया से उपचारित करें (100 किलोग्राम भूसे को उपचारित करने के लिए 4 किलोग्राम यूरिया को 40 लिटर पानी में घोल बना कर छिड़काव करें.) पशुओं के संतुलित आहार में 50 ग्राम मिनरल पाउडर व 20 ग्राम नमक रोजाना दें.पशु ब्याने के 2 घंटे के अंदर नवजात बछड़े व बछिया को खीस जरूर पिलाएं. इस से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • 5000 से ज्यादा फैमिली और रोमांस की कहानियां
  • 2000 से ज्यादा क्राइम स्टोरीज
  • 300 से ज्यादा ऑडियो स्टोरीज
  • 50 से ज्यादा नई कहानियां हर महीने
  • एक्सेस ऑफ ई-मैगजीन
  • हेल्थ और ब्यूटी से जुड़ी सभी लेटेस्ट अपडेट
  • समाज और राजनीति से जुड़ी समसामयिक खबरें
Tags:
COMMENT