पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मूंग की खेती जायद के मौसम में अकेली फसल के रूप में या मिलवां फसल के रूप में की जाती है. खरीफ में भी इस की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है. हालांकि खरीफ में मौसम नम रहने के कारण इस फसल में पीला मौजेक नामक बीमारी का खतरा होता?है, जिस से पैदावार कम हो जाती है. खेत का चयन व तैयारी : दोमट व हलकी दोमट मिट्टी जिस में जल निकास की सही व्यवस्था हो, मूंग की फसल के लिए अच्छी रहती है. खेत की तैयारी के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल या हैरो से करें. उस के बाद 2-3 जुताई कल्टीवेटर से कर के पाटा लगा दें. इस तरह खेत बोआई के लिए तैयार हो जाता है.

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