लेखक- डा. शेर सिंह एवं डा. जेपी सिंह 

तोरिया ‘कैच क्रौप’ के रूप में खरीफ व रबी के मध्य में बोई जाने वाली तिलहनी फसल है. इस की खेती कर के अतिरिक्त लाभ हासिल किया जा सकता है. यह 90-95 दिन के अंदर पक कर तैयार हो जाती है. इस की उत्पादन क्षमता 12-18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. खेत की तैयारी तोरिया के लिए हलकी बलुई दोमट भूमि सर्वाधिक उपयुक्त होती है. पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और 2-3 जुताइयां देशी हल, कल्टीवेटर/हैरो से कर के पाटा लगा कर मिट्टी भुरभुरी बना लेनी चाहिए.

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