शादीब्याह कोई भी करवाए पर निभाना तो पतिपत्नी को ही पड़ता है. विवाह न केवल दो परिवारों का मेल है बल्कि उन की जीवनदिशा बदलने वाला प्रमुख कारक भी है. सुखी दंपतियों का जीवन उन जोड़ों से निसंदेह अलग होता है जो प्रेमसुख नहीं भोग पाते.

प्यार का इजहार करें : सफल दांपत्य चाहते हैं तो प्रेम को प्रकट करते रहें यानी उस का इजहार बेहद जरूरी है. प्यार के दो बोल बोलना स्पर्श सुख जैसा है. अभिव्यक्ति में कभी कंजूसी न करें. एकदूसरे के प्रति आत्मीयता प्रकट करते रहें. आतेजाते ‘आई लव यू’ या ‘तुम कितने अच्छे हो’ कहने से संबंधों में गरमाहट बनी रहती है.

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