शहरों के कानूनों की गिरफ्त में वर्षों रखने के बाद अब शहंशाहों को समझ आ रहा है कि सिर्फ कानून बना देने से शहर नहीं सुधरता. मकानों को बनाने के कठोर नियम असल में सभी शहरों में बिना एप्रूफ किए मकान बनाने की आदत डाल चुके हैं, शहरों में हर खाली जगह पर कच्ची बस्तियां उग आई हैं. अब गरीबों के लिए एक या 2 कमरों के मकान बनाने के लिए एफएआर, फ्लोर एरिया रेशो को 50' बढ़ाने की छूट दी जा रही है.

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