आर्थिक विशेषज्ञों ने 20 लाख करोड़ रुपए के सरकारी पैकेज का पहले दिन खुलेदिल से स्वागत किया, पर जैसेजैसे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के स्टीमुलसों की परतें उधेड़ी गईं, पता चला कि यह आर्थिक सहायता महज 1.25 से 1.77 लाख करोड़ रुपए की ही है. निर्मलाजी ने साफसाफ कह दिया कि वे कल का कुछ नहीं कह सकतीं. इसलिए, आज खजाने के कोने में दबा पैसा खर्चा नहीं कर सकतीं चाहे लौकडाउन से देश की जनता भूखों मरे.

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