नई चिकित्सा ने जहां लोगों की आकस्मिक मृत्यु को रोक दिया है, वहीं बढ़ते बुढ़ापे ने एक समस्या खड़ी कर दी है जो दिनोंदिन विकराल होती जा रही है. दिल्ली के निकट गुरुग्राम में 77 साल के एक वृद्ध का पत्नी के साथ वसीयत करना, आत्महत्या का पत्र लिखना और फिर पत्नी का गला रेतने के बाद अपनी नसें काट लेना उसी समस्या का मात्र एक उदाहरण है.

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