रात के 2 बजे पार्टी से लौटने का हक हरेक को है, (फिलहाल अभी तक जब तक इसे देशद्रोह न मान लिया जाए) पर यह न भूलें कि इस संस्कारी देश में सतर्क पर बिखरे गुंडों की कमी नहीं है. रात को लड़की के अकेले या सिर्फ एक पुरुष को, चाहे पिता हो या पति, देख कर हैरेस करना आम बात है. अब गुंडोंमवालियों के पास अपनी नई गाड़ियां भी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग सत्तारूढ़ पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पुलिस वालों को धमकाना आसान है.

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