सौजन्या- मनोहर कहानियां

बेटे की शादी में दहेज न मिलने की जो कील कमल राय के मन में चुभी थी, उसे निकालने के लिए उसे 3 साल इंतजार करना पड़ा. उस ने अपनी संतुष्टि के लिए कील तो निकाल दी, लेकिन...  बिहार के मधुबनी जिले की गौरीगंज तालुका के गांव लालापुर के रहने वाले 50 वर्षीय सुधीर ठाकुर करीब 22-23 साल पहले मुंबई के उपनगर अंधेरी में आ बसे थे. उन्होंने यहीं कामधंधा शुरू कर दिया था. परिवार गांव में रहता था, जिस में उन की पत्नी के अलावा एक जवान बेटी नंदिनी और 2 बेटे थे.

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