सड़कें सूनी, गलियां सूनी, सूनी हैं दीवारें, हर ओर यही नजारा देखने को मिल रहा है. इतना ही नहीं, मन्दिर के कपाट बंद हैं, वहीं चर्च व मस्जिदों पर ताले लटके हैं. न मंदिरों में घण्टे बजे औऱ न पूजाआरती हुई, न ही मस्जिद में अजान. भगवान तो भगवान, अल्लाह भी चुप, इंसान भी लाचार.

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