आप टैक्स बचाने के लिए न जाने कितने पापड़ बेलते हैं. ज्यादातर लोग निवेश को ही टैक्स बचाने का सबसे आसान तरीका समझते हैं. पर क्या आप इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के बारे में जानते हैं? आयकर की धारा 80सी के तहत आप पीपीएफ, ईपीएफ, जीवन बीमा प्रीमियम, बैंक डिपॉजिट, राष्‍ट्रीय बचत पत्र और ऐसे ही अन्‍य उत्‍पादों का चयन करते हैं.

आप इन तरीकों से भी टैक्स बचा सकते हैं:

1. घर के रेंट से

अगर आपको इम्प्लोयर के तरफ से एचआरए नहीं मिलता है, तो आपको 2000 रुपए प्रति महीने के हिसाब से 24,000 रुपए तक आय में से टैक्‍स छूट मिल सकती है. पर अगर आप या आपका जीवनसाथी के नाम पर कोई भी रिहायसी संपत्ति हैं, तो आपको इस छूट का लाभ उसे नहीं मिलेगा.

2. उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन से

अगर आपने उच्च शिक्षा के लिए लोन लिया है तो आप लोन पर दिए जाने वाली पूरी ब्याज राशि पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. सिर्फ बच्चों की पढ़ाई के लिए ही नहीं, अगर अपने या जीवनसाथी के शिक्षा के लिए लोन लिया है, तो भी आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.

3. नेशनल पेंशन सिस्टम से

सन् 2004 में एनपीएस सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया था. सन् 2009 में इसे प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी लागू कर दिया गया. रिटायरमेंट प्‍लानिंग के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है. पर एनपीएस में किए निवेश के पैसे निकालते वक्त आपको टैक्स देना होगा.

4.  स्‍वास्‍थ्‍य बीमा से

आयकर कानून के तहत 25,000 रुपए तक का मेडिकल प्रीमियम टैक्‍स डिडक्‍शन के अंतर्गत आता है. माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्च पर एक साल में 30,000 रुपए तक की रकम पर टैक्स छूट मिलती है. 

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