भोजपुरी सिनेमा ने 55 साल से भी ज्यादा का सफर पूरा कर लिया है लेकिन भद्दे गाने, फूहड़ डायलौग, गंदी हरकतें और इशारेबाजी ही भोजपुरी फिल्मों की पहचान बन कर रह गए हैं. हिंदी फिल्मों की अंधी नकल के बाद भी भोजपुरी सिनेमा का काफी बड़ा बाजार है और इस से जुड़े ज्यादातर लोग मुनाफा कमा रहे हैं.

COMMENT