भोजपुरी फिल्मों का मुकाबला सीधे हिंदी फिल्मों से है. ऐसे में इन की लोकप्रियता दूसरी क्षेत्रीय बोली की फिल्मों से ज्यादा है. पहले हिंदी फिल्मों में काम करने के लिए ज्यादातर कलाकार लड़केलड़कियां हिंदी बोली वाले उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश से आते थे. हीरोहीरोइन बनने के सपने देखने वाले सभी कलाकार हिंदी फिल्मों में काम नहीं पाते. लड़के हीरो की जगह पर दूसरे काम करने लगते थे. लड़कियां भी वापस घर आ जाती थीं. पर जब से भोजपुरी फिल्में बनने लगी हैं, छोटे शहरों की वे लड़कियां जो हीरोइन बनने के सपने देखती थीं, अब फिल्मी परदे पर चमकने लगी हैं. इन में से कई आज भोजपुरी फिल्मों की स्टार बन गई हैं.

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