दिसंबर 26. सन 2018. मुम्बई के कार्निवल आयमैक्स वडाला थियेटर ने जैसे उत्सवी रंग रूप धर लिया था. तुतारी और नासिक ढोल की धुन पूरी तरह से घुल-मिल गयी थी. सुनहरे रंग की रौनक संगीत की धुनों पर थिरक रही थी और मद्धम चलती हवाएं उनका पूरा साथ दे रही थीं. एक भव्य स्तंभ के ऊपर 20 फुट के कटआउट के रूप में बालासाहेब ठाकरे विराजमान थे. ‘ठाकरे’ के ट्रेलर ने न‌ सिर्फ वहां निर्मित खुशनुमा वातावरण के साथ न्याय किया, बल्कि बालासाहेब ठाकरे की कद्दावर शख्सियत को भी उकेरा.

बालासाहेब ठाकरे मेमोरबिलिया कौर्नर, मराठा चिह्न और तख़्त पर विराजमान शिवाजी की भव्य मूर्ति इस मौके को और भी खास बना रहे थे.

balasaheb Thackeray Trailer

उधर, थियेटर के अंदर लौन्च किये गये ‘ठाकरे’ के ट्रेलर को मिले उत्साही प्रतिसाद और तालियों की गड़गड़ाहट ने नासिक ढोल की धुनों को भी फीका कर दिया था !

‘ठाकरे’ फ़िल्म का निर्माण राउत’र्स एंटरटेनमेंट एलएलपी, वायाकौम 18 मोशन पिक्चर्स और कार्निवल मोशन पिक्चर्स ने मिलकर किया है. ये फिल्म 2019 की सबसे बेहतरीन फिल्मों‌ में से एक साबित होगी, जिसका दुनिया भर में बेसब्री से इंतजार‌ किया जा रहा है.

ट्रेलर देखने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने‌ कहा कि इसे देखने के बाद उनके रोंगटे खड़े हो गये. उन्होंने कहा,‌ “मैंने बालासाहेब ठाकरे के जीवन को 52 सालों तक बेहद करीब से देखा और महसूस किया है. ऐसे में‌ उनके जीवन‌ को एक फ़िल्म के अंदर सीमित करना कोई आसान काम‌ नहीं है. मुझे संजय राऊत और उनकी टीम पर पूरा भरोसा है और मुझे उम्मीद है कि दुनियाभर‌ में फ़िल्म की चर्चा होगी. उनकी‌ शख़्सियत कुछ ऐसी थी कि उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई समझौता नहीं किया और इस फ़िल्म में उनकी ज़िंदगी‌ को हूबहू उतारने की कोशिश की गयी है.”

तेज़-तर्रार पत्रकार और सांसद संजय राऊत ने सामना का‌ कार्यकारी संपादक रहते हुए अपनी ज़िंदगी‌ का एक लम्बा सफर बालासाहेब ठाकरे के साथ तय किया है. उन्होंने कहा कि फिल्म‌ में बालासाहेब ठाकरे की‌ दहाड़ती छवि को‌ बेहतरीन तरीके से पेश करने की कोशिश‌ की गयी है. उन्होंने कहा, “बालासाहेब ठाकरे अपनी ऊर्जा आम लोगों में संचारित कर देते थे और फिर‌ आम लोगों को सुपरमैन होने की शक्ति का एहसास कराते थे. जिस किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के करीब आने‌ का मौका मिला, उसने महसूस किया कि जैसे उसका जीवन ही बदल गया हो. अब समय आ गया है कि भारत के‌ हर आम नागरिक को अपने हक और ताकत का एहसास हो.”

वायाकौम 18 मोशन‌ पिक्चर्स के सीओओ अजीत अंधारे ने कहा, “फ़िल्म ‘ठाकरे’ हमारी 75वीं और 10वीं मराठी फिल्म‌ है. बालासाहेब ठाकरे सिनेमा‌ के लिए एक अद्भुत विषय हैं. एक‌ स्टूडियो के तौर पर ये पहला मौका होगा जब हम किसी फिल्म को हिंदी और मराठी दोनों‌ भाषाओं में‌ समानंतर तौर पर रिलीज़ करेंगे. ये फिल्म‌ एक ऐसी शख्सियत पर आधारित है, जिनका आम लोगों से जुड़ाव बेहद अलहदा‌ किस्म का‌ था. उनके जैसे उच्च दर्जे‌ के किरदार का‌ सही तरीके से चित्रण करना एक बहुत बड़ी‌ ज़िम्मेदारी है. ये एक बेहद ही महत्वाकांक्षी फ़िल्म है, जिसका हिस्सा बनना हमारी खुशनसीबी है.”

कार्निवल ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष श्रीकांत भासी ने इस मौके‌ पर कहा, “कार्निवल ग्रुप हमेशा से कंटेट आधारित सिनेमा का पैरोकार रहा है. बालासाहेब ठाकरे इस बात की मिसाल बने कि कैसे सामान्य व्यक्ति भी समाज में बदलाव ला सकता है. बालासाहेब ठाकरे की अद्भुत ज़िंदगी और नवाज़ुदीन सिद्दीकी की‌ कमाल की अदाकारी को दर्शानेवाली फ़िल्म ‘ठाकरे’ का हिस्सा बनना हमारे लिए गौरव की बात हैं.”

फिल्म में‌ नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी शिवसेना सुप्रीमो के अहम किरदार में दिखेंगे, तो वहीं अमृता राव बालासाहेब ठाकरे की पत्नी के रोल में‌ दिखेंगी. इनके अलावा, फिल्म के निर्माण से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई समर्पित टेक्नीशियन जुड़े हुए हैं. फ़िल्म‌ का निर्देशन अभिजित फणसे ने किया है. ‘ठाकरे’ दुनियाभर में 25 जनवरी‌ को‌ दुनियाभर में रिलीज होगी.

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