Viral Reel: सोशल मीडिया पर लाइक्स, व्यूज और फौलोअर्स पाने का सनकभरा जनून किस हद तक खतरनाक हो सकता है, इस की ताजा बानगी महाराष्ट्र के वाशिम जिले से सामने आई है. यहां एक युवक ने सोशल मीडिया पर मशहूर होने के चक्कर में अपनी जान की परवा न करते हुए सीधे रेलवे पटरी पर जा कर एक जानलेवा रील बना डाली. @jayprakashindia अकाउंट से वायरल हो रहे वीडियो में युवक रेलवे ट्रैक के ठीक बीच में खड़ा दिखाई दे रहा है. वह वीडियो में कहता नजर आ रहा है, “वाशिम जिले की लड़कियां जब तक मुझे फौलो नहीं करेंगी, तब तक मैं रेलवे पटरी से नहीं हटूंगा.” इतना ही नहीं, फौलोअर्स पाने के इस अजीबोगरीब दांव में उस ने वाशिम की लड़कियों की कसम तक खा डाली.
फौलोअर्स और डिजिटल प्रसिद्धि पाने के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले इस युवक का वीडियो अब इंटरनैट पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. हालांकि, नेटिजन्स और स्थानीय लोग इस तरह की बेवकूफीभरी हरकत पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
रेलवे पटरी जैसी संवेदनशील और खतरनाक जगह पर इस तरह के स्टंट करना न सिर्फ युवक की खुद की जान के लिए बड़ा खतरा है, बल्कि यह रेलवे सुरक्षा नियमों का भी सीधा उल्लंघन है. पटरियों पर ट्रेन अचानक आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता था. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और रेलवे प्रशासन को ऐसे रीलबाजों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि युवा वर्ग में इस तरह के जानलेवा ट्रैंड्स पर रोक लग सके.
गायनेक का जादुई हाथ का दावा
सोशल मीडिया के दौर में डाक्टर और मैडिकल प्रोफैशनल्स भी डिजिटल इन्फ्लुएंसर बन गए हैं. स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) डा. नाज फातिमा (@drnaazfatima) अपने इंस्टाग्राम कंटैंट को ले कर चर्चा में हैं. उन के इंस्टा पर 3.8 मिलियन फौलोअर्स हैं. उन्हें बेस्ट गाइनीकोलौजी अवार्ड और आइकन औफ एशिया अवार्ड जैसे कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है. इस का जिक्र वे अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल और बायो में करती भी हैं. वे विशेष रूप से नौर्मल डिलीवरी कराने के दावों और डिलीवरी रूम के वीडियोज बना कर सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं.
डा. नाज फातिमा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसे कई वीडियो मौजूद हैं जिन में लेबररूम के अंदर महिलाओं को दर्द से चिल्लाते, रोते और कराहते हुए दिखाया जाता है. इन इमोशनल और सैंसटिव पलों को शूट कर के सोशल मीडिया पर बतौर कंटैंट पोस्ट किया जाता है. कई लोग इसे नौर्मल डिलीवरी की अवेयरनैस के रूप में देखते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ मैडिकल एथिक्स और मरीज की गोपनीयता को ले कर सवाल भी खड़े होते हैं.
उन के एक वायरल वीडियो में एक गर्भवती महिला की सास उन से कहती हुई नजर आती है कि “मैडम, आप का हाथ जादुई है, आप बस छू देंगी तो बच्चा ठीक से और आसानी से हो जाएगा.”
किसी डाक्टर का हाथ लगा देने, छू देने या कोई व्यक्तिगत जादू किसी महिला की नौर्मल डिलीवरी तय नहीं कर सकता. डिलीवरी नौर्मल होगी या सिजेरियन, यह पूरी तरह से महिला के पेल्विक स्ट्रक्चर, बच्चे की पोजीशन, एम्नियोटिक द्रव, बच्चे की धड़कन और मां की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है.
मैडिकल साइंस में किसी भी प्रक्रिया को ‘जादुई स्पर्श’ मानना अंधविश्वास है. हर मरीज की शारीरिक स्थिति अलग होती है. स्थिति बिगड़ने पर सिजेरियन औपरेशन ही मां और बच्चे की जान बचाने का एकमात्र सुरक्षित वैज्ञानिक जरिया होता है.
डाक्टर का अनुभव और सही समय पर सही फैसला लेना बेशक बहुत मायने रखता है लेकिन नौर्मल डिलीवरी को किसी ‘चमत्कार’ के रूप में पेश करना या डिलीवरीरूम की स्थिति को कंटैंट बनाना स्वास्थ्य जागरूकता से ज्यादा सोशल मीडिया पब्लिसिटी की ओर इशारा करता है. मरीजों को भी यह समझना होगा कि सही मैडिकल स्थिति ही सुरक्षित डिलीवरी की गारंटी होती है, न कि कोई जादुई दावा. Viral Reel





