Career Anxiety: मेरी उम्र 21 वर्ष है, लखनऊ में रहता हूं. मैं बी. कौम. के अंतिम वर्ष का छात्र हूं. मातापिता चाहते हैं कि पढ़ाई पूरी होते ही मुझे अच्छी नौकरी मिल जाए. मेरे कई दोस्तों को इंटर्नशिप मिल चुकी है, जबकि मुझे लगता है कि मैं अभी भी वहीं खड़ा हूं. दिनभर नौकरी और कैरियर को ले कर चिंता रहती है. रात को सोने जाता हूं तो दिमाग में तरहतरह के विचार चलते रहते हैं और कई बार पढ़ाई पर भी ध्यान नहीं लगा पाता. मुझे डर लगता है कि कहीं मैं अपने भविष्य में असफल न हो जाऊं. मैं इस स्थिति से कैसे बाहर निकलूं?
21 वर्ष की उम्र में कैरियर को ले कर असमंजस और भविष्य की चिंता होना सामान्य है. इस समय आप को अपने भविष्य का फैसला करने के बजाय छोटेछोटे लक्ष्य तय करने चाहिए. हर दिन पढ़ाई के लिए कुछ निश्चित घंटे रखें और साथ ही, नौकरी या इंटर्नशिप की तैयारी के लिए अलग समय निर्धारित करें. अपने दोस्तों की उपलब्धियों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी प्रगति पर ध्यान दें. रात में सोने से पहले मोबाइल और कैरियर से जुड़ी चिंताओं से थोड़ा विराम लें और अगले दिन के जरूरी काम लिख कर मन को शांत करने की कोशिश करें. अगर चिंता लगातार बनी रहती है, नींद प्रभावित होती है या पढ़ाई व रोज़मर्रा की जिंदगी में परेशानी बढ़ रही है, तो किसी काउंसलर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना समझदारी होगी. याद रखिए, 21 साल की उम्र में पीछे रह जाना जैसी कोई अंतिमरेखा नहीं होती - हर व्यक्ति की सफलता का समय अलग होता है.
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