Discovery oF Fire: पहले इंसान ने आग को कंट्रोल करना सीखा, फिर आग जलाना सीखा और फिर आग के इस्तेमाल से सभ्यताएं विकसित कर डालीं. अब तक हमारे पास इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं थे कि आग का इस्तेमाल करना मनुष्य ने कब सीखा. अभी हाल की खोज ने इस प्रश्न को हल कर दिया.
आग की खोज को मानव इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है. आग ने इंसान को अंधेरे से रोशनी, ठंड से सुरक्षा, जंगली जानवरों से बचाव और आगे चल कर भोजन पकाने की सहूलियत दी लेकिन सवाल हमेशा से रहा कि इंसानों ने सब से पहले आग का इस्तेमाल कब शुरू किया?
हाल ही में साइंटिफिक जनरल ‘प्लोस वन’ में पब्लिश एक शोध के अनुसार, स्पेन के राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय की वैज्ञानिक डा. योलान्डा फर्नांडीज-जाल्वो और उन के सहयोगियों की टीम ने खोज की है कि लगभग 18 लाख साल पहले प्राचीन मानव गुफाओं के अंदर आग ला कर उस का इस्तेमाल करते थे.
यह खोज दक्षिण अफ्रीका की मशहूर वंडरवर्क गुफा में हुई. यह गुफा दुनिया की बहुत ही महत्त्वपूर्ण आर्कियोलौजिकल साइट में गिनी जाती है क्योंकि वहां लाखों साल तक प्राचीन मानव रहा करते थे. यह गुफा दक्षिण अफ्रीका के नौर्दर्न केप इलाके में मौजूद है. इस गुफा की लंबाई लगभग 140 मीटर है. वहां लगभग 18 लाख से 9 लाख वर्ष पुराने इंसानों के पूर्वजों के सुबूत मिले हैं.
वैज्ञानिकों ने गुफा में मिले हजारों जानवरों की हड्डियों और तलछटों का अध्ययन किया और इस के लिए एक नई तकनीक का उपयोग किया जिसे बोन ल्यूमिनेसैंस कहा जाता है. इस के बाद नतीजों को एफटीआईआर यानी फोरियर ट्रांसफौर्म इन्फ्रारेड स्पैक्ट्रोस्कौपी नामक वैज्ञानिक तकनीक से जांचा गया. इन परीक्षणों से पता चला कि आग गुफा के भीतर लाई गई थी.
अब तक वंडरवर्क गुफा से आग के इस्तेमाल के प्रमाण लगभग 10 लाख वर्ष पुराने माने जाते थे. अब नए अध्ययन के अनुसार यह समय बढ़ कर 18 लाख साल हो गया है. यानी, आग के उपयोग का इतिहास लगभग 8 लाख साल और पीछे चला गया है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि उस समय के मानव स्वयं आग पैदा नहीं करते थे. वे जंगल की आग, बिजली गिरने या नैचुरल आग से जलती लकड़ियां उठा कर गुफाओं में लाते थे और कुछ समय तक उसे जलाए रखते थे. यानी, वे आग का उपयोग करना जानते थे लेकिन आग जलाना नहीं जानते थे.
वैज्ञानिकों का मानना है कि उस समय दक्षिण अफ्रीका में होमो इरैक्टस रहता था. होमो इरैक्टस सीधा चल सकता था, पत्थर के औजार बना सकता था, वह समूह में रहता था, लंबी दूरी तय कर सकता था और सब से बड़ी बात यह कि होमो इरैक्टस आग का इस्तेमाल कर सकता था. इस शोध में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि वे भोजन पकाते थे. गुफा में आग होने के प्रमाण मिले हैं लेकिन पके हुए भोजन के साफ सुबूत नहीं मिले.
संभव है कि आग का उपयोग ठंड से बचने, रोशनी के लिए, जंगली जानवरों को दूर रखने और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा हो.
मानव इतिहास की सब से जरूरी खोज
इस शोध की सब से बड़ी उपलब्धि केवल आग के प्रमाण मिलना नहीं है. वैज्ञानिकों ने ऐसी नई तकनीक विकसित की है जिस से बिना हड्डियों को नुकसान पहुंचाए यह पता लगाया जा सकता है कि वे कभी आग में जली थीं या नहीं. इस नई तकनीक से दुनिया के दूसरे प्राचीन स्थलों की भी दोबारा जांच की जा सकेगी.
यदि वहां भी ऐसे प्रमाण मिलते हैं तो मानव इतिहास और भी पीछे जा सकता है.
इस खोज से एक और बात साफ होती है कि होमो इरैक्टस सिर्फ शिकार और औजारों तक सीमित नहीं था. गुफा के भीतर आग को लाना और उसे बुझने से बचाना खुद में एक जटिल काम था. इस के लिए उसे समय का अंदाजा, ईंधन का इंतजाम और समूह के साथ तालमेल बिठाना पड़ा होगा. यानी, 18 लाख साल पहले भी इंसान ने आग को सिर्फ एक जरूरत नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह संभाला. इस से पता चलता है कि सहयोग और जानकारी बांटने की आदत मानव समाज की शुरुआत से ही रही है.
बोन ल्यूमिनेसैंस जैसी बिना नुकसान वाली जांच तकनीक आने से अब आर्कियोलौजी की दिशा बदल सकती है. पहले वैज्ञानिक हड्डियों को काटछांट कर ही टैस्ट करते थे, जिस से सुबूत खराब हो जाते थे. अब बिना छेड़े यह पता चल सकेगा कि कौन सी हड्डी आग के संपर्क में आई थी. इस का फायदा यह होगा कि एशिया, यूरोप और अफ्रीका की दूसरी गुफाओं को भी दोबारा स्कैन किया जा सकेगा. अगर वहां भी 15-18 लाख साल पुराने निशान मिल गए तो आग का युग हमारे टाइमलाइन में और पीछे खिसक जाएगा.
यह खोज मानव विकास की कहानी में एक महत्त्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है. अगर लगभग 18 लाख साल पहले के मानव सचमुच जंगल से आग ला कर गुफाओं में सुरक्षित रखते थे तो इस का मतलब यह है कि उन की सोच, योजना बनाने की क्षमता और सामूहिक जीवन पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा विकसित था हालांकि यह अध्ययन अभी भी आग के उपयोग का प्रमाण देता है, आग जलाने का नहीं. फिर भी, यह खोज इस बात की सुबूत है कि मानव और आग का रिश्ता हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा पुराना है. आने वाले सालों में अगर इसी तरह के सुबूत दूसरी आर्कियोलौजिकल साइट्स से भी मिलते हैं तो यह तय है कि ह्यूमन सिविलाइजेशन के शुरुआती इतिहास को फिर से लिखना पड़ सकता है. Discovery oF Fire





