Delhi Police: 20 जून 2026 के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस के कारनामें लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले हैं. अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने खाने-पीने, पानी और पब्लिक वॉशरूम तक बंद करवा दिए. शाम 6 बजे के बाद जब समय खत्म हुआ तो पुलिस ने खदेड़ना शुरू किया, उस दौरान की धक्का-मुक्की में कई लोग घायल भी हुए. इस दौरान कुछ “सिविल ड्रेस” में लोग भीड़ में घुसे और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. हालात पूरी तरह बेकाबू हो चुके थे.
शाम 6 बजे के बाद CJP कार्यकर्ता और पुलिस के बीच “जबरदस्त धक्का-मुक्की” हुई. कइयों के सिर फूटे, हाथ टूटे और इस अफरातफरी में कुछ पुलिसवालों को भी चोटे आईं. इसके बाद पुलिस ने FIR भी दर्ज की और स्टूडेंट्स को डिटेन कर मंदिर मार्ग थाने ले गई.
पुलिस वालों ने अपनी वर्दी और इस वर्दी के साथ मिले डंडे का भरपूर इस्तेमाल किया. यह पुलिस के लिए हाथ साफ करने का मौका था. इन पुलिसवालों की गुंडागर्दी पर सवाल खड़ा करने से लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रोटेस्ट में हाथ में डंडा लिए बिना वर्दी वाले गुंडे कहाँ से आये थे?
इन्हें किसने इजाजत दी? क्या यह आरएसएस की कार्यशाला में ट्रेन हुए लोग थे या अमित शाह की स्पेशल फ़ोर्स के लोग थे? प्रोटेस्ट में हजारों छात्र, युवा और अलग-अलग संगठन के लोग शामिल थे जो शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट में हिस्सा ले रहे थे. ऐसे में अगर वे भी इन बिना वर्दी वाले गुंडों को सबक सिखाने पर उतर आते तो क्या होता? CJP इसे “साजिश” बता रही है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं. Delhi Police





