Marriage Problems: मैं 38 वर्ष का, एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स मैनेजर हूं. मुझे काम के सिलसिले में अकसर बाहर रहना पड़ता है. मेरी शादी को 10 साल हो चुके हैं और हमारे 2 बच्चे हैं. जब भी मैं घर पर नहीं होता तो पत्नी फोन पर ज्यादा व्यस्त रहती है और कई बार मेरे कौल का ठीक से जवाब भी नहीं देती. पड़ोसियों से मुझे इशारों में ऐसी बातें सुनने को मिली हैं कि मेरे घर पर मेरी गैरमौजूदगी में कोई व्यक्ति आताजाता है.
इन सब बातों के कारण मेरे मन में यह शक पैदा हो गया है कि कहीं मेरी पत्नी का किसी और के साथ संबंध तो नहीं. यह सोच कर मैं अंदर ही अंदर बहुत परेशान रहने लगा हूं. जब भी मैं उस से इस बारे में बात करने की कोशिश करता हूं तो वह नाराज हो जाती है और बात को टाल देती है. मैं अपने परिवार को टूटने नहीं देना चाहता, लेकिन इस शक के साथ जीना भी मेरे लिए मुश्किल हो गया है. कृपया बताइए कि मैं इस स्थिति को कैसे संभालूं और सच्चाई तक कैसे पहुंचूं?
आप की स्थिति बहुत संवेदनशील है और जो आप महसूस कर रहे हैं वह स्वाभाविक है क्योंकि जब भरोसे में थोड़ी भी दरार आती है तो मन बारबार उसी बात में उलझ जाता है लेकिन यहां सब से जरूरी बात यह समझना है कि अभी आप के पास केवल संकेत और शक हैं, पक्के प्रमाण नहीं. ऐसे में अगर आप सीधे आरोप लगाने लगेंगे या बारबार उसी विषय पर बात करेंगे तो रिश्ता और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकता है.
सब से पहले आप को स्थिति को भावनाओं के बजाय सम?ादारी से देखना होगा. पड़ोसियों की बातों या अधूरी जानकारी पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं, क्योंकि कई बार बातें बढ़ाचढ़ा कर या गलत तरीके से भी कही जाती हैं. साथ ही, यह भी संभव है कि आप की पत्नी का व्यवहार किसी और कारण से बदला हो, जैसे अकेलापन, आप की लगातार गैरमौजूदगी या कोई निजी तनाव जिसे वह खुल कर व्यक्त न कर पा रही हो.
इस स्थिति में सब से सही तरीका यह होगा कि आप बातचीत का तरीका बदलें. उस से सीधे शक जताने के बजाय अपने भाव साक्ष्य करें, जैसे कि ‘मुझे हाल में थोड़ी दूरी महसूस हो रही है और मैं इस वजह से परेशान हूं.’ इस से उन्हें लगेगा कि आप उसे दोष नहीं दे रहे, बल्कि रिश्ता सुधारना चाहते हैं. कोशिश करें कि बातचीत शांत माहौल में हो, बिना गुस्से या आरोप के. अगर वह तुरंत खुल कर बात न करे तो उसे समय दें, लेकिन यह भी स्पष्ट करें कि यह बात आप के लिए महत्त्वपूर्ण है.
इस के साथ ही, आप अपने रिश्ते में समय और जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश करें. जब आप घर पर हों तो मोबाइल या काम से हट कर उस के और बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं. कई बार दूरी के कारण भी रिश्तों में बदलाव आ जाता है और उसे ठीक करने के लिए फिर से भावनात्मक जुड़ाव बनाना जरूरी होता है. अगर स्थिति फिर भी स्पष्ट नहीं होती या तनाव बढ़ता जाता है तो किसी पेशेवर मैरिज काउंसलर की मदद लेना एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प हो सकता है, जहां दोनों अपनी बात खुल कर रख सकेंगे. सब से महत्त्वपूर्ण बात यह है कि सच्चाई तक पहुंचने की जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम न उठाएं जिस से रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाए. Marriage Problems
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