Love Problems : मेरा बौयफ्रैंड चैट पर बहुत रोमांटिक और बातूनी है लेकिन जब हम आमने-सामने मिलते हैं तो वह शांत रहता है. कभी-कभी मुझे लगता है कि शायद वह मेरे साथ सहज नहीं है. क्या यह सामान्य है?
बहुत से लोग टेक्स्ट में खुल कर बोल लेते हैं क्योंकि वहां सोच कर जवाब देने की सुविधा होती है. आमने-सामने घबराहट या संकोच हो सकता है.
उन्हें थोड़ा समय दीजिए. कोशिश करें कि मिलने पर हलकी, आसान और मज़ेदार बातों से शुरुआत हो. धीरे-धीरे वे सहज हो जाएंगे.
यह ज़रूरी नहीं कि समस्या रिश्ते में हो, शायद अपने व्यक्तित्व के कारण वे ऐसे हों.
हम शादी के नाम पर बार-बार झगड़ते हैं. हम 5 साल से रिलेशनशिप में हैं. मैं शादी के लिए तैयार हूं लेकिन मेरा बौयफ्रैंड कहता है कि अभी कैरियर सेट नहीं हुआ. मुझे लगता है कि वह बात टाल रहा है. इस वजह से हमारा रिश्ता तनाव में है.
शादी जीवन का बड़ा फैसला है और हर व्यक्ति अपने समय से तैयार होता है. आप यह समझने की कोशिश करें कि क्या सचमुच करियर कारण है या वह भावनात्मक रूप से निर्णय को लेकर दुविधा में है.
एक हलकी, साफ बातचीत करें जिस में आप यह पूछें कि वह शादी को कितने समय बाद व्यावहारिक मानता है. अगर समय-सीमा स्पष्ट हो जाए, तो तनाव कम होगा. अगर वह किसी ठोस कारण के बिना लगातार टाल रहा है तो अपने भविष्य का सोच कर समझदारी से निर्णय लेना पड़ेगा.
मेरी गर्लफ्रैंड सोशल मीडिया पर तो बहुत एक्टिव है लेकिन मेरे लिए टाइम नहीं. वह इंस्टाग्राम पर लगातार पोस्ट करती रहती है, रील्स बनाती है, दोस्तों से चैट करती है लेकिन मेरे मैसेज का जवाब देर से देती है. मुझे लगता है कि शायद मैं उस की प्राथमिकता नहीं रहा.
आज के समय में सोशल मीडिया कई लोगों के लिए एक तरह का एक्सप्रेशन बन गया है. पर आप की शिकायत भी वाजिब है क्योंकि रिश्तों में ध्यान और समय बहुत मायने रखते हैं.
शांत तरीके से उसे बताइए कि यह व्यवहार आप को अनदेखा महसूस कराता है. कोशिश करें कि आप दोनों दिन का एक समय ‘नो फोन ज़ोन’ रखें, जब सिर्फ आपस में बात हो. अगर वह आप को अपनी प्राथमिकता मानती है, तो वह इस बदलाव को समझेगी और अपनाएगी.
मेरे बॉयफ्रेंड को दोस्तों के साथ समय बिताना ज्यादा पसंद है. मैं और मेरा बौयफ्रैंड पिछले डेढ़ साल से साथ हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों से वह हर वीकेंड दोस्तों के साथ ही प्लान बनाता है. मैं समझती हूं कि दोस्त भी ज़रूरी हैं लेकिन मुझे लगता है कि हमारे रिश्ते पर इस का असर पड़ रहा है. क्या मैं ज्यादा सोच रही हूं?
यह पूरी तरह सामान्य है कि किसी व्यक्ति को अपने दोस्तों के साथ समय बिताने की ज़रूरत होती है. पर रिश्ते में संतुलन भी उतना ही ज़रूरी है. आप उस से हलके माहौल में बिना शिकायत किए अपनी भावना बताइए कि आप उस के समय को मिस करती हैं और चाहती हैं कि हफ्ते में एक-दो दिन सिर्फ आप दोनों के लिए तय हो.
अगर वह आप को समझता है, तो वह खुद ही आप का ध्यान रखेगा. रिश्तों में ‘मांगने’ से ज्यादा ‘समझाने’ का असर होता है. Love Problems :





