सरिता विशेष

ऐपल के नए iPhone X की बिक्री शुरू हो गई है. फोन की डिमांड भी काफी है. वहीं फोन के जिस खास फीचर Face ID को लेकर लोगों में दीवानगी देखने को मिल रही है, उसी फीचर में रिसर्चर ने सेंध लगा दी है.

एक कौम्पोजिट 3D मास्क का इस्तेमाल कर वियतनाम के रिसर्चरों के एक दल ने दावा किया है कि उन्होंने ऐपल के ‘सुपर प्रीमियम’ iPhone X की फेस आईडी रिकग्निशन तकनीक को बेवकूफ बनाने में सफलता हासिल की है और उन्होंने कहा कि यह स्मार्टफोन की सुरक्षा की गारंटी देने के लिए फेस आईडी तकनीक अभी पूरी तरह मच्योर नहीं है.

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हाल ही में आईफोन लान्च प्रोग्राम में ऐपल के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट फिल सिलर ने दावा किया था कि फेस आईडी असली चेहरे और मुखौटे के बीच अंतर करने में अपनी आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के बूते पर सक्षम है. वियतनाम की सुरक्षा कंपनी बीकौव ने 3D प्रिंटर की मदद से एक मास्क बनाया है, जिसकी लागत 150 डालर है.

बीकौव ने एक ब्लौग पोस्ट में कहा, ‘नाक को कलाकारों ने हाथ से बनाया है. हमने अन्य हिस्सों के लिए 2डी प्रिटिंग का प्रयोग किया (इसी तहत से हमने नौ साल पहले चेहरा पहचानने वाली प्रणाली को चकमा दिया था). वहीं, मुखौटे की त्वचा को भी हाथों से बनाया गया, ताकि ऐपल के एआई को चकमा दिया जा सके.’

बीकौव के उपाध्यक्ष (साइबर सुरक्षा) एनगो तुआन आन ने कहा, ‘इस मुखौटे को 3D प्रिटिंग, मेकअप और 2D प्रिटिंग की मदद से बनाया गया है. इसके अलावा गालों और चेहरे के आसपास विशेष कलाकारी की गई है, जहां त्वचा का अधिक हिस्सा होता है, ताकि फेसआईडी के एआई को मूर्ख बनाया जा सके.’

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