माईक्रोसॉफ्ट ने 12 डिजिट यूनीक ID को स्काईप लाइट से लिंक करने की शुरुआत की है. धोखाधड़ी से बचाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने 'मेड फॉर इंडिया' Skype lite ऐप के साथ आधार नंबर को जोड़ने की सुविधा दी है, ताकि यूजर्स कॉल करनेवाले की पहचान का ऑनलाइन वेरीफिकेशन कर सकें, जिससे लोगों को ज्यादा सिक्योर तरीके से चैट करने में मदद मिलेगी.

कैसे आधार-स्काईप लिंक काम करेगा?

आधार के ज़रिए स्काइप पर किसी से वीडियो कॉल शुरू करने से पहले एक दूसरे की पहचान को वेरिफाई कर सकते हैं. इसके लिए यूज़र को ‘verify Aadhar Identity’ पर क्लिक करना होगा. फिर यूज़र को आधार नंबर डालना पड़ेगा, जिसके बाद OTP के ज़रिए आपकी वेरीफिकेशन होगी.

आधार को दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पहचान नंबर परियोजना माना जाता है. इसके ज़रिए भारत के लोग सरकार, व्यापार और बाकी की धोखाधड़ी की कम जोखिम और ज़्यादा सुरक्षा के साथ जुड़ सकते हैं.

बयान में कहा गया कि स्काइप आधार से संबंधित किसी भी जानकारी को स्टोर नहीं करेगा. साथ ही हमेशा की तरह यूजर की निजी जानकारी, उसका वीडियो और ऑडियो चैट, उसका चैट रिकार्ड सुरक्षित रूप से एनक्रिप्टेड रहेगा. यह काम सिर्फ धोखाधड़ी रोकने के लिए किया जा रहा है.