सरिता विशेष

राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में खेल रही भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने रविवार को औस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के साथ आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में अपने अभियान की सधी शुरुआत की है. बे ओवल मैदान पर रविवार को खेले गए मैच में भारत ने औस्ट्रेलिया को 100 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ भारतीय टीम के खाते में दो अंक आ गए हैं. टौस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सात विकेट के नुकसान पर औस्ट्रेलिया को 329 रनों का लक्ष्य दिया. इस लक्ष्य को औस्ट्रेलिया हासिल नहीं कर पाई और 228 रनों पर ही ढेर हो गई.

कप्तान पृथ्वी शौ (94) और मनोज कालरा (86) ने 180 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी कर भारत को मजबूत शुरुआत दी तो वहीं भारतीय टीम के ते गेंदबाज कमलेश नागकोटी और शिवम मावी ने अपनी गेंदबाजी से औस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

भारत ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर औस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 329 रनों का लक्ष्य रखा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया टीम के लिए कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी परेशानी का सबब बने रहे. आस्ट्रेलिया के लिए चार विकेट लेने वाले एडवर्ड्स ने ही अच्छी बल्लेबाजी भी की. उन्होंने सबसे अधिक 73 रन बनाए, लेकिन टीम के अन्य बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहे.  नागरकोटी और शिवम ने तीन-तीन विकेट लिए, वहीं अभिषेक शर्मा और अनुकूल रौय को एक-एक सफलता मिली. औस्ट्रेलिया के दो बल्लेबाज उप्पल और राल्स्टन रन आउट हुए. इस मैच में कप्तान पृथ्वी को ‘प्लेयर औफ द मैच’ का पुरस्कार मिला.

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भले ही कप्तान पृथ्वी शौ को ‘प्लेयर औफ द मैच’ चुना गया हो, लेकिन टीम इंडिया के इन दोनों तेज गेंदबाजों ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है.

कमलेश नागरकोटी की धारदार रफ्तार

राजस्थान के बाडमेर के रहने वाले कमलेश नागरकोटी ने अंडर-19 विश्वकप के पहले ही मैच में अपनी गेंदबाजी की एक अलग छाप छोड़ी है. औस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में कमलेश ने 149-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी और दिग्गजों को हैरान करके रखा दिया. रविवार को न्यूजीलैंड माउंट मोंगानुई में खेले गए अंडर-19 विश्व कप के मैच में औस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजों ने जमकर कहर बरपाया. कमलेश नागरकोटी की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा बना रहा. कमलेश ने कई गेंदें 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर की फेंकी. मैच के दौरान नागरकोटी ने सबसे तेज गेंद 149 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी.

शिवम मावी ने ढाया कहर

कमलेश नागरकोटी के साथ ही उत्तर प्रदेश के नोएडा के रहने वाले शिवम मावी ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से सभी को आकर्षित किया. शिवम मावी ने भी लगभग 145 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद फेंककर औस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा दिए. मावी ने सबसे तेज गेंद 146 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी.

सौरव गांगुली हुए नागरकोटी-मावी के मुरीद

न्यूजीलैंड में हो रहे अंडर 19 वर्ल्ड कप में राहुल द्रविड़ के इन दोनों ‘रणबांकुरों’ की रफ्तार देखकर सौरव गांगुली भी हैरान रह गए. गांगुली ने इन दोनों युवा तेज गेंदबाजों का जिक्र अपने टि्वटर औफिशियल अकाउंट पर भी किया. गांगुली ने इस ट्वीट में टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई को टैग किया और कहा कि इन दोनों पेसरों पर नजर रखी जाए. सौरव ने अंडर-19 टीम में खेल रहे तीन युवा पेसरों को सबसे तेज और जूनियर टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज करार दिया.

ऐसा रहा मैच में भारतीय पारी का रोमांच

कप्तान पृथ्वी शौ (94) और मनोज कालरा (86) ने 180 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी कर भारत को मजबूत शुरुआत दी. इसी स्कोर पर पृथ्वी विल सदरलैंड की गेंद पर विकेट के पीछे खड़े बेक्सटर जे होल्ट के हाथों लपके गए.

शतक से चूके पृथ्वी शौ

पृथ्वी अपना शतक पूरा करने से केवल छह रन दूर रह गए. उन्होंने 100 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्के लगाए. उनके आउट होने के बाद कालरा भी मैदान पर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए. उन्हें परम उप्पल ने कप्तान जेसन सांघा के हाथों कैच आउट कर भारत का दूसरा विकेट गिराया.

शुभम ने जड़ा अर्धशतक

इसके बाद टीम की पारी संभालने आए शुभम गिल (63) और हिमांशु राणा (14) ने 49 अंक ही जोड़े थे कि जैक एडवर्ड्स ने औस्टीन वौ के हाथों राणा को कैच आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. एडवर्ड्स ने इसके बाद गिल को भी मैदान पर टिकने नहीं दिया और 272 के स्कोर पर कैच आउट कर भारत का चौथा विकेट भी गिरा दिया.

अभिषेक ने कराया 300 का आंकड़ा पार

गिल के आउट होने के बाद भारतीय टीम के बाकी बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और टीम के विकेट लगातार गिरते रहे. अभिषेक शर्मा ने 23 रनों की पारी खेली और इसके बाद कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया. इस प्रकार भारतीय टीम की पारी 328 रनों पर समाप्त हो गई.

औस्ट्रेलिया के लिए एडवर्ड्स ने सबसे अधिक चार विकेट लिए. इसके अलावा, सदरलैंड, उप्पल और वौ को एक-एक सफलता हासिल हुई.