इस बात से इनकार नहीं किया जासकता कि क्रिकेट दुनिया के लोकप्रिय खेलों में से एक है. दुनियाभर में क्रिकेट का क्रेज सिर चढ़ कर बोलता है. कुछ साल पहले तक क्रिकेट को बल्लेबाजों का खेल कहा जाता था, लेकिन आज मैच में हार या जीत के लिए गेंदबाज भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं.

बल्लेबाज हो या गेंदबाज जब खिलाड़ी मैदान में उतरता है तो उसका एक ही उद्देश्य होता है, अच्छा परफार्मेंस कर विरोधी टीम को धूल चटाना और अपने नाम रिकार्ड हासिल करना. साथ ही बात जब डेब्यू मैच की हो तो खिलाड़ी उसे यादगार बनाने के लिए पूरी कोशिश करता है. लेकिन कुछ ही खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन कर वाहवाही लूटते हैं और उसे यादगार बनाते हैं. चलिए आज हम आपको 5 ऐसे गेंदबाजों के बारे में बताते हैं जिन्होंने अपने डेब्यू मैच को यादगार बनाया और विरोधी टीम के बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं.

कागीसो रबाडा (साउथ अफ्रीका)

क्रिकेट के इतिहास में कागीसो रबाडा का अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट टीम में डेब्यू सबसे शानदार माना जाता है. रबाडा ने 10 जुलाई साल 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला. इस मैच में रबाडा ने 8 ओवर में 16 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे. इसके साथ उन्होंने मैच के चैाथे ओवर की आखिरी तीन गेंदों पर महमुदुल्लाह, लिटन दास और तामिम इकबाल को आउट कर करियर की पहली हैट्रिक ली. उनकी गेंदबाजी की बदौलत बांग्लादेश 160 रनों पर ढेर हो गया और साउथ अफ्रीका ने यह मैच 8 विकेट से जीत लिया.

मुस्तफिजूर रहमान (बांग्लादेश)

बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाले मुस्ताफिजूर रहमान ने साल 2015 में 18 जनवरी को वनडे में डेब्यू किया था. रहमान ने अपने डेब्यू मैच में ना केवल भारतीय बल्लेबाजी की गिल्लियां बिखेंरी बल्कि बांग्लादेश को बड़ी जीत भी दिलाई. बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 307 रन बनाए. जवाब में जब भारतीय टीम उतरी जो सबको उम्मीदें थी कि भारत मैच जीत लेगा. लेकिन रहमान ने खतरनाक गेंदबाजी की जिसकी बदौलत भारत 79 रनों से हार गया. रहमान ने 9.2 ओवर में 50 रन देकर 5 विकेट झटके थे.

फिडेल एडवर्ड्स (वेस्टइंडीज)

दाएं हाथ के गेंदबाज फिडेल एडवर्ड्स ने वनडे में अपना डेब्यू मैच 29 नबंवर 2003 को जिंम्बाब्वे के खिलाफ खेला था. एडवर्ड्स दुनिया के दूसरे ऐसे गेंदबाज हैं जिनका डेब्यू सबसे शानदार रहा. उनकी खतरनाक बाउंसर के आगे बल्लेबाज कांप उठते थे. उन्होंने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 ओवर में 22 रन देकर 6 विकेट झटके थे. उनकी गेंदबाजी के आगे जिंम्बाब्वे के बल्लेबाज पूरी तरह से पस्त नजर आए थे. वेस्टइंडीज ने निर्धारित 45 ओवर में 256 रन बनाए थे. बारिश आने के कारण जिंम्बाब्वे को 32 ओवर में 223 रनों का टागरेट रहा. लेकिन एडवर्ड्स के खतरनाक स्पेल की बदौलत जिंम्बाब्वे 7 विकेट खोकर 150 रन ही बना सकी और वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला डकवर्थ लुईस नियम के तहत 72 रन से जीता.

तास्किन अहमद (बांग्लादेश)

दाएं हाथ के तेज गेंदबाज तास्किन अहमद ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच साल 2014 में 17 जनवरी को भारत के खिलाफ खेला. इस मैच के दौरान तास्किन ने अपने खतरनाक गेंदबाजी के जौहर दिखाकर भारतीय खेमे को हिलाकर रख दिया था. उन्होंने 8 ओवर में 28 रन देकर 5 विकेट झटके थे जिसके कारण टीम भारतीय टीम 105 रनों पर औलआउट हो गई. हालांकि बांग्लादेश यह मैच नहीं जीत सका था. भारत ने बांग्लादेश को 58 रनों पर ही ढेर कर डकवर्थ लुईस नियम के तहत 47 रन से मैच जीत लिया था.

जेक बौल (न्यूजीलैंड)

यह वो गेंदबाज हैं जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में बांग्लादेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. न्यूजीलैंड-बांग्लादेश के बीच 7 अक्तूबर 2016 को ढाका में वनडे मैच खेला गया. बांग्लादेश के सामने न्यूजीलैंड ने 310 रनों का लक्ष्य रखा. लेकिन वनडे टीम में पहली बार शामिल हुए तेज गेंदबाज जेक बौल ने अपनी गेदबाजी से बांग्लादेशी बल्लेबाजों की एक नहीं चलनी दी और विरोधियों को 288 रनों पर रोक दिया. न्यूजीलैंड ने यह मैच 21 रन से जीता. जेक बौल ने 9.5 ओवर में 51 रन देकर मैच जिताउ 5 विकेट झटके थे.

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