एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने गजब की जिजीविषा दिखाई. तेज बुखार, सिर में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर (बीपी) के बावजूद कमाल का प्रदर्शन करते हुए खिलाड़ियों ने नौकायन में एक स्वर्ण समेत तीन पदक जीत लिए.

बुखार से पीड़ित दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश, सुखमीत सिंह और स्वर्ण सिंह ने इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक दिलाया. पर खिलाड़ी इतनी तकलीक में थे कि रेस खत्म होते ही फिनिश लाइन पर उन्हें ऑक्सीजन देना पड़ा और व्हीलचेयर से ले जाया गया.

वहीं, हाई बीपी के बावजूद दुष्यंत ने लाइटवेट सिंगल स्कल में कांस्य जीतकर तिरंगा लहराया. दुष्यंत जब पानी में उतरे तो काफी बीमार थे. माना जा रहा था कि उनके लिए रेस पूरी करना मुश्किल है पर उन्होंने न सिर्फ इसे पूरा किया बल्कि पदक भी जीता. उन्हें भी स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा.उधर,भगवान सिंह और रोहित की जोड़ी ने भी लाइटवेट डबल स्कल्स में कांस्य जीत कर नाम रोशन किया.

सुनहरा शुक्रवार

– नौकायन में एक स्वर्ण और दो कांस्य जीतकर खिलाड़ियों ने इतिहास रचा.

– महिला कबड्डी में भारतीय टीम को रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा.

– निशानेबाजी में हिना सिद्धू ने कांस्य जीता, यह उनका पहला व्यक्तिगत पदक.

– टेनिस में रोहन बोपन्ना, दिविज शरण को सोना, प्रज्नेश को कांस्य मिला.

टेनिस में बोपन्ना-शरण ने सोना दिलाया

टेनिस में पहली बार जोड़ी बनाकर खेल रहे रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने सोना दिलाया. उन्होंने कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बबलिक और डेनिस येवसेयेव को 52 मिनट के संघर्ष के बाद 6-3, 6-4 से हराया.