जिंदगी न मिलेगी दोबारा की तरह ये दिन भी फिर वापस न आएंगे. इसलिए जो पल खुशी व फन के मिलें उन्हें हाथ से न जाने दें. आप ने टमाटो थ्रोइंग डे, बुल फाइट डे, तो कभी फूल डे के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन क्या कभी आप ने पिलो फाइट डे के बारे में सुना है, जिस में एकदूसरे की पिलो से जम कर धुनाई की जाती है, लेकिन मजे लेले कर, क्योंकि इसे फन डे की तरह मनाया जाता है. जरूरी नहीं कि विदेशों में ही इस दिन को सैलिबे्रट किया जाए, आप अपने शहर में भी इसे आयोजित कर रोमांचित हो सकते हैं. बस, जरूरत है दिल से चाहत की व उस के लिए एक बड़ा प्लेटफौर्म तैयार करने की, जो आज के सोशल नैटवर्किंग युग में बिलकुल भी मुश्किल नहीं है. तो फिर तैयार रहिए पिलो फाइट से खुद को रीफ्रैश करने के लिए.

क्या है पिलो फाइट

इस में सोशल नैटवर्किंग साइट्स द्वारा लोगों तक सूचना पहुंचाई जाती है कि अमुक देश में इस जगह व इस तारीख को पिलो फाइट डे का आयोजन किया जा रहा है, जिस में आप सभी आमंत्रित हैं. इच्छुक लोग यहां आ कर इस खेल का आनंद उठा सकते हैं. फन क्रेजी इस के लिए बताए वैन्यू पर बड़ी संख्या में व बड़ेबड़े ग्रुपों में एकत्रित होते हैं और फिर एकदूसरे की तकिए से पिटाई करते हुए तकियों को हवा में उछालते हुए मजा लेते हैं. इस दौरान वे किसी अपने के साथ ही फाइट करें यह जरूरी नहीं, कोई अजनबी भी हो सकता है. लेकिन इस से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि इस गेम का मकसद सिर्फ ऐंजौयमैंट है. इस दौरान तकिए से निकली रुई व फैदर एक अलग ही नजारा प्रस्तुत करती है, जिस से लोग उत्साह से भर जाते हैं.

कब होता है आयोजन

पिलो फाइट डे हर वर्ष अप्रैल में आयोजित किया जाता है. इस बार 7वां एनुअल इंटरनैशनल पिलो फाइट डे 2 अप्रैल, 2016 को मनाया गया. शुरुआत में गिनेचुने देशों में ही इस का आयोजन किया जाता था, लेकिन बाद में इस की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए दुनियाभर में यह दिवस पूरे जोश के साथ मनाया जाने लगा. इस में हर साल हजारों लोग भाग लेते हैं.

क्यों मनाया जाता है

लोगों को तनाव भरे जीवन से बाहर निकालने के साथसाथ डिफरैंट स्टाइल से फन कर खुद हंसना व औरों को भी हंसाना इस का मकसद है, लेकिन इस डे को शुरू करने की प्रेरणा फिल्म ‘फाइट क्लब’ से मिली. भले ही अब इस का आयोजन अधिकांश देशों में होने लगा है, लेकिन इस के लिए ओपन एरिया जैसे पार्क आदि की जरूरत होती है ताकि खेल में किसी भी प्रकार का व्यवधान न पड़े.

पिलो फाइट के फायदे

–       बोरिंग रूटीन से बाहर निकलने का मौका मिलता है.

–       ज्यादा लोगों के साथ ज्यादा मस्ती कर पाते हैं.

–       नए फ्रैंड्स बनाने का भी चांस मिलता है.

–       नए दिन का नए अंदाज में मजा ले सकते हैं.

–       स्पैशल दिन के स्पैशल मूवमैंट्स को याद कर खुश हो सकते हैं.

देखादेखी बढ़ता है प्रचलन

सिर्फ पिलो फाइट डे ही नहीं बल्कि हर फनी डे देखादेखी शुरू हुआ, जिस का उदाहरण है टमाटो थ्रोइंग डे. लंबे समय से स्पेन में अगस्त के आखिरी बुधवार को टमाटो थ्रोइंग डे मनाया जाता है. उसी को देख कर बौलीवुड की फिल्म ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ में टमाटर फैस्टिवल मनाया गया, जिस में एकदूसरे पर टमाटर फेंक कर उन्हें लाल कर दिया गया. उन टमाटरों से न सिर्फ चेहरे व कपड़े लाल हुए बल्कि जमीन पर पड़े टमाटरों पर फिसलने का भी अलग ही मजा लिया गया. कहने का मतलब यह है कि देखादेखी ही इन का क्रेज ज्यादा बढ़ रहा है.

दिल तो बच्चा है

बचपन में सोते या खाना खाते हुए जब भाईबहनों से हमारी लड़ाई होती थी, तब हम गुस्से में अपने पास पड़े तकिए से उस की पिटाई कर देते थे, जिस में हमें बड़ा मजा आता था. हम मन ही मन सोचते थे कि इस से उसे चोट तो लगेगी नहीं, लेकिन हमारी भड़ास जरूर निकल जाएगी. इसलिए इसे ही हम हथियार के रूप में इस्तेमाल कर लेते थे. आज बेशक हम बड़े हो गए हैं, लेकिन मन तो वही चीजें करने को करता है जो बचपन में किया करते थे, तो फिर जब दिल बच्चा ही है तो क्यों न बचपन वाली पिलो फाइट को एक प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जाए, जिस से आप का बचपन का यह पिलो फाइट वाला शौक भी पूरा होगा और इसे खेल प्रतियोगिता के रूप में मनाया भी जाने लगेगा.

उम्र की कोई सीमा नहीं

अरे भई, मस्ती तो किसी भी उम्र में की जा सकती है, इस के लिए यूथ का टैग लगना जरूरी नहीं. बस, आप का दिल जवां होना चाहिए ताकि आप थकें नहीं और न ही कोई आप को देख कर थके बल्कि आप अपने हौसलों से अच्छेअच्छों के छक्के छुड़ा दें यानी पिलो फाइट के लिए न तो कोई उम्र है न लिंग भेद. हर उम्र के स्त्रीपुरुष इस में हिस्सा ले सकते हैं, क्योंकि इस में चोट लगने का खतरा भी नहीं होता और मौजमस्ती के अवसर भी ज्यादा मिलते हैं.

कंफर्टेबल ड्रैस इज बैस्ट

अभी तक हमारे मन में जब भी किसी फैस्टिवल में जाने की बात आती है तो हम अच्छेअच्छे आउटफिट्स खरीदने के बारे में सोचने लगते हैं, जिस से हर हाल में हमारी जेब पर ही असर पड़ता है.लेकिन आप को बता दें कि पिलो फाइट के लिए आप को महंगे आउटफिट्स खरीदने की जरूरत नहीं है बल्कि आप इस प्रतियोगिता में घर में पहनने वाला पाजामा, टीशर्ट वगैरा पहन कर जाएं जो न सिर्फ आप को कूल लुक देंगे बल्कि गेम खेलने में मजा  भी ज्यादा आएगा. इसलिए इस गेम के लिए फैशन पर नहीं बल्कि कंफर्ट ड्रैस पर जोर दें.

कैसे हों पिलो

जब कभी फाइट पर जाने की बात जेहन में आती है तो हमारे मन में सिर्फ यही खयाल आता है कि हमें जीतना है. लेकिन यह कोई बुलफाइट नहीं जिस में हमें अपनी ताकत का प्रदर्शन करना है बल्कि यह तो पिलो फाइट है, जो सिर्फ फन व मजे के लिए है. इसीलिए पिलो फाइट के लिए ऐसे तकियों का चयन करें जो सौफ्ट हों. कोशिश करें फैदर, फौम व रुई से भरे पिलो को ही चूज करें, जिस से किसी को हर्ट होने का डर भी नहीं रहेगा. सिंथैटिक रुई वाले पिलो लेने की भूल कभी न करें, क्योंकि फाइट के दौरान उस में से जो धागे निकलते हैं उन के नाक, मुंह व आंखों में जाने का डर रहता है इसलिए पिलो फाइट के लिए सौफ्ट पिलो बैस्ट हैं

अन्य फनी डे

किस डे : यह हर वर्ष फरवरी में मनाया जाता है. इस में अपने खास को किस करते हैं.

फूल डे : चाहे दोस्त हो या फिर दुश्मन, उसे इस दिन चालाकी से उल्लू बना कर पूरे साल उस का मजाक बनाया जाता है. यह हर वर्ष पहली अप्रैल को मनाया जाता है.

कौंप्लिमैंट डे : हर वर्ष 24 जनवरी को मनाए जाने वाले इस डे पर एकदूसरे को कौंप्लिमैंट देने का चलन है.

काइट फ्लाइंग डे : इस दिन काइट उड़ा कर ऐंजौय किया जाता है. यह प्रतिवर्ष 8 फरवरी को मनाया जाता है.

मेक अ फ्रैंड डे : 11 फरवरी को मनाए जाने वाले इस डे पर अगर आप किसी से दोस्ती करना चाहते हैं, लेकिन मन में डर है तो उस से दोस्ती का हाथ बढ़ा सकते हैं.

व्हाइट टीशर्ट डे : इस दिन व्हाइट टीशर्ट पहन कर एक जैसा माहौल क्रिएट करने की कोशिश की जाती है. इसे 11 फरवरी को मनाया जाता है

नो सौक्स डे : इस दिन कोशिश यही की जाती है कि कोई सौक्स न पहने. यह डे 8 मई को होता है.

सैंडविच डे : 3 नवंबर के दिन एकदूसरे के लिए सैंडविच बना कर उन्हें खुश किया जाता है. 

सेफ्टी भी जरूरी

–       अपने पिलो में कोई हार्ड चीज जैसे सैलफोन वगैरा न रखें.

–       जिप वाले तकिए ले कर इवैंट में बिलकुल न जाएं.

–       गेम पीरियड में नैकलेस, चैन, इयररिंग्स वगैरा न पहनें.

–       कीमती चीजें अपने साथ ले कर न जाएं.

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