सवाल
मैं 17 साल की युवती हूं. बचपन से ही रात में सोते समय मुझे अपने ब्लैडर पर कंट्रोल नहीं रहता और जबतब किसीकिसी दिन नींद में मूत्रत्याग हो जाता है. बीचबीच में कई डाक्टरों से सलाह ली. दवा लेने से थोड़ा आराम आता है, पर समस्या जड़ से नहीं जाती. कृपया बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब
नींद में सोतेसोते ब्लैडर से मूत्र त्याग हो जाने की बैडवेटिंग समस्या यों तो कई कारणों से जुड़ी हो सकती है, पर आप के लक्षणों से यह स्पष्ट है कि आप की समस्या के पीछे कोई बड़ा शारीरिक या चिंताजनक कारण नहीं है.

आवश्यक यह है कि आप अपनी ब्लैडर हैबिट्स को सुधारने का यत्न करें. दिन में जब भी पेशाब आए पेशाब जा कर ब्लैडर खाली कर आने की आदत बनाएं. यह नहीं कि देर तक अपने को रोके रखें. सोने जाने से पहले बाथरूम हो आएं, आराम से टौयलेट सीट पर बैठें और बिना हड़बड़ी के मूत्र त्याग करें.

रात में अलार्म लगा कर सोएं और उठ कर बाथरूम जाएं. सोने से पहले और शाम को चाय, कौफी, कोला और दूसरे सौफ्ट ड्रिंक्स कम से कम पीएं ताकि शरीर में कम मात्रा में मूत्र बने.

इन सावधानियों के साथसाथ अच्छा होगा कि आप किसी योग्य यूरोलौजिस्ट से भी सलाह लें. यदि डाक्टर सलाह दे तो 2 तरह की दवाएं बैडवेटिंग की समस्या को दूर करने में प्रभावी साबित हो सकती हैं.

पहली डेस्मोप्रेसिन जिस के प्रयोग से शरीर में मूत्र बनने की गति धीमी पड़ जाती है और दूसरी इमीप्रामिन लेने से ब्लैडर की मूत्र धारण क्षमता बढ़ जाती है और वह अधिक मात्रा में मूत्र अपने भीतर रोके रख सकता है. आप के डाक्टर दूसरी दवा आप को दे चुके हैं, उसे आप आगे भी ले सकती हैं.

आवश्यकता पड़ने पर आप विशेष अलार्मयुक्त संयंत्र की भी मदद ले सकती हैं, जिसे पहन कर सोने पर अंडरवियर या बिस्तर गीला होते ही अलार्म बजने लगता है और व्यक्ति उठ कर बाथरूम जाने के लिए प्रेरित हो सकता है.

सकारात्मक सोच रखें. ये छोटेछोटे उपाय अपनाएं. आप जल्द ही खुद को सामान्य महसूस करने लगेंगी.