2012 में प्रदर्शित सुजाय घोष निर्देशित नायिका प्रधान फिल्म ‘‘कहानी’’ को मिली अपार सफलता के बाद विद्या बालन हवा में उड़ने लगी थी. सूत्रों की माने तो विद्या बालन ने फिल्म ‘‘कहानी’’ के लिए एक करोड़ रूपए पारिश्रमिक राशि ली थी. उसके बाद वह सुजाय घोष के साथ तीन फिल्में करेन वाली थीं. मगर ‘कहानी’ को मिली सफलता के बाद विद्या बालन ने सुजाय घोष से पारिश्रमिक राशि के रूप में प्रति फिल्म पांच करोड़ रूपए की मांग कर दी.

इसी बात पर सुजाय घोष और विद्या बालन के बीच अनबन हो गयी थी. सुजाय घोष ने कंगना रनौट और ऐश्वर्या राय बच्चन सहित कई कुछ दूसरी अभिनेत्रियों के साथ ‘‘दुर्गारानी सिंह’’ बनाने का असफल प्रयास किया. उधर विद्या बालन ने शादी कर ली. तथा ‘कहानी’ के बाद विद्या बालन ने ‘घनचक्कर’, ‘‘षादी के साइड इफेक्ट्स’, ‘बाबी जासूस’’, ‘हमारी अधूरी कहानी’ सहित जिन फिल्मों में भी अभिनय किया, वह सभी फिल्में बाक्स आफिस पर मुंह के बल गिरती चली गयी. आज हालात यह हैं कि विद्या बालन के पास एक भी फिल्म नही है. सूत्र दावा कर रहे हैं कि अपने करियर को समाप्त होते देख विद्या बालन ने न सिर्फफिल्म निर्देशक सुजाय घोष के साथ समझौता किया है, बल्कि अब अपनी पारिश्रमिक राशि को पांच करोड़ रूपए से घटाकर दो करोड़ रूपए कर दिया है. विद्या बालन फिल्म के लाभ में 25 प्रतिशत की हिस्सेदार भी होंगी. सूत्रों के अनुसार सुजाय घोष ने भी विद्या बालन के संग अपने सारे गिले शिकवे भूल कर अब अपनी फिल्म ‘‘दुर्गारानी सिंह’’ को विद्या बालन के साथ बनाने का निर्णय ले लिया है.

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