सरिता विशेष

बौलीवुड में हर कलाकार अपने चेहरे पर कई चेहरे लगाए रखता है. उनके असली चेहरे को भांपना हर किसी के लिए बड़ा मुश्किल होता है. तभी तो लोग अभिनेता वरुण धवन का चेहरा भी नहीं पहचान सके. हाल ही में मुस्लिम बंधुओं का रमजान का माह समाप्त हुआ है. इस बार रमजान के माह में अभिनेता वरुण धवन मुंबई के मुस्लिम बाहुल्य इलाके भिंडी बाजार व मोहम्मद अली रोड पर इफ्तारी करते नजर आए. सिर्फ इतना ही नहीं वरुण धवन ने इस बात को तस्वीरों के साथ जमकर प्रचारित कराया.

वरुण धवन के प्रशंसक इससे वरुण धवन की धर्म निरपेक्षता के कायल हो गए कि वह मुस्लिम समुदाय के साथ रमजान के माह में इफ्तारी भी करते हैं. पर रमजान के माह में मुंबई के मुस्लिम बाहुल्य इलाके में वरुण धवन के जाने का सच सामने आ गया है. वास्तव में वरुण धवन ने अपने भाई रोहित धवन के निर्देशन में फिल्म ‘‘ढिशुम’’ में सऊदी अरब में रहने वाले पुलिस अफसर जुनैद अंसारी का किरदार निभाया है. इसी के चलते यानी कि अपनी फिल्म के प्रचार के तहत ही वरुण धवन रमजान माह में मुस्लिम समुदाय के साथ इफ्तारी करते नजर आए और उसे प्रचारित भी करवाया.

हाल में जब वरुण धवन से हमारी मुलाकात हुई, तो हमने वरुण धवन से सीधा सवाल कर दिया,‘‘तो क्या फिल्म ‘ढिशुम’ के प्रचार के लिए ही आप पिछले दिनों रमजान माह में भिंडी बाजार व मोहम्मद अली रोड गए थे?

इस पर ‘‘सरिता’’ पत्रिका से वरुण धवन ने कहा-‘‘मैं मुंबई के भिंडी बाजार व मोहम्मद अली रोड घूमने गया था. क्योंकि मेरी जडे़ वहां से हैं. पर यह मेरी फिल्म ‘ढिशुम’ के प्रचार का हिस्सा नहीं था. मैं अभिनेता बनने से पहले बचपन में अक्सर मोहम्मद अली रोड व भिंडी बाजार जाया करता था. जब रमजान शुरू हुआ, तो मुझे लगा कि जाना चाहिए. इसलिए गया था.’’