सरिता विशेष

फिल्म ‘‘कमांडो’’ से एक्शन हीरो के रूप में उभरे विद्युत जामवाल ‘कमांडो’ की सिक्वल ‘‘कमांडो 2’’ के प्रमोशन के वक्त जिस तरह की बड़ी-बड़ी डींगें हांक रहे थे, उसी के चलते ‘कमांडो 2’ के बॉक्स ऑफिस  के व्यापार का आंकड़ा आते ही बंगले झांकने लगे हैं. अब वह मीडिया से मुंह चुराते फिर रहे हैं. अब तो बॉलीवुड के बिचैलिए विद्युत जामवाल के लिए एक पुरानी कहावत का जिक्र करते हुए कह रहे हैं-‘‘बड़े बड़ाई न करें, बड़े न बोलें बड़े बोल..’’

जी हॅा! ‘‘कमांडो 2’’ के प्रदर्शन से पहले विद्युत जामवाल की हालत ‘थोथा चना बाजे घना’ वाली ही थी. विद्युत जामवाल ने बड़े-बड़े दावे करते हुए कहा था कि पूरे विश्व में एक भी कलाकार या स्टंट मैन नहीं है, जो कि उनकी बराबरी कर सके या उनके जैसा एक्शन व स्टंट कर सके. विद्युत जामवाल इस कदर अहम में चूर थे कि उन्होंने निर्माता पर दबाव डालकर फिल्म ‘कमांडो 2’ को हिंदी के अलावा तमिल व तेलगू भाषा में भी डब करवा कर प्रदर्शित करवाया. इसके बावजूद यह फिल्म तीन दिन में 15 करोड़ 75 लाख ही कमा पायी. जबकि हॉलीवुड फिल्म ‘‘लोगन’’ ने सिर्फ भारत में ही तीन दिन के अंदर सत्रह करोड़ दस लाख रूपए कमा लिए. यहां गौर करने वाली बात यह है कि ‘‘कमांडो 2’’ 2200 स्क्रीन्स में तथा ‘‘लोगन’’ 1400 स्क्रीन्स में ही प्रदर्शित हुई है. यानी कि ‘कमांडो 2’’ के मुकाबले एक तिहाई से भी कम स्क्रीन्स में प्रदर्शित होने के बावजूद ‘‘लोगन’’ ने ज्यादा धन बटोरा है. अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दर्शक विद्युत जामवाल के एक्षन को कितना पसंद कर रहे हैं.

फिल्म ‘कमांडो’ और ‘कमांडो 2’ दोनों फिल्म देख चुके लोग दावे के साथ कह रहे हैं कि ‘कमाडो 2’ के मुकाबले ‘कमांडो’ बेहतरीन फिल्म थी. यानी कि विद्युत जामवाल ने पहली फिल्म में ज्यादा मेहनत की थी. दूसरी फिल्म में तो वह भी अहम व आत्मप्रशंसा में इस कदर डूबे रहे कि  फिल्म को डुबाने के साथ ही अपने करियर पर भी सवालिया निशान लगा बैठे. बॉलीवुड से जुड़े सूत्रों की माने तो इसका असर विद्युत की आने वाली फिल्मों पर भी पड़ेगा और यदि अब फिल्मकार उनसे दूर भागने लगें, तो आश्चर्य वाली कोई बात नहीं होगी.