सरिता विशेष

बौलीवुड में नित नया सोचने वालों की कमी नहीं है. एक तरफ जहां कई फिल्मकार अपनी फिल्म के प्रचार में दो से बीस करोड़ रूपए खर्च कर रहे हैं. वहीं अनूप कूरियन जैसे फिल्मकारों के पास अपनी फिल्म के प्रचार के लिए धन का घोर अभाव है. इसलिए अपनी पहली ही फिल्म ‘‘मानसरोवर’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीत चुके अनूप कूरियन ने इस बार अपनी नई फिल्म ‘‘द ब्लू बेरी हंट’’ के प्रचार के लिए ग्राफिक उपन्यास रचा है और वह इस ग्राफिक उपन्यास के दो से तीन पृष्ठ हर दिन फेसबुक पर डालते हुए अपनी फिल्म ‘‘द ब्लू बेरी हंट’ का प्रचार कर रहे हैं, जिसमें उन्हे काफी सफलता मिल रही है.

खुद अनूप कूरियन कहते हैं-‘‘मेरी हैसियत इतनी नही है कि मैं फिल्म के प्रचार पर करोड़ो रूपए खर्च कर सकूं. इसलिए मैने फिल्म की कहानी पर आधारित एक ग्राफिक नावेल/ उपन्यास लिखा है. फिल्म का मुख्य पोस्टर ही ग्राफिक नावेल का कवर पेज है. फिल्म की कहानी के अनुरूप ही ग्राफिक नावेल के नब्बे पेज हैं. मैं फेसबुक पर हर दिन दो या तीन पेज इस ग्राफिक नावेल के छापकर अपनी फिल्म के प्रति लोगों/दर्शकों के मन में फिल्म देखने की उत्कंठा बढ़ाने का काम कर रहा हूं.

मुझे यकीन है कि इस ग्राफिक नावेल को पढ़ने वाले लोग मेरी फिल्म को जरुर देखना चाहेगा. फिर चाहे वह सिनेमा घर के अंदर जाए या पैसे देकर इंटरनेट से डाउनलोड कर फिल्म देखे. मेरे पास फिल्म के प्रचार के लिए धन की कमी है. पर मैं साफ्टवेअर में माहिर हूं. ग्राफिक बनाने में माहिर हूं. कहानी लिखने में माहिर हूं. तो मैने यह आइडिया सोचा. मेरे पास इतना धन नही है कि मैं हर टीवी चैनल पर अपनी फिल्म का ट्रेलर या प्रोमो वगैरह दिखाकर दर्शकों तक अपनी फिल्म पहुंचा सकूं. इसलिए मैने यह ग्राफिक नावेल की आइडिया सोची. आप फेयबुक पर जाकर देंखेंगे, तो पाएंगे कि दूसरी फिल्मों के मुकाबले हमारी फिल्म ज्यादा लोकपिय हो रही है. कुछ समय पहले ईरोज की फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ जिस दिन रिलीज हुई, उस दिन तक उसके फेसबुक पर पचार्स हजार फालोअर्स थे. सभी जानते है कि ‘सनम तेरी कसम’ के प्रमोशन में करोड़ों रूपए खर्च किए गए थे. जबकि मेरी फिल्म ‘द ब्लू बेरी हंट’ आठ अप्रैल को रिलीज होनी है. हम कम पैसे खर्च कर इसका प्रचार कर रहे हैं और अब तक हमारी फिल्म के 42 हजार फालोअर्स हो चुके हैं. ‘यू ट्यूब’ तथा इंस्टाग्राम’ पर हमारी फिल्म का प्रचारात्मक वीडियो मौजूद है.’