बुरे दिन क्या और कैसे होते हैं, यह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह से बेहतर कोई नहीं बता सकता. कभी आरएसएस पर गरजते बरसते रहने वाले दिग्विजय को मध्य प्रदेश सरकार यानि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा मे 20 साल पहले की गई फर्जी नियुक्तियों के मामले मे अदालत मे घसीटा, तो दिग्विजय के पास अपनी सफाई मे कहने को रटा रटाया बयान यही था कि उन्हे बदले की भावना से एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.

ताजा मामला बेहद दिलचस्प और चर्चित है जिसमे सफाई देने मे उन्हे पसीने आ जाना तय दिख रहा है. अब से कोई तीन साल पहले राज्य के वित्त मंत्री दिग्गज भाजपाई राघव जी अपने नौकर राज़ कुमार के यौन शोषण के मामले मे गिरफ्तार हुये थे, तब दिग्विजय ने चुटकी लेते एक नारा ट्वीट किया था कि बच्चा बच्चा राम का, राघव जी के काम का. इस ट्वीट को धर्म पर आपत्तिजनक बताते मंदसौर के एक भाजपा नेता सुनील बंसल ने उन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और राघव जी पर आपत्तिजनक बताते मंदसौर एडीजे कोर्ट मे परिवाद दायर कर दिया. इस पर कोर्ट ने 16 मार्च को सुनवाई करते अगली तरीख 22 अप्रैल तय कर दी है.

दिग्विजय अब अदालत को क्या सफाई देंगे ये तो वह और उनके नामी वकील विवेक तनखा जाने, लेकिन लग ऐसा रहा है कि दिग्विजय के अच्छे दिन वापस नहीं आने वाले, क्योंकि सोनिया-राहुल गांधी भी उन्हे इन दिनों पहले से भाव नहीँ दे रहे, तिस पर अदालतों के चक्कर इस उम्र मे काटना भारी पड़ रहा है. दिलचस्प बात यह भी है कि अदालत मे अभी राघव जी पर अदालत मे आरोप तय नहीं हुये हैं. अब देखना होगा कि बनते बिगड़ते सियासी समीकरणों मे कौन किसके काम आता है.