सरिता विशेष

भारत की सब से ज्यादा पसंद की जाने वाली दिल्ली प्रेस पत्र प्रकाशन समूह की कृषि पत्रिका ‘फार्म एन फूड’ द्वारा जान डियर ट्रैक्टर के साथ मिल कर बस्ती में स्थित ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ पर ‘फार्म एन फूड किसान अवार्ड समारोह’ का आयोजन किया गया. इस समारोह में बस्ती, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर के 400 से ज्यादा किसानों ने हिस्सा लिया. इस सम्मान समारोह में 55 प्रगतिशील किसानों को ‘नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद’ के कुलपति प्रो. अख्तर हसीब के हाथों सम्मानित किया गया.

इस मौके पर मुख्य मेहमान अख्तर हसीब ने कहा कि अब तक बहुत सारे कृषि मेले सरकारी लेवल पर आयोजित होते रहे हैं. यह पहला मेला है, जिसे गैर सरकारी लेवल पर लगाया गया है. आयोजन से खुश हो कर प्रोफेसर हसीब अख्तर ने सुझाव दिया कि ‘फार्म एन फूड’ का यह आयोजन ‘आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज, फैजाबाद’ में भी किया जाए. अख्तर हसीब ने सरकार द्वारा चलाई जा रही किसानों की योजनाओं में होने वाले भ्रष्टाचार पर चिंता जताते हुए कहा कि देश के अन्नदाता किसानों के लिए बनने वाली योजनाओं में गोलमाल खेती के लिए खतरा बन चुका है. उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद के तहत आने वाले कृषि विज्ञान केंद्रों के जरीए किसानों को फील्ड लेवल पर बड़े पैमाने पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी दी जा रही है, जिसे और मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है.

संयुक्त निदेशक उद्यान, बस्ती मंडल आरके सिंह तोमर ने मेले में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी, जिन में सब्जी की खेती, मसाले की खेती, केले की खेती, औषधीय खेती, पौलीहाउस, ग्रीनहाउस, पौधों की नर्सरी सहित तमाम योजनाएं शामिल थीं. जान डियर ट्रैक्टर के क्षेत्रीय प्रबंधक अवनींद सिंह ने जान डियर ट्रैक्टर की खूबियों की जानकारी दी. उन्होंने जान डियर ट्रैक्टर के विभिन्न माडलों की भी जानकारी दी. एसपी आटोमोबाइल्स के मालिक अखिलेश दुबे ने किसानों से कहा कि जान डियर ट्रैक्टर दुनिया के कई देशों में किसानों को बेहतर सेवाएं दे रहा है.

‘कृषि विज्ञान केंद्र’ के प्रभारी डा. एसएन सिंह ने ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ के माध्यम से किसानों को मुहैया कराई जा रही सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा जिले के किसानों के खेतों तक कृषि वैज्ञानिकों की सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं, ताकि किसानों को तकनीकी जानकारी मिल सके. उन्होंने ‘फार्म एन फूड’ पत्रिका को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस में छपे लेखों से देश के तमाम किसान लाभ ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘फार्म एन फूड’ पत्रिका ने किसानों व कृषि वैज्ञानिकों को एक मंच मुहैया कराया है, जहां से किसान वैज्ञानिक जानकारी हासिल कर सकते हैं. केंद्र के वरिष्ठ पशु वैज्ञानिक डा. एसएन लाल ने किसानों को पशुपालन के बारे में जानकारी दी और विषय विशेषज्ञ राघवेंद्र विक्रम सिंह ने किसानों के सवालों के जवाब दिए.

किसानों के उत्पादों की प्रदर्शनी से दिखी किसानों की तरक्की

‘कृषि विज्ञान केंद्र’ के जरीए तरक्की कर रहे किसानों की खोजों और उत्पादों की प्रदर्शनी ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा. इस प्रदर्शनी में राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुने गए किसान आज्ञाराम वर्मा द्वारा खोजी गई गन्ने की नई प्रजाति कप्तान बस्ती, मोबाइल सोलर पंप व न्यूनतम लागत से तैयार एकसाथ गेहूं व भूसा काटने वाली कंबाइन को पेश किया गया. युवा किसान जय सिंह की बतख व उस के अंडे और राममूर्ति मिश्र द्वारा तैयार राजमा, धान व अन्य फसलों के बीजों ने भी लोगों का ध्यान खींचा.

किसान ध्रुवनारायण चौधरी द्वारा तैयार किए गए डेरी उत्पादों व जैविक खाद ने भी लोगों का ध्यान खींचा. इस के अलावा किसान अरविंद सिंह द्वारा पेश की गई सब्जियों के बीज उत्पादन की विधि, मोहम्मद आमिर व राधेश्याम यादव की मछली प्रदर्शनी भी काफी पसंद की गई. राजेश कुमार मौर्या की मशरूम प्रदर्शनी, हसन रजा की बकरी प्रदर्शनी, दिनेश कुमार सिंह की पपीता प्रदर्शनी, रामचंद्र मौर्या की सब्जी प्रदर्शनी, राम जनक मौर्या की सब्जी प्रदर्शनी, हरिश्चंद्र सिंह द्वारा तैयार की गई वर्मी कंपोस्ट, महिला किसान आकांक्षा पांडेय के डेरी उत्पाद, सरोज शुक्ला द्वारा तैयार किए जा रहे अचारमुरब्बे के स्टाल भी आकर्षण के केंद्र रहे. इस अवसर पर मेले में आए अन्य किसानों ने इन किसानों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को अपनाने की बात कही.

किसानों ने अपनी सफलता की कहानियों से कराया रूबरू

इस आयोजन में आसपास के जिलों से आए कई किसानों ने अपनी सफलता की कहानियां लोगों के सामने रखीं. डेरी व्यवसाय से जुड़ी आकांक्षा पांडेय ने कहा कि वे एक पढ़ीलिखी महिला हैं और उन्होंने बिना किसी मदद के खुद ही डेरी की शुरुआत की थी. आज उन की डेरी में तमाम प्रोडक्ट बनते हैं, जिन में खोया, पनीर व दही वगैरह शामिल हैं. उम्दा किसम के होने की वजह से उन के उत्पादों की दूसरे जिलों में भी खूब मांग है. संतकबीर नगर जिले के सांडेकला गांव की महिला किसान रामरती ने बताया कि वे जैविक खेती कर के लागत मूल्य में कमी लाने में कामयाब हुई हैं. उन की फसल जैविक होने के कारण महंगे दामों पर बिकती है, जिस से उन को पहले के मुकाबले ज्यादा फायदा मिल रहा है. बस्ती जिले के भेलवल गांव के रहने वाले किसान अरविंद सिंह ने कहा कि किसान अपनी फसल से बीज तैयार कर के अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.

महिला किसानों का हुआ विशेष सम्मान

‘फार्म एन फूड’ व जान डियर ट्रैक्टर द्वारा आयोजित ‘फार्म एन फूड किसान अवार्ड समारोह’ में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला किसानों को खासतौर पर सम्मानित किया गया. डेरी कारोबार से जुड़ी किसान आकांक्षा पांडेय व संजू चौधरी, फल संरक्षण के लिए सरोज शुक्ला, जैविक खेती के लिए उमा देवी किरन, ज्ञानमती, राजमती, संतकबीर नगर जिले की सब्जी उत्पादक रामरती व समुन, गोरखपुर की आरती देवी, प्रेमशिला, राजमती व आशा देवी, सिद्धार्थनगर जिले की गुजराती व इसरावती को कुलपति प्रो. अख्तर हसीब ने सम्मानित किया.

खेती में खास काम करने वाले किसान व पत्रकार भी हुए सम्मानित

कुलपति ने कृषि क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले 55 किसानों व पत्रकारों वगैरह को भी सम्मानित किया. इन में किसान आज्ञाराम वर्मा, गोमती प्रसाद कन्नौजिया, अरबिंद पाल, अरबिंद कुमार सिंह, केसी मिश्र भानवाती, इलाइची देवी, इसरावती देवी, गुजराती, गौरा पार्वती, आत्माराम पाठक, राकेश सिंह, अशोक सिंह, महेश सिंह, शीतला दुबे, भगवानदीन, विजयनाथ पांडेय, राजेंद्र पाल, मनोज, अतींद्र सिंह, कृष्णा चौधरी, रक्षा राम चौधरी, राम परिखन, आशा देवी, राजमती, ज्ञानमती, किरन, उमा देवी, गिरीश चंद्र शुक्ल, रामरती, श्रीधर पांडेय, फिरोज अहमद, रामचंद्र यादव, श्रीमती सरोज शुक्ला, श्रीमती संजू चौधरी, श्रीमती आकांक्षा पांडेय, राधेश्याम यादव, शिव मूरत सिंह, हसन रजा, राम भवन यादव, राम चंद्र सिंह, राम तौल, सतीश चंद्र शर्मा, राजेश कुमार मौर्या, बीर सिंह, रूप नारायण चौधरी, मो. आमीर अली, राममूर्ति मिश्र, लाल पुष्पेंद्र बहादुर पाल, दिनेश कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, राम चंद्र मौर्या, परमानंद सिंह, राम मनोहर चौधरी, योगेंद्र सिंह, राम जनक मौर्या, राममणी तिवारी, जय सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, मो. इल्माल खान व सैनुल्लाह खान के साथ ही ‘संयुक्त निदेशक उद्यान’ आरके तोमर, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डा. एसएन सिंह, कृषि वैज्ञानिक डा. राघवेंद्र सिंह, डा. दिनेश कुमार यादव, डा. प्रेमशंकर, श्रीमती बीना सचान, इंजीनियर वरुण कुमार, डा. एसएन लाल, डा. राकेश शर्मा व जान डियर के एरिया मैनेजर अवनेंद्र सिंह भी शामिल थे.

इस मौके पर समाजसेवा के क्षेत्र में डा. कुलदीप सिंह, संजय द्विवेदी, मंगेश दुबे, राधेश्याम चौधरी, पत्रकार विनोद उपाध्याय, सतीश श्रीवास्तव, जीतेंद्र द्विवेदी, अमित सिंह, कमलेश सिंह, रजनीश त्रिपाठी, मेहताब आलम, सिम्मी भाटिया, हिफजुर्रहमान, सुप्रिया सिंह, विवेक श्रीवास्तव, शिक्षक सर्वेष्ट मिश्र, गुलाम नबी अहमद के साथ ही अनेक लोगों को सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम को कराने में दिल्ली प्रेस के उत्तर प्रदेश सरकुलेशन प्रबंधक ऋषि श्रीवास्तव, बृहस्पति पांडेय, पंकज त्रिपाठी व सचिंद्र शुक्ल का खास योगदान रहा.