सरिता विशेष

युवा उम्र में हीरो जैसी स्टाइल रखने का शौक कुछ लडको को बहुत होता है.वह सोचते है कि हीरो जैसा स्टाइल रखने, स्पोट्स बाइक से सडको पर फर्राटा भरने से वह हीरो लगने लगते है.कई बार लडकियां इनको हीरो समझ लेती है.दरअसल पढने लिखने की उम्र में ऐसे भ्रम पाल कर लडके खुद को भी धोखा देते है और लडकियों को भी अपने झांसे में फंसा लेते है.सच्चाई पता चलने पर लडकियां भी खुद को ठगा अनुभव करती है.लडकियों को इंप्रेस करने का शौक ऐसे लडको पर भारी पडता है.अपने खर्चो को पूरा करने के लिये यह लडके लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देने लगते है.लखनऊ पुलिस ने सिद्वार्थ मोहन, विशाल चैहान और आयुश आंनद को बाइक चोरी की घटना में पकडा.पुलिस को इनके पास से 2 बाइक, 10 मोबाइल और नकदी बरामद की.लखनऊ के एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि विकासनगर थाने की पुलिस जांच कर रही थी.यह युवक कुछ सदिग्ध दिखे.3 युवक पक डमें आ गये और 1 आकाश राठौर भागने में सफल रहा.आकाश ही इनका सरगना था.आकाश ने फिल्म ‘किक’ और ‘ धूम’ देखकर 14 बाइकर्स का गैंग बनाया.

यह लोग रेस लगाने के साथसाथ नशे और शाहखर्ची का शिकार हो गये.जिसके लिये यह लूट करने लगे.पुलिस को इन लोगों से 23 लूट की घटनाओं का पता चला.यह लोग केवल महिलाओं का पर्स छीन लेते थे.पर्स में ही इनको कुछ नकद पैसे और मोबाइल के सेट मिल जाते थे.सिद्वार्थ के लंबे बाल देखकर महिलाये उसको लडकी समझ लेती थी.वह अपना चेहरा ढके रहता था.ऐसे में हर कोई लडकी समझ कर पुलिस से उसकी शिकायत करता था.पुलिस लूट करने वाली लडकी को खोजती रह जाती थी.इधर यह अपराधी आराम से पुलिस के सामने से ही निकल जाते थे.पुलिस ने लूट की शिकार 5 महिलाओं के सामने इनको पेश किया तो उन लोगों ने इनको पहचान लिया.यह सभी युवा अच्छे घरो से ताल्लुक रखते है.बाइक, मोबाइल,गर्लफ्रंैड के शौक ने इनमें शाहखर्ची बढा दी.अपने खर्चो को पूरा करने के लिये यह लोग लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने लगे.यह सभी अपना स्टाइल और लुक ऐसा रखते थे कि दूर से देखकर फैशनेबल युवा नजर आये.

इनकी स्टाइल और फैशन देखकर कोई भी इनको हीरो समझने की गलती कर बैठता था.जब इनके राजखुले तो लगा कि हर स्टाइल वाला युवा हीरो नहीं होता है.कई बार ऐसे लोग अपराध का शिकार हो जाते है.यह लोग खुद तो भम्र में रहते ही है अपने परिवार और दूसरे लोगों को भी भ्रम में रखते है.किशोर उम्र के बच्चों को लेकर उनके पैरेंटस को बहुत सचेत रहने की जरूरत होती है.ऐसे बच्चों को बाइक का शौक लग जाता है.जिन के पास बाइक होती है उनके कई दोस्त भी बन जाते है.यह मौजमस्ती करने के लिये पहले घर से पैसा लेते है जब घर से पैसा कम मिलता है या पैसा देने के समय तमाम तरह के सवाल जवाब होते है तो यह लोग चोरी, लूट और दूसरे अपराध करने लगते है.लडकियां भी ऐसे युवाओं को देखकर सचेत रहे.स्टाइल से कोई हीरो नहीं होता है.