सोने नहीं दूंगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ऐलान कर दिया है कि वे शीला दीक्षित नहीं हैं, अरविंद केजरीवाल हैं. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैन से सोने नहीं देंगे. दिल्ली में फिर से बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के बाद अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल, नजीब जंग से मुलाकात कर बाहर आए तो बेहद तिलमिलाए हुए थे. जाहिर है भीतर वे ही चैन से बैठ नहीं पाए थे. एक सांस में कई बातें कर गए अरविंद केजरीवाल को शायद मालूम नहीं कि वैसे ही नरेंद्र मोदी बमुश्किल 4 घंटे सो पाते हैं और अपनी यह पीड़ा वे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा तक से साझा कर चुके हैं, ऐसे में उन की नींद और हराम करना कोई तुक की बात नहीं. खानापीना मुश्किल करें तो बात एकदफा बन सकती है. बेहतर तो यह होगा कि वे दिल्ली के लोगों के लिए बेफिक्री से सोने की व्यवस्था करें.

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स्वीट सिक्सटी

जयराम रमेश की गिनती कांग्रेस के बुद्धिजीवी और होनहार नेताओं में होती है, शायद यही साबित करने के लिए वे बीते दिनों कह बैठे कि अब कांग्रेस से 60 की उम्र के नेता चलता कर दिए जाएंगे, वे अब सलाहकार की भूमिका निभाएंगे. इस सनातनी बात के इतने ही माने निकालने वालों ने निकाले कि अगर ऐसा किया तो कांग्रेस में राहुल और उन के 10 सदस्यीय फ्रैंड्स क्लब के अलावा कौन बचेगा. दूसरे, अब कांग्रेस कहां है और कितनी बची है और तीसरे, खुद जयराम रमेश और सोनिया गांधी क्या करेंगे. सलाहकार बन जाएं, हर्ज की बात नहीं. पर सलाह देंगे किसे?

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उपले औनलाइन

उपलों या कंडों की इकलौती खूबी यह है कि ये गाय के गोबर से ही बनाए जा सकते हैं क्योंकि किसी और जानवर के गोबर की संरचना ऐसी नहीं होती कि उस के उपले बनाए जा सकें. इधर, देशभर में गाय और उस के मांस पर कोहराम मचा रहा और उधर उपले औनलाइन बिक गए, वह भी 20 रुपए का एक. ऐसे में कई न्यूज चैनल वाले उपला निर्माताओं के पास यानी तबेलों में गए और उन के इंटरव्यू ले डाले. हिंदू धर्म के हर कर्मकांड में उपले अनिवार्य हैं. बगैर इन के धुएं के हर्ष और शोक नहीं मनाए जा सकते. अब हालत यह है कि बढ़ते शहरीकरण के चलते लोग उपला दर्शन को तरस जाते हैं. नई पीढ़ी के बच्चों ने तो दुर्लभ होते इस आइटम को देखा भी नहीं है. वह धर्म ही है जो घासफूस और उपलों तक को भी औनलाइन बिकवा रहा है, इसलिए धन्य भी है.

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एक रात का साथ

महाराष्ट्र में कुछ भी ठीकठाक नहीं है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कभी भाजपा को हड़का देते हैं तो कभी पीएम नरेंद्र मोदी की खिंचाई करते हैं. जवाब में भाजपा ने आखिरकार इशारा कर ही दिया कि वह भी कुछ भी कर सकती है. दिन तो पूरा साथ गुजारा ही, बीती 17 अक्तूबर की रात वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बारामती में राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के घर में बिताई. यह बात हैरान कर देने वाली थी. वजह, मंत्री अव्वल आजकल रात बेवजह कहीं और बिताते नहीं,  मजबूरी हो तो रैस्ट हाउस या सर्किट हाउस या किसी पांचसितारा होटल में चले जाते हैं. हालांकि पवार का घर भी किसी राजमहल से कम नहीं लेकिन वह कृत्य जानबूझ कर किया गया था ताकि उद्धव ठाकरे संभल जाएं. और अगर वे न संभले तो भाजपा संभलने के लिए पवार का पल्ला थाम सकती है.